Irfan Solanki Surrender: भाजपा नेता से मिले थे विधायक, अकेले करना था सरेंडर, अचानक बदली योजना, पढ़िए पूरी कहानी
सपा विधायक इरफान सोलंकी के नटकीय सरेंडर की चर्चा ही तरफ है। दरअसल, उनका सरेंडर योजनाबद्ध तरीके से कराया गया। पुलिस दफ्तर में अकेले जाकर सरेंडर करने की योजना थी, लेकिन अचानक योजना बदल गई। इरफान सीपी आवास काफिला लेकर पहुंचे थे, जिसका लाइव वीडियो भी फेसबुक पर चलाया गया था।
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विस्तार
सपा विधायक इरफान सोलंकी के सरेंडर करने के मामले में कानपुर पुलिस की खूब किरकिरी हुई। एक आरोपी का लावलश्कर के साथ पुलिस कमिश्नर के बंगले पर जाना, वहां बराबरी में बैठना चर्चा का विषय बना रहा। इस बीच जानकारी हुई कि सरेंडर करने से पहले विधायक ने भाजपा नेता से मुलाकात की थी।
योजना के मुताबिक विधायक को अकेले पुलिस दफ्तर में जाकर सरेंडर करना था, लेकिन वे काफिला लेकर सीपी आवास पहुंच गए। इरफान सोलंकी आठ नवंबर से फरार थे। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान वह अपने वकील, एक भाजपा नेता के सीधे संपर्क में थे। इसके बाद भाजपा नेता व वकील के संपर्क में पुलिस अफसर आए।
इसके बाद सरेंडर कराने की योजना तैयार की। सूत्रों ने बताया कि तय हुआ था कि शुक्रवार को इरफान सोलंकी सीधे पुलिस दफ्तर जाएंगे। यहीं पर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। समर्थकों के साथ आने की बात तय नहीं हुई थी। कुछ पुलिसकर्मी उनके घर के बाहर तैनात किए गए थे।
ताकि वे घर पहुंचे तो गिरफ्तारी कर ली जाए, लेकिन मामला उलट गया। इरफान पहले भाजपा नेता के घर गए। उसके बाद साथी विधायकों से मुलाकात की। सभी एक जगह पर इकट्ठा हुए और सीधे पुलिस कमिश्नर के आवास पर पहुंच गए। वहां का पूरा लाइव वीडियो भी फेसबुक पर चलाया।
रिजवान के आने की नहीं हुई थी डील
पुलिस का पूरा फोकस इरफान की गिरफ्तारी पर था। सरेंडर की बात केवल इरफान की हुई थी। पुलिस के पास रिजवान को लेकर कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन इरफान के साथ रिजवान भी पहुंचा।
वह फरारी के दौरान इरफान के साथ था या कहीं, यह जानकारी पुलिस को भी नहीं थी। जानकारी के मुताबिक फरार होने के दौरान रिजवान कुछ दिन नेपाल में भी रहा है। इस बारे में पुलिस और तफ्तीश कर रही है। जांच के आधार पर केस बनाया जाएगा।
एक और सरेंडर की तैयार हो रही पटकथा
ग्वालटोली में दर्ज किए गए केस में नामजद तीन आरोपी फरार हैं। इनमें नूरी शौकत का भाई और रिश्तेदार भी शामिल हैं। शनिवार को ये दोनों पुलिस कमिश्नर के दफ्तर या आवास पर जाकर सरेंडर करने की फिराक में थे।
वकील ने भी पुलिस से संपर्क कर गिरफ्तारी लिए कहा, लेकिन पुलिस ने गिरफ्तारी नहीं की। इधर जानकारी होने पर पुलिस दफ्तर में पुलिस बल की तैनाती की गई। दरअसल पुलिस पहले विवेचना कर आरोपियों के खिलाफ सुबूत जुटाना चाहती है। उसके बाद गिरफ्तारी करेगी।
पुराने केसों की फाइलें खुलेंगी, कसेगा शिकंजा
पुलिस ने इरफान सोलंकी व रिजवान सोलंकी के आपराधिक इतिहास का विवरण जारी किया है। इरफान पर 11 व रिजवान पर चार केस दर्ज किए गए हैं। रिजवान उन्नाव से भूमाफिया चिह्नित है।
इरफान पर हाल में दो गंभीर मामले दर्ज हुए हैं। तीन केस वो हैं, जो मेडिकल कॉलेज के बवाल के दौरान दर्ज किए गए थे। ये बेहद संगीन आरोपों के थे, लेकिन तब इनमें फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई थी। अन्य केस आचार संहिता व लॉकडाउन उल्लंघन के हैं।
रिजवान पर उन्नाव में धोखाधड़ी, लोक संपत्ति निवारण अधिनियम का एक केस व दूसरा बलवा, मारपीट, हत्या के प्रयास का है। वहीं जाजमऊ व ग्वालटोली में दर्ज किया गया है। ज्वाइंट सीपी ने बताया कि इन सभी केसों की फाइल खोली जाएंगी, जिनमें साक्ष्य पाए जाएंगे उनमें कार्रवाई होगी।