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15 हजार लोगों को पानी सप्लाई करने वाली टंकी में मिलाया कीटनाशक, बचाव के लिए बंद कराई गई जलापूर्ति

Thu, 03 Oct 2019 11:43 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 03 Oct 2019 11:43 PM IST
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Insecticide mixed with water supply tank to 15 thousand people
कीटनाशक देखती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
कानपुर देहात में नगर पंचायत रसूलाबाद के करीब 15 हजार लोगों को जलापूर्ति देने वाले ओवरहेड टैंक में कीटनाशक मिला देने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जलापूर्ति बंद करके टैंक को खाली कराया जा रहा है। कीटनाशक मिलाने के आरोपी और नलकूप ऑपरेटर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। 
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वाकया लोहिया नगर में स्थित 12 लाख लीटर क्षमता वाले ओवरहेड टैंक का है। इस टैंक पर तैनात नलकूप ऑपरेटर शास्त्री नगर निवासी नंद किशोर ने बृहस्पतिवार सुबह ईओ को पानी में कीटनाशक मिलाए जाने की जानकारी दी। बताया कि उससे रंजिश रखने वाले कस्बे के भोला कुशवाहा ने उसे फंसाने के लिए बुधवार शाम ओवरहेड टैंक में कीटनाशक मिला दिया था।
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भोला को ओवरहेड टैंक से नीचे उतरता देख उसे शक हुआ तो उसने तत्काल टैंक से आबादी में जलापूर्ति रोक दी। टैंक के टॉप पर पहुंचकर देखा तो 500 मिली लीटर की कीटनाशक की शीशी खाली पड़ी थी। ईओ संजय पटेल स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और सप्लाई शुरू न करने के निर्देश दिए। कुछ देर में एसडीएम अंजू वर्मा, सीओ राम शरण सिंह भी वहां पहुंच गए।

इंसपेक्टर तुलसी राम पांडेय ने कीटनाशक की खाली शीशी कब्जे में ली और पानी का नमूना खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को जांच के लिए भेजा। आरोपी भोला और ऑपरेटर नंदकिशोर को हिरासत में ले लिया। दोनों के एक-दूसरे पर झूठा फंसाने का आरोप लगाने से सघन पूछताछ की जा रही है।

 

बुधवार शाम कीटनाशक मिलाने की जानकारी बृहस्पतिवार सुबह देने से ऑपरेटर भी संदेह के दायरे में है। इस बीच ओवरहेड टैंक को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एसडीएम ने बताया कि टैंक में करीब छह लाख लीटर पानी है। टैंक खाली होने व सफाई सुनिश्चित करने के बाद ही जलापूर्ति शुरू कराएंगे।

इस बीच आबादी में टैंकरों से जलापूर्ति का प्रबंध किया जा रहा है। टैंक खाली कराने से क्षेत्र में जलभराव की समस्या न आए, इसलिए धीमी गति से पानी की निकासी कराई जा रही है। कीटनाशक के खतरों के बारे में पूछने पर जिला कृषि रक्षा इकाई के कृषि प्रसार अधिकारी राजनारायण यादव ने बताया कि इसका इस्तेमाल धान की फसल को कीटों से बचाने के लिए होता है। टैंक में पानी की मात्रा काफी ज्यादा होने से 500 मिली लीटर की शीशी का मिश्रण जानलेवा तो नहीं होता लेकिन शरीर पर दुष्प्रभाव जरूर पड़ता। खासकर बच्चों व कमजोर काया के लोगों पर।
 
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