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एडीएम ने एआरटीओ दफ्तर में पकड़े पांच दलाल
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एआरटीओ कार्यालय में छापेमारी करते एडीएम प्रशासन व एसडीएम।
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। अकबरपुर स्थित एआरटीओ (सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी) दफ्तर में डीएम के निर्देश पर बुधवार को एडीएम प्रशासन और एसडीएम ने पुलिस के साथ छापामारा। इस दौरान दफ्तर के अंदर पांच दलाल पकड़े गए। इनके पास से बड़ी संख्या में गाड़ियों के कागज बरामद हुए। एक कार को भी कब्जे में लिया गया है। इन दलालों पर एफआईआर दर्ज कराने के बजाय पुलिस ने सिर्फ शांतिभंग की कार्रवाई की। इधर, छापामारी के बाद अफसर भी खामोश हो गए।
एआरटीओ दफ्तर में दलाली का साम्राज्य लंबे समय से चल रहा है। डीएम डॉ. दिनेश चंद्र के निर्देश पर बुधवार को एडीएम प्रशासन पंकज वर्मा, एसडीएम आनंद कुमार सिंह ने पुलिस बल के साथ छापामारी की। टीम ने दफ्तर के अंदर से नगर निगम कॉलोनी, काकादेव, कानपुर के रामहजारिया, अकबरपुर के शीलू मिश्रा, बिगाही अकबरपुर के महेश गुप्ता, शास्त्री नगर, कानपुर के सुनील, सरवनखेड़ा के विश्वजीत समेत पांच दलाल पकड़ लिए। इसी बीच कार्रवाई को देखकर कई दलाल बाउंड्रीवाल से कूद कर भाग गए।
पुलिस ने एक दलाल की कार कब्जे में ले ली। उसके अंदर से बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र व अन्य कागजात बरामद हुए। पुलिस ने मामले में आरोपियों पर सिर्फ शांतिभंग की कार्रवाई की। जानकारों की मानें तो दलालों के विरुद्ध भ्रष्टाचार, आम जनता को गुमराह करके रुपये लेने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए थी। दलालों के पकड़े जाने के बाद एआरटीओ मनोज वर्मा, आरआई सत्येंद्र कुमार सिंह कोतवाली पहुंचे। दलालों के पास से मिले रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र व अन्य अभिलेख अपने साथ लेकर चले गए। कोतवाल तुलसीराम पांडेय ने बताया कि दलालों के पास से कोई ऐसे अभिलेख नहीं मिले हैं, जिससे कि उन पर भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दर्ज की जा सके। इससे शांतिभंग की कार्रवाई की गई है।
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डीएम दिनेश चंद्र ने बताया कि एआरटीओ दफ्तर में एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में टीम भेजी गई थी। दलालों पर शांतिभंग की कार्रवाई किए जाने की जानकारी नहीं है। दलालों के पास मिले अभिलेखों की जांच एडीएम प्रशासन व एआरटीओ से कराई जाएगी। इसके बाद उन पर भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दर्ज होगी।
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एआरटीओ दफ्तर में दलाली का साम्राज्य लंबे समय से चल रहा है। डीएम डॉ. दिनेश चंद्र के निर्देश पर बुधवार को एडीएम प्रशासन पंकज वर्मा, एसडीएम आनंद कुमार सिंह ने पुलिस बल के साथ छापामारी की। टीम ने दफ्तर के अंदर से नगर निगम कॉलोनी, काकादेव, कानपुर के रामहजारिया, अकबरपुर के शीलू मिश्रा, बिगाही अकबरपुर के महेश गुप्ता, शास्त्री नगर, कानपुर के सुनील, सरवनखेड़ा के विश्वजीत समेत पांच दलाल पकड़ लिए। इसी बीच कार्रवाई को देखकर कई दलाल बाउंड्रीवाल से कूद कर भाग गए।
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पुलिस ने एक दलाल की कार कब्जे में ले ली। उसके अंदर से बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र व अन्य कागजात बरामद हुए। पुलिस ने मामले में आरोपियों पर सिर्फ शांतिभंग की कार्रवाई की। जानकारों की मानें तो दलालों के विरुद्ध भ्रष्टाचार, आम जनता को गुमराह करके रुपये लेने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए थी। दलालों के पकड़े जाने के बाद एआरटीओ मनोज वर्मा, आरआई सत्येंद्र कुमार सिंह कोतवाली पहुंचे। दलालों के पास से मिले रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र व अन्य अभिलेख अपने साथ लेकर चले गए। कोतवाल तुलसीराम पांडेय ने बताया कि दलालों के पास से कोई ऐसे अभिलेख नहीं मिले हैं, जिससे कि उन पर भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दर्ज की जा सके। इससे शांतिभंग की कार्रवाई की गई है।
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डीएम दिनेश चंद्र ने बताया कि एआरटीओ दफ्तर में एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में टीम भेजी गई थी। दलालों पर शांतिभंग की कार्रवाई किए जाने की जानकारी नहीं है। दलालों के पास मिले अभिलेखों की जांच एडीएम प्रशासन व एआरटीओ से कराई जाएगी। इसके बाद उन पर भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दर्ज होगी।