कानपुर लिटरेचर फेस्टिवल पहुंचे राइटर, एक्टर, सिंगर पीयूष मिश्रा ने युवाओं को बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दिल से काम होता है, तभी रास्ता मिलता है। हारमोनियम के सामने पालथी मार कर बैठे पीयूष मिश्रा ने सबसे पहले बातचीत से सिलसिला शुरू किया।
PHOTOS: पीयूष मिश्रा ने यहां 'बलात्कार-फूहड़ता' को लेकर की खुलकर बातें, युवाओं को दिया संदेश
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उन्होंने कहा कि बंदा चाहे किसी विचारधारा से जुड़ा हो लेकिन युवावस्था में वह कम्युनिस्ट ही होता है और हर गलत बात पर विरोध करना और नारे लगाना उसकी फितरत होती है।
इसके बाद उन्होंने अपने गीत, 'ओ रे बिस्मिल काश आज तुम ¨हदोस्तां देखते, तो देखते कि मुल्क सारा एक टशन में है..' से गीतों का सफर शुरू किया। उन्होंने 'गगन दमामा बाज्यो' नाटक में शहीद भगत सिंह के क्रांतिकारी जीवन की जानकारी दी।
आप जिस क्षेत्र में हैं, उसमें मेहनत से, दिल से काम करें, तभी रास्ता मिलेगा।