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इंस्पेक्टर और रिटायर्ड कर्नल समेत 5 पर रिपोर्ट, महिला का आरोप- बेटे के सामने किया दुष्कर्म

Tue, 27 Nov 2018 08:13 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 27 Nov 2018 08:13 AM IST
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Inspector Retired Colonel including five accused of rape with woman
डेमो पिक
कानपुर: नजीराबाद थानाध्यक्ष रहे अखिलेश गौड़ (अब मुजफ्फरनगर में इंस्पेक्टर), रिटायर्ड कर्नल राकेश और तीन अन्य के खिलाफ दुष्कर्म, छेड़छाड़, धोखाधड़ी और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज हुई है। उन पर एक विधवा ने बेटे के सामने दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की है। घटना के पीछे प्रापर्टी विवाद बताया गया है।
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अशोक नगर की एक विधवा महिला ने धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद रहने के दौरान वकील के माध्यम से कोर्ट में अर्जी दी थी। इसमें बताया कि उसका अशोक नगर में 100 वर्ग गज का मकान है। पति की कैंसर से मौत हो गई थी। इलाज में लाखों रुपये खर्च हुए थे। इससे वह आर्थिक रूप से टूट गई थी। इसी बीच वर्ष 2015 में उसकी मुलाकात ग्राम पंचायत कीरतपुर के मजरा मरहमत नगर, चौबेपुर के मनोज कुमार यादव से हुई।
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मनोज ने मदद के बहाने उसका विश्वास जीत लिया। मनोज ने कहा कि अशोक नगर का उसका मकान 60-70 लाख का बिक जाएगा। इस धनराशि से दस लाख रुपये में ई डब्लूएस का मकान मिल जाएगा। बाकी रकम बैंक में जमा करके उसके ब्याज से घर का खर्च चलाना। इसके बाद मनोज ने बर्रा में उसे 12 लाख रुपये कीमत का एक मकान दिखाया। 23 फरवरी 2015 को मनोज के जरिये जवाहर नगर निवासी रिटायर्ड कर्नल राकेश दीक्षित और प्रताप चंद्र वर्मा से 65 लाख रुपये में मकान का सौदा हुआ। कर्नल व प्रताप चंद्र ने उन्हें विभिन्न बैंकों के चेक दिए।
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पुलिस वाले जीप में बैठाकर एक होटल में ले गए...

इसके अगले दिन तीनों उसे कचहरी ले गए। वहां पांच लाख रुपये देकर धोखे से 30 लाख रुपये में  मकान बेचने के एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करवा लिए। 60 लाख रुपये अभी तक नहीं दिए। पांच लाख रुपये भी मनोज ने बर्रा में मकान दिलाने के नाम पर ले लिए।  इसके बाद आरोपी 30 लाख रुपये में मकान की रजिस्ट्री करने का दबाव बनाने लगे। 22 जून 2015 को कर्नल राकेश, तत्कालीन नजीराबाद थानाध्यक्ष अखिलेश गौड़ व तीन-चार सिपाही घर पर आए।

पुलिस वाले उसे जीप में बैठाकर 80 फिट रोड स्थित एक होटल में ले गए। वहां उसके बेटे को भी बुलाया। महिला का आरोप है कि आरोपियों ने उसके बेटे को गोली मारने की धमकी देकर उसके साथ मारपीट की। छेड़छाड़ व दुष्कर्म किया। वहां दबाव डालकर आरोपियों ने सादे कागजों व स्टांप पर उससे जबरदस्ती हस्ताक्षर करा लिए। उसके खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करके 23 जून 2015 को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।

 

पहले कर्नल ने महिला के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी...

जेल से उसने रिपोर्ट लिखाने के लिए पुलिस अफसरों व थाने में तहरीर भेजी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने जेलर के माध्यम से अपने वकील को अर्जी भेजकर न्यायालय से न्याय की गुहार लगाई। नजीराबाद थाना प्रभारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेेश पर इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ (वर्तमान में मुजफ्फरनगर में तैनात), रिटायर्ड कर्नल राकेश दीक्षित, प्रताप चंद्र, मनोज कुमार यादव, भूपेंद्र यादव व अज्ञात के खिलाफ दुष्कर्म, कूटरचित दस्तावेज तैयार करना, धोखाधड़ी, मारपीट, गाली-गलौज और धमकी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पहले कर्नल ने महिला के खिलाफ 2015 में नजीराबाद थाने में धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में रिपोर्ट लिखाई थी।

एसएसपी का बयान
कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई है। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। मामले की विवेचना व साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इस वक्त पीड़ित महिला जमानत पर जेल से बाहर है। 
अनंत देव, एसएसपी
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