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सैफई में नाबालिग पर बरसा 'दरोगा का कहर'
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 18 Nov 2017 12:25 PM IST
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निर्दोष बच्चे को पुलिस थाने में पीटा गया
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इटावा सैफई थाने के एक दरोगा की लाठी मासूम पर कहर बनकर टूटी। मोबाइल चोरी के इल्जाम में दरोगा ने मासूम को बेरहमी से पीटा और बाद में उसे 10 हजार रुपये लेकर छोड़ दिया।
दो दिन पहले सैफई थाने के दरोगा योगेंद्र शर्मा पीजीआई टेम्पो स्टैंड से एक 14 साल के नाबालिग बच्चे को मोबाइल चोरी के आरोप में पकड़कर थाने लाए थे। थाने में उसकी बेहरमी से मारपीट की दरोगा की लाठी उस नाबालिग पर कहर बनकर टूटी। मासूम चिल्लाता रहा लेकिन दरोगा का ह्रदय नहीं पसीजा गालियां देकर उसकी मारपीट करता रहा। यही नहीं पुलिस को उस नाबालिग से कुछ बरामद भी नहीं हुआ तो उसके भाई से भी मारपीट की और मां बाप को गाली दी व छोड़ने के एवज में दस हजार रुपये लिए तब जाकर उस मासूम को छोड़ा। ऐसा बच्चे की मां का आरोप है।
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दो दिन पहले सैफई थाने के दरोगा योगेंद्र शर्मा पीजीआई टेम्पो स्टैंड से एक 14 साल के नाबालिग बच्चे को मोबाइल चोरी के आरोप में पकड़कर थाने लाए थे। थाने में उसकी बेहरमी से मारपीट की दरोगा की लाठी उस नाबालिग पर कहर बनकर टूटी। मासूम चिल्लाता रहा लेकिन दरोगा का ह्रदय नहीं पसीजा गालियां देकर उसकी मारपीट करता रहा। यही नहीं पुलिस को उस नाबालिग से कुछ बरामद भी नहीं हुआ तो उसके भाई से भी मारपीट की और मां बाप को गाली दी व छोड़ने के एवज में दस हजार रुपये लिए तब जाकर उस मासूम को छोड़ा। ऐसा बच्चे की मां का आरोप है।
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दरोगा ने आते ही लाठी और थप्पड़ों से मारपीट शुरू कर दी
थाने में बच्चे को पीटता दरोगा
थाना करहल जिला मैनपुरी के ग्राम नगरीय निवासी 14 वर्षीय रोहित (काल्पनिक नाम) का कहना है कि सैफई अस्पताल में वह दवा लेने आया था उसके पेट मे दर्द है व बाहों में भी दर्द रहता है। वह जैसे ही टेम्पो से उतरा दरोगा ने उसे पकड़ लिया और सीधे थाने लाये और दरोगा ने आते ही लाठी और थप्पड़ों से मारपीट शुरू कर दी और दरोगा ने कहा कि जो मोबाइल तूने सैफई पीजीआई से चुराए हैं वह वापस कर दे। बच्चे ने बताया कि मैंने कोई मोबाइल नहीं चुराया है। थाने के अंदर दरोगा ने मेरे घुटनों में लाठी, पीठ में घूंसे और कान में थप्पड़, मारे और बहुत तेजी से मेरे कान भी खींचे। बाद में जब भाई थाने गया तो उसकी भी मारपीट की।
बेहद गरीबी में जी रहा है मजदूर का पूरा परिवार
निर्दोष बच्चे को पुलिस थाने में पीटा गया
करहल के नगरिया 1 छोटे से कमरे में छप्पर डालकर 2 बच्चे पति और बेटी के साथ में रहने वाली पीड़ित की मां मीरा देवी ने रोते हुए बताया कि हम लोग भूमिहीन हैं। मजदूरी पर गयी थी अगर दवा लेने बच्चे के साथ जाती तो एक दिन की मजदूरी का नुकसान हो जाता इसलिए अपने बच्चे को अकेला भेज दिया। मुझे क्या पता कि मेरे बच्चे पर पुलिसिया कहर टूटेगा। आज मेरा बच्चा डरा सहमा है उसकी हालत खराब है कानों में दर्द है कनपटी पर दरोगा के नाखूनों के निशान है। आरोप लगाया कि पति ने कर्ज पर दस हजार लेकर पुलिसवालों को दिए जिसके बाद बच्चे को छोड़ा गया है। जब नाबालिग के मामले में दरोगा योगेंद्र सिंह से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि नाबालिग बच्चे से कोई मोबाइल बरामद नही हुआ है।