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पिंटू सेंगर हत्याकांड में ठंडे बस्ते में पड़ी एसपी पूर्वी पर बैठी जांच, अफसरों पर नहीं आती कोई आंच
Sun, 10 Jan 2021 11:48 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 10 Jan 2021 11:48 AM IST
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पूर्व बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
पुलिस विभाग में जांच के नाम पर पुलिसकर्मियों के कारनामों पर पर्दा डाला जा रहा है। जब भी खाकी पर आरोप लगता है, तुरंत जांच के आदेश होते हैं। हालांकि बाद में कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली जाती है। कुल मिलाकर जांच पुलिसकर्मियों के बचाव का शस्त्र बनकर रह गया है। यही वजह है कि एसपी पूर्वी से लेकर कई पुलिसकर्मियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
एसपी और इंस्पेक्टरों पर बैठी जांच दरकिनार
पिंटू सेंगर हत्याकांड में मुख्य आरोपी मनोज गुप्ता और वीरेंद्र पाल को निर्दोष बताना व महफूज अख्तर का नाम केस से बाहर निकालने पर जांच के आदेश हुए थे। जांच एसपी पश्चिम को सौंपी गई थी, जिसमें दो इंस्पेक्टरों रवि कुमार श्रीवास्तव व रामकुमार गुप्ता की भूमिका जांची जानी है।
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एसपी और इंस्पेक्टरों पर बैठी जांच दरकिनार
पिंटू सेंगर हत्याकांड में मुख्य आरोपी मनोज गुप्ता और वीरेंद्र पाल को निर्दोष बताना व महफूज अख्तर का नाम केस से बाहर निकालने पर जांच के आदेश हुए थे। जांच एसपी पश्चिम को सौंपी गई थी, जिसमें दो इंस्पेक्टरों रवि कुमार श्रीवास्तव व रामकुमार गुप्ता की भूमिका जांची जानी है।
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पिंटू सेंगर हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
अब तक इसमें कुछ नहीं हुआ। वहीं हत्याकांड के चार घंटे के बाद एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल की हत्यारोपी महफूज से फोन पर हुई लंबी बातचीत के मामले में एडीजी ने डीआईजी को जांच सौंपी थी। इसमें भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसपी ट्रांसफर होकर चले भी गए।
यहां भी वही हाल
बजरिया में आधी रात को दबिश देकर युवती से अभद्रता करने के मामले में दरोगा मोहम्मद खालिद व अन्य तीन सिपाहियों के खिलाफ जांच बैठाई गई। सप्ताह भर बीत गया लेकिन कार्रवाई के नाम पर शून्य है। वाजिदपुर में हुए बवाल के बाद जाजमऊ चौकी प्रभारी अनुराग सिंह को लाइन हाजिर कर जांच के आदेश दिए गए थे। इसमें भी दरोगा पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
आंखों के सामने सुबूत, फिर भी एसओ का बचाव
चोरी की कार से चलने वाले बिठूर एसओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह पर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीओ कल्याणपुर मामले की जांच कर रहे हैं। आंखों के सामने सुबूत हैं लेकिन एसओ को अब तक लाइन हाजिर तक नहीं किया गया।
यहां भी वही हाल
बजरिया में आधी रात को दबिश देकर युवती से अभद्रता करने के मामले में दरोगा मोहम्मद खालिद व अन्य तीन सिपाहियों के खिलाफ जांच बैठाई गई। सप्ताह भर बीत गया लेकिन कार्रवाई के नाम पर शून्य है। वाजिदपुर में हुए बवाल के बाद जाजमऊ चौकी प्रभारी अनुराग सिंह को लाइन हाजिर कर जांच के आदेश दिए गए थे। इसमें भी दरोगा पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
आंखों के सामने सुबूत, फिर भी एसओ का बचाव
चोरी की कार से चलने वाले बिठूर एसओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह पर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीओ कल्याणपुर मामले की जांच कर रहे हैं। आंखों के सामने सुबूत हैं लेकिन एसओ को अब तक लाइन हाजिर तक नहीं किया गया।