Irfan Solanki Case: पांच दिसंबर को जमानत अर्जी पर होगी सुनवाई, गलत शपथ पत्र देने के मामले में कार्रवाई की मांग
जाजमऊ आगजनी मामले में सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी फरार चल रहे हैं। आज सपा विधायक की अग्रिम जमानत पर सुनवाई होनी थी, लेकिन बचाव पक्ष ने नए तथ्य लगाने के लिए समय मांगा है। वहीं, रिजवान के गलत शपथ पत्र देने पर भी कार्रवाई की मांग की गई है।
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विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई अब पांच दिसंबर को होगी। एडीजीसी रविंद्र अवस्थी ने बताया कि मामले में पुलिस की रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी गई। इरफान के अधिवक्ता नरेश चंद्र त्रिपाठी ने जिला जज की अदालत में एक प्रार्थना पत्र दिया है।
उसमें कहा है कि मामले के संबंध में कुछ नए तथ्य सामने आए हैं, जिनको कोर्ट के सामने रखने के लिए समय दिया जाना चाहिए। इरफान के अधिवक्ता की ओर से समय मांगे जाने पर कोर्ट ने पांच दिसंबर सुनवाई के लिए तारीख नियत कर दी है।
बता दें कि जाजमऊ के डिफेंस कॉलोनी स्थित घर में आगजनी के मामले में पुलिस ने इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी है। दोनों की फरारी के चलते पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है।
इरफान को फरार कराने में मदद करने के संबंध में पुलिस में मंगलवार को इरफान की बहन नूरी शौकत व उनके दो सालों समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उनके खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचना का भी एक मुकदमा दर्ज हुआ है।
आगजनी मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए इरफान और रिजवान की ओर से अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। इस पर गुरुवार को जिला जज संदीप जैन की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने विधायक पक्ष के अधिवक्ता के अनुरोध को स्वीकार करते हुए पांच दिसंबर की तारीख अगली सुनवाई के लिए तय की है।
रिजवान ने दिया था गलत शपथ पत्र
अग्रिम जमानत अर्जी के दौरान रिजवान सोलंकी की ओर से कोर्ट में दाखिल शपथ पत्र में खुद को चार बार का विधायक बताए जाने के मामले में विवेचक अशोक कुमार दुबे ने गुरुवार को जिला जज की अदालत में एक अर्जी दाखिल कर कार्रवाई की मांग की है।
एडीजीसी रविंद्र अवस्थी ने बताया कि विवेचक की ओर से कोर्ट में अर्जी देकर झूठी तथ्य कोर्ट के समक्ष रखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि झूठा साक्ष्य देकर न्याय प्रशासन पर प्रभाव डालने का अपराध किया है। इसलिए रिजवान को कोर्ट में तलब किया जाना चाहिए।
वहीं, रिजवान की ओर से अधिवक्ता ने ऐसी किसी मंशा को नकारते हुए इसे सिर्फ टाइपिंग की गलती बताया है। यह जवाब बचाव पक्ष ने गलत शपथ पत्र देने के मामले में विवेचक की ओर से कोर्ट में कार्रवाई की मांग पर दिया गया है।