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अशोका ज्वैलर्स, बाला जी ट्रेडिंग पर आयकर का छापा
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Thu, 26 Feb 2015 03:15 AM IST
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आयकर विभाग ने बुधवार को गुमटी स्थित अशोका ज्वैलर्स और ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कोयले की ट्रेडिंग करने वाली फर्म बालाजी ऊर्जा प्रोडक्ट्स लि. पर छापेमारी की। इस दौरान बड़ी संख्या में टैक्स चोरी से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। साथ ही करोड़ों रुपए की अघोषित आय की जानकारी भी अफसरों के हाथ लगी हैं।
देर रात तक कार्रवाई जारी रही। आयकर निदेशक (जांच) एके त्रिपाठी के निर्देशन में उपायुक्त तरुण कुशवाहा और सहायक आयुक्त अभिनव प्रकाश की टीमों ने छापेमारी की। सबसे पहले परमपुरवा में पॉपुलर धर्मकांटे के नजदीक बालाजी ऊर्जा प्रोडक्ट्स प्रा. लि. फर्म में अधिकारी पहुंचे।
पूरे परिसर को सील करके छानबीन शुरू की गई। बालाजी की नौ सहयोगी फर्मों पर भी उसी वक्त टीमों ने छापेमारी की। यहां कोयले की ट्रेडिंग में बड़े पैमाने पर नकद लेनदेन के प्रमाण मिले। इसके अलावा इससे होने वाली आय को आयकर विभाग से छुपाने की भी जानकारी मिली।
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दिन भर चली छानबीन में करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी की बात पुख्ता हुई है। उधर एक अन्य टीम ने अशोका ज्वैसर्ल की गुमटी और आसपास स्थित चार शोरूम में जांच-पड़ताल की। यहां लिखापढ़ी में मौजूद स्टॉक और असल स्टॉक का मिलान किया गया, जिसमें भारी हेरफेर मिली है।
साथ ही कैश सेल के प्रमाण भी मिले है। आयकर विभाग के सूत्रों की मानें तो यहां गांठ गिरवी का काम बड़े पैमाने पर होता था। कागजों में साल का 14-15 फीसदी ब्याज लिया जाना दिखाया जाता था, जबकि असल में यह 30-35 फीसदी तक था। इसके चलते साल में लाखों रुपए केवल ब्याज के रूप में दबा लिए जाते थे।
दोनों स्थानों पर कार्रवाई केवल इस भ्रम को तोड़ने के मकसद से हुई है कि आयकर विभाग की जांच विंग केवल बड़े मामलों में ही छापेमारी कर सकती है। शिकायतों के आधार पर जांच की गई और समुचित जवाब न मिलने पर जांच-पड़ताल की गई है।
- एके त्रिपाठी, निदेशक (जांच) आयकर विभाग
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देर रात तक कार्रवाई जारी रही। आयकर निदेशक (जांच) एके त्रिपाठी के निर्देशन में उपायुक्त तरुण कुशवाहा और सहायक आयुक्त अभिनव प्रकाश की टीमों ने छापेमारी की। सबसे पहले परमपुरवा में पॉपुलर धर्मकांटे के नजदीक बालाजी ऊर्जा प्रोडक्ट्स प्रा. लि. फर्म में अधिकारी पहुंचे।
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पूरे परिसर को सील करके छानबीन शुरू की गई। बालाजी की नौ सहयोगी फर्मों पर भी उसी वक्त टीमों ने छापेमारी की। यहां कोयले की ट्रेडिंग में बड़े पैमाने पर नकद लेनदेन के प्रमाण मिले। इसके अलावा इससे होने वाली आय को आयकर विभाग से छुपाने की भी जानकारी मिली।
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दिन भर चली छानबीन में करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी की बात पुख्ता हुई है। उधर एक अन्य टीम ने अशोका ज्वैसर्ल की गुमटी और आसपास स्थित चार शोरूम में जांच-पड़ताल की। यहां लिखापढ़ी में मौजूद स्टॉक और असल स्टॉक का मिलान किया गया, जिसमें भारी हेरफेर मिली है।
साथ ही कैश सेल के प्रमाण भी मिले है। आयकर विभाग के सूत्रों की मानें तो यहां गांठ गिरवी का काम बड़े पैमाने पर होता था। कागजों में साल का 14-15 फीसदी ब्याज लिया जाना दिखाया जाता था, जबकि असल में यह 30-35 फीसदी तक था। इसके चलते साल में लाखों रुपए केवल ब्याज के रूप में दबा लिए जाते थे।
दोनों स्थानों पर कार्रवाई केवल इस भ्रम को तोड़ने के मकसद से हुई है कि आयकर विभाग की जांच विंग केवल बड़े मामलों में ही छापेमारी कर सकती है। शिकायतों के आधार पर जांच की गई और समुचित जवाब न मिलने पर जांच-पड़ताल की गई है।
- एके त्रिपाठी, निदेशक (जांच) आयकर विभाग