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रजिस्ट्री विभाग से व्यक्तिगत ब्योरा ले सकेगा आयकर विभाग

Tue, 16 Dec 2014 02:44 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर Updated Tue, 16 Dec 2014 02:44 AM IST
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Income Tax Department will take personal details Registry
आयकर विभाग अब किसी भी व्यक्ति के नाम पर होने वाली रजिस्ट्री का ब्योरा सीधे रजिस्ट्रार ऑफिस से ले सकेगा। इससे कर चोरों पर शिकंजा ज्यादा कसा जा सकेगा।
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आयकर अधिकारियों की मानें तो रियल इस्टेट सेक्टर में धड़ल्ले से खपाए जा रहे कालेधन की धरपकड़ के लिए यह व्यवस्था आरंभ की गई है। इसी के साथ कई नाम आयकर विभाग की ओर से रजिस्ट्री ऑफिस को भेजे भी गए हैं।
चल-अचल संपत्ति से जुड़े विभिन्न प्रकार के लेनदेन की सूचना एनुअल इनफॉर्मेशन रिपोर्ट (एआईआर) के रूप में आयकर विभाग को सालाना तौर पर दी जाती है। इसमें तीस लाख रुपए और इससे ज्यादा की रजिस्ट्री का ब्यौरा भी दिया जाता है।
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आयकर विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक कालेधन को लेकर देश भर के तमाम विभाग काम कर रहे हैं। काफी काला धन रियल इस्टेट सेक्टर में निवेश करने की सूचना पर हाल ही में देश केे तमाम नामी बिल्डरों के विरुद्ध जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।  
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आयकर विभाग ने रजिस्ट्रार ऑफिस को पत्र भेजकर कुछ व्यक्तियों के नाम पर बीते वर्षों में हुई रजिस्ट्री का ब्यौरा मांगा गया था, जिस पर रजिस्ट्रार ऑफिस ने जानकारी देने से इंकार कर दिया। इस मुद्दे को लेकर शासन के आला अधिकारियों से बातचीत की गई।
लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार यह तय हुआ है कि तीस लाख रुपए से अधिक की रजिस्ट्री का ब्योरा देने के अलावा आयकर विभाग को व्यक्तिगत ब्यौरा भी उपलब्ध कराया जाएगा।

अधिकारी के मुताबिक नए इंतजाम से संबंधित निर्देश रजिस्ट्रार ऑफिस में आ गए हैं। इसके बाद कई नामों की सूची भेजकर उनसे संबंधित ब्योरा भी मंगाया गया है।

व्यक्तिगत ब्यौरा हम सहयोग के आधार पर आयकर विभाग को मुहैया करा रहे हैं, जिससे उनकी जांच में मदद मिल सके। इसके लिए कोई लिखित आदेश नहीं हुआ है।
देवेंद्र सिंह, एआईजी (स्टांप)

नई व्यवस्था के बाद आयकर विभाग रियल इस्टेट में लगाए जा रहे कालेधन पर लगाम कस सकेगा। तीस लाख रुपए से अधिक की रजिस्ट्री के ब्यौरे में कई बार तमाम खेल किए जाते थे, जिससे टैक्स चोर बच जाते थे।
सीए विवेक खन्ना, आयकर सलाहकार
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