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'लड़कों से तो नहीं मिलवाया जाता', फिर संवासिनियों ने तपाक से दिया ये जवाब
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 07 Aug 2018 04:43 PM IST
सार
- एसीएम, सीओ, प्रोबेशन अधिकारी ने की जांच
- महिला शरणालय और बालिका बालक गृह गई टीम
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फाइल फोटो
विस्तार
बिहार के मुजफ्फरपुर और प्रदेश के देवरिया नारी निकेतनों में देह व्यापार का खुलासा होने पर कानपुर शहर में भी जांच-पड़ताल कराई गई। जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत ने टीम बनाकर महिला शरणालय और बालिका बालक गृह स्वरूप नगर भेजा।
जांच में एसीएम और सीओ ने महिलाओं और किशोरियों से पूछा कि लड़कों से जबरदस्ती मिलवाया तो नहीं जाता है तो जवाब मिला नहीं। सिर्फ मां, पिता, भाइयों से ही मुलाकात कराई जाती है। किसी तरह की अनियमितता या गड़बड़ी नहीं मिली है।
जिलाधिकारी ने जांच के लिए एसीएम 4 रिजवाना शाहिद, सीओ कलक्टरगंज श्वेता यादव और जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक पांडेय को भेजा। यह टीम पहले महिला शरणालय में गई। महिला शरणालय में इस समय 70 महिलाएं और उनके 10 बच्चे हैं।
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जांच में एसीएम और सीओ ने महिलाओं और किशोरियों से पूछा कि लड़कों से जबरदस्ती मिलवाया तो नहीं जाता है तो जवाब मिला नहीं। सिर्फ मां, पिता, भाइयों से ही मुलाकात कराई जाती है। किसी तरह की अनियमितता या गड़बड़ी नहीं मिली है।
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जिलाधिकारी ने जांच के लिए एसीएम 4 रिजवाना शाहिद, सीओ कलक्टरगंज श्वेता यादव और जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक पांडेय को भेजा। यह टीम पहले महिला शरणालय में गई। महिला शरणालय में इस समय 70 महिलाएं और उनके 10 बच्चे हैं।
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फाइल फोटो
एसीएम और सीओ ने पहले सामूहिक रूप से सभी से पूछा कि बाहरी लड़कों या पुरुषों से जबरन मिलवाया तो नहीं जाता है। सभी ने कहा कि नहीं। इसके बाद दोनों अफसरों ने चार-पांच महिलाओं को अलग ले जाकर कई तरह के सवाल किए। पूछा कि कोई बाहरी पुरुष तो यहां नहीं आता-जाता है। जबरन किसी के साथ तो नहीं भेजा जाता है।
सभी ने कहा कि इस तरह की कोई बात नहीं है। इसके बाद टीम बगल में ही स्थित बालिका बालक गृह पहुंची। यहां पर 10 से लेकर 18 साल तक की 97 लड़कियां थीं।
एसीएम और सीओ ने यहां भी महिला शरणालय की तरह कई सवाल पूछे। किसी ने कोई भी शिकायत नहीं की। एसीएम ने बताया कि दोनों गृहों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इससे 24 घंटे निगरानी की जाती है। दोनों गृहों में किसी तरह की अनियमितता या गड़बड़ी नहीं मिली। लगातार निगरानी होती रहेगी।
सभी ने कहा कि इस तरह की कोई बात नहीं है। इसके बाद टीम बगल में ही स्थित बालिका बालक गृह पहुंची। यहां पर 10 से लेकर 18 साल तक की 97 लड़कियां थीं।
एसीएम और सीओ ने यहां भी महिला शरणालय की तरह कई सवाल पूछे। किसी ने कोई भी शिकायत नहीं की। एसीएम ने बताया कि दोनों गृहों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इससे 24 घंटे निगरानी की जाती है। दोनों गृहों में किसी तरह की अनियमितता या गड़बड़ी नहीं मिली। लगातार निगरानी होती रहेगी।