{"_id":"d01b7d773180721aa594be7230041a01","slug":"inspector-ranjna-gupta-will-get-laxman-awards-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर की दरोगा बिटिया को मिलेगी ‘लक्ष्मण पुरस्कार’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर की दरोगा बिटिया को मिलेगी ‘लक्ष्मण पुरस्कार’
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sat, 11 Apr 2015 03:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर की बिटिया व महिला दरोगा रंजना गुप्ता को वर्ष-2015 के ‘लक्ष्मण पुरस्कार’ के लिए चुना गया है। वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज हैं। प्रदेश में पहली बार किसी को शूटिंग में लक्ष्मण पुरस्कार मिलने जा रहा है। रंजना ने अपनी निशानेबाजी के दम पर शूटिंग में एक नहीं दर्जनों इंटरनेशनल, नेशनल और स्टेट लेवल के पुरस्कार जीते हैं।
अगले माह प्रस्तावित कार्यक्रम में रंजना को मुख्यमंत्री ‘लक्ष्मण पुरस्कार’ प्रदान करेंगे। पुरस्कार की घोषणा होने के बाद से रंजना के घर सहित झांसी महिला थाने में खुशी का माहौल है। रंजना शहर में दबौली की रहने वाली हैं और वर्तमान में झांसी महिला थाना प्रभारी के रूप में तैनात हैं।
रंजना बचपन से पढ़ाई में अव्वल होने के साथ ही खेल प्रतियोगिताओं में भी अव्वल रहीं। यही काबिलियत आज उन्हें इस मुकाम तक ले गई। रंजना 2007 में स्पोर्ट्स कोटे से दरोगा के पद पर सीधे भर्ती हुईं थीं। एक साल की ट्रेनिंग खत्म होने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग उरई के कोंच बस स्टैण्ड चौकी इंचार्ज के रूप में हुई।
विज्ञापन
अपनी काबिलियत और मेधा के बल पर 18 सितंबर 2014 को उन्हें झांसी महिला थानाध्यक्ष की कुर्सी मिली।
इंटरनेशनल गेम्स के लिए चंदा करके मंगाई शूटिंग रायफल
रंजना ने बताया कि वर्ष 2014 में उनका चयन इंटरनेशनल शूटिंग के लिए कर लिया गया था लेकिन विडंबना थी कि उनके पास कंपटीशन में भाग लेने के लिए रायफल ही नहीं थी। उनकी प्रतिभा और लगन को देखते हुए पांच भाइयों प्रेमचंद्र, राजेन्द्र, सुरेश, महेश, संजीव ने 50-50 हजार रुपए चंदा दिया था।
फिर भी रुपये पूरे नहीं हुए तो रिश्तेदारों और नजदीकी लोगों ने 13.50 लाख रुपए का इंतजाम किया। इसके बाद स्विटजरलैंड से रायफल खरीदी गई और इंटरनेशनल गेम्स में भाग लेने के लिए गईं।
विज्ञापन
अगले माह प्रस्तावित कार्यक्रम में रंजना को मुख्यमंत्री ‘लक्ष्मण पुरस्कार’ प्रदान करेंगे। पुरस्कार की घोषणा होने के बाद से रंजना के घर सहित झांसी महिला थाने में खुशी का माहौल है। रंजना शहर में दबौली की रहने वाली हैं और वर्तमान में झांसी महिला थाना प्रभारी के रूप में तैनात हैं।
विज्ञापन
रंजना बचपन से पढ़ाई में अव्वल होने के साथ ही खेल प्रतियोगिताओं में भी अव्वल रहीं। यही काबिलियत आज उन्हें इस मुकाम तक ले गई। रंजना 2007 में स्पोर्ट्स कोटे से दरोगा के पद पर सीधे भर्ती हुईं थीं। एक साल की ट्रेनिंग खत्म होने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग उरई के कोंच बस स्टैण्ड चौकी इंचार्ज के रूप में हुई।
विज्ञापन
अपनी काबिलियत और मेधा के बल पर 18 सितंबर 2014 को उन्हें झांसी महिला थानाध्यक्ष की कुर्सी मिली।
इंटरनेशनल गेम्स के लिए चंदा करके मंगाई शूटिंग रायफल
रंजना ने बताया कि वर्ष 2014 में उनका चयन इंटरनेशनल शूटिंग के लिए कर लिया गया था लेकिन विडंबना थी कि उनके पास कंपटीशन में भाग लेने के लिए रायफल ही नहीं थी। उनकी प्रतिभा और लगन को देखते हुए पांच भाइयों प्रेमचंद्र, राजेन्द्र, सुरेश, महेश, संजीव ने 50-50 हजार रुपए चंदा दिया था।
फिर भी रुपये पूरे नहीं हुए तो रिश्तेदारों और नजदीकी लोगों ने 13.50 लाख रुपए का इंतजाम किया। इसके बाद स्विटजरलैंड से रायफल खरीदी गई और इंटरनेशनल गेम्स में भाग लेने के लिए गईं।