फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Irfan Solanki Case, three eyewitnesses found in Jajmau arson

Irfan Solanki Case: आगजनी मामले के तीन चश्मदीद गवाह मिले, पुलिस ने आठ-दस गवाह और खोजे, केस में इनकी भूमिका अहम

Tue, 06 Dec 2022 06:18 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 06 Dec 2022 06:18 AM IST
सार

जाजमऊ डिफेंस कॉलोनी स्थित प्लॉट की जिस झोपड़ी को जलाने के मामले में तीन चश्मदीद गवाह मिले हैं। इसमें वादिनी नजीर फातिमा का बेटा भी चश्मदीद गवाह है। वहीं, पुलिस ने दो स्वतंत्र चश्मदीद खोज निकाले हैं। साथ ही, पुलिस ने अज्ञात आरोपियों में चार को चिह्नित किया है।

विज्ञापन
Irfan Solanki Case, three eyewitnesses found in Jajmau arson
इरफान सोलंकी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सपा विधायक इरफान सोलंकी उनके भाई रिजवान पर पुलिस लगातार शिकंजा कसती जा रही है। आगजनी के केस में पुलिस की विवेचना में तीन चश्मदीदों का जिक्र है। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ वारदात को अंजाम दिया गया था। इसमें एक चश्मदीद वादिनी का बेटा है, जबकि दो अन्य स्वतंत्र चश्मदीद हैं।

विज्ञापन

पुलिस चश्मदीदों को केस में बेहद अहम मान रही है। इसी आधार पर केस की मजबूती होने का दावा कर रही है। आठ नवंबर को जाजमऊ थाने में नजीर फातिमा ने इरफान व रिजवान पर एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि उनके प्लॉट में बनी झोपड़ी में आरोपियों ने आग लगा दी थी।
विज्ञापन

नजीर ने पुलिस को बताया था कि वारदात की रात वह एक शादी समारोह में गईं थीं। उसी दौरान आगजनी की गई। उस वक्त कुछ सामान लेने के लिए उनका बेटा वहां पहुंचा था। उसने पुलिस को बताया कि भीड़ आई और आग लगा दी। इसमें विधायक इरफान व उनका भाई रिजवान भी था। विरोध करने पर मारपीट भी की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

आठ-दस गवाह और खोजे
पुलिस ने चश्मदीदों के अलावा आठ-दस गवाह और खोजे हैं। लगभग सभी के बयान दर्ज किए हैं। ये ऐसे गवाह बताए जा रहे हैं, जो स्वतंत्र गवाह हैं। यानी उनका न वादी से कोई रिश्ता या संपर्क है और न ही विधायक के पक्ष का। वहीं, आगजनी के मामले में अज्ञात रहे चार आरोपियों को पुलिस ने चिह्नित कर लिया है।

झोपड़ी में पेट्रोल से लगाई गई थी आग
डिफेंस कॉलोनी स्थित प्लॉट की झोपड़ी में आग पेट्रोल से लगाई गई थी। पुलिस ने यह खुलासा फोरेंसिक जांच के आधार पर किया है। इससे पहले विधायक ने आतिशबाजी की चिंगारी से आग लगने की बात कही थी। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने दावा किया कि फोरेंसिक जांच में विधायक की बात गलत साबित हुई है।

आगजनी में पेट्रोल का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने दावा किया कि आगजनी व फर्जी दस्तावेज तैयार कर फरार होने के केस में आरोपियों के खिलाफ फोरेंसिक, वैज्ञानिक व तकनीकी सुबूत उपलब्ध हैं। इसी महीने चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

बता दें जाजमऊ डिफेंस कालोनी निवासी नजीर फातिमा ने आठ नवंबर को सपा विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान व 55 अज्ञात पर केस दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि प्लॉट पर कब्जा करने के लिए इन सभी ने झोपड़ी में आग लगा दी। रंगदारी भी मांगी।

पुलिस इस केस की जांच कर ही रही थी कि सामने आया कि इरफान ने अशरफ अली के नाम से आधार कार्ड बनवाया। इसके जरिये दिल्ली से मुंबई तक का हवाई सफर किया। इस प्रकरण में ग्वालटोली थाने में केस दर्ज किया गया। विधायक, रिजवान समेत छह आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।

घटनास्थल के आसपास ही थी मौजूदगी
जेसीपी ने बताया कि जाजमऊ की घटना की जांच के दौरान सर्विलांस टीम ने तफ्तीश की। कई नंबरों की लोकेशन व कॉल डिटेल निकाली गई। इससे पता चला कि घटना के वक्त आरोपी इरफान व रिजवान की लोकेशन घटनास्थल के आसपास ही थी। कुछ अहम गवाह भी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed