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Irfan Solanki Case: केस डायरी न आने से टली जमानत अर्जी पर सुनवाई, अगली तारीख 21 दिसंबर
Wed, 14 Dec 2022 11:19 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 14 Dec 2022 11:19 PM IST
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इरफान सोलंकी
- फोटो : सोशल मीडिया
सपा विधायक इरफान सोलंकी व उनके भाई समेत कई आरोपियों की जमानत अर्जी व अग्रिम जमानत अर्जियों पर बुधवार को सुनवाई होनी थी। जिला जज के अवकाश पर होने के चलते अपर जिला जज प्रथम अजय कुमार त्रिपाठी की अदालत में सुनवाई हुई लेकिन केस डायरी व पुलिस रिपोर्ट न आ पाने के कारण सुनवाई के लिए अगली तारीख लगा दी गई।
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जाजमऊ आगजनी मामले में फरार चल रहे सपा विधायक इरफान सोलंकी द्वारा फर्जी आधार कार्ड से हवाई यात्रा करने के आरोप में ग्वालटोली थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। एडीजीसी रवींद्र अवस्थी ने बताया कि इस मामले में आरोपी सपा विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान, इरफान के साले अनवार व अख्तर मंसूरी, सपा नेत्री नूरी शौकत, उसके भाई अशरफ अली उर्फ शेखू, उसके मौसा इशरत अली व नूरी के ड्राइवर अम्मार इलाही उर्फ अली की जमानत अर्जियों पर सुनवाई होनी थी। अभियोजन की ओर से तर्क रखा गया कि अब तक रिजवान को मामले में आरोपी ही नहीं बनाया गया है।
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मामले में केस डायरी व पुलिस आख्या न आ पाने के कारण कोर्ट से अगली तारीख की मांग की गई। बचाव पक्ष की ओर से अम्मार इलाही के अधिवक्ता ने बीमारी का हवाला देते हुए जल्द सुनवाई के लिए कोर्ट से मांग की। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अम्मार के मामले में सुनवाई के लिए 19 दिसंबर और बाकी आरोपियों के मुकदमों की सुनवाई के लिए 21 दिसंबर की तारीख नियत कर दी। वहीं इरफान और रिजवान के जेल जाने के बाद जाजमऊ थाने में दोनों के खिलाफ रंगदारी और मारपीट व बलवा के आरोप में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए थे।
इन मामलों में दोनों की ओर से अग्रिम जमानत अर्जी कोर्ट में दाखिल की गई है। एडीजीसी रवींद्र अवस्थी ने तर्क रखा कि दोनों आरोपी जेल में बंद हैं, ऐसे में अग्रिम जमानत अर्जी महत्वहीन है जबकि बचाव पक्ष की ओर से तर्क रखा गया कि इन मामलों में अब तक पुलिस ने वारंट तामील नहीं कराया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अग्रिम जमानत अर्जियों पर सुनवाई के लिए भी कोर्ट ने 21 दिसंबर की तारीख नियत कर दी है।
इन मामलों में दोनों की ओर से अग्रिम जमानत अर्जी कोर्ट में दाखिल की गई है। एडीजीसी रवींद्र अवस्थी ने तर्क रखा कि दोनों आरोपी जेल में बंद हैं, ऐसे में अग्रिम जमानत अर्जी महत्वहीन है जबकि बचाव पक्ष की ओर से तर्क रखा गया कि इन मामलों में अब तक पुलिस ने वारंट तामील नहीं कराया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अग्रिम जमानत अर्जियों पर सुनवाई के लिए भी कोर्ट ने 21 दिसंबर की तारीख नियत कर दी है।