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फर्जी जमानतों पर छूटे थे ईरानी गैंग के बदमाश, गैंग का सक्रिय बदमाश बाड़मेर जेल में है बंद
Fri, 05 Feb 2021 12:55 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 05 Feb 2021 12:55 PM IST
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यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
सीआईडी तो कभी एसटीएफ बताकर लोगों से लाखों की टप्पेबाजी करने वाले ईरानी गैंग के सक्रिय बदमाश पिल्लौर हुसैन व उसके तीन साथी भी फर्जी तरीके से जमानत हासिल करके जेल से छूटे थे। इन दिनों पिल्लौर राजस्थान की बाड़मेर जेल में हैं।
पुलिस ने बाड़मेर जाकर उसके खिलाफ बी वारंट तामील कराया है। टप्पेबाजी की अधिकतर वारदातों में ईरानी गैंग का हाथ होता है। ये पुलिस, सीआईडी या फर्जी आईपीएस अधिकारी आदि बनकर लोगों से रकम, जेवरात आदि पार कर देते हैं।
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पुलिस ने बाड़मेर जाकर उसके खिलाफ बी वारंट तामील कराया है। टप्पेबाजी की अधिकतर वारदातों में ईरानी गैंग का हाथ होता है। ये पुलिस, सीआईडी या फर्जी आईपीएस अधिकारी आदि बनकर लोगों से रकम, जेवरात आदि पार कर देते हैं।
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कुछ समय पहले शहर में भी वारदात हुई थी। इसमें राजस्थान के बाड़मेर निवासी गैंग के चार सदस्य पिल्लौर हुसैन, अनवर मिर्जा, रियासत खान व महाराष्ट्र के जल गांव निवासी मोहम्मद अली को कलक्टरगंज पुलिस ने जेल भेजा था।
सभी जमानत पर छूट गए थे। एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जांच में पता चला कि आरोपियों ने फर्जी जमानतदारों के जरिये जमानत ली है। इसलिए उनको भी आरोपी बनाया गया है।
विवेचक ने बाड़मेर जाकर वहां की कोट में वारंट तामील करवा दिया है। वहां से अनुमति मिलने के बाद आरोपी कानपुर लाए जाएंगे। बीते साल एक नवंबर को बिरहाना रोड पर चोकर कारोबारी के कर्मचारी रंजीत से पांच लाख की टप्पेबाजी में भी गैंग का हाथ होने की आशंका है।
सभी जमानत पर छूट गए थे। एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जांच में पता चला कि आरोपियों ने फर्जी जमानतदारों के जरिये जमानत ली है। इसलिए उनको भी आरोपी बनाया गया है।
विवेचक ने बाड़मेर जाकर वहां की कोट में वारंट तामील करवा दिया है। वहां से अनुमति मिलने के बाद आरोपी कानपुर लाए जाएंगे। बीते साल एक नवंबर को बिरहाना रोड पर चोकर कारोबारी के कर्मचारी रंजीत से पांच लाख की टप्पेबाजी में भी गैंग का हाथ होने की आशंका है।