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आयकर विभाग की सख्ती- जैन बंधुओं ने सरेंडर किए नौ करोड़

Fri, 03 Nov 2017 09:30 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 03 Nov 2017 09:30 AM IST
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Income Tax Department's strictness - nine million surrendered by Jain brothers
डेमो पिक
प्रधान आयकर आयुक्त दुर्गाचरण दास और संयुक्त आयकर आयुक्त के निर्देश पर गुुरुवार को तीन दर्जन से अधिक अधिकारियों ने भारी पुलिस बल के साथ किदवई नगर मार्बल मार्केट की नौ फर्मों पर एक साथ धावा बोला था।  इनमें अमित जैन और अजय जैन की तीन फर्मों के किदवई नगर स्थित तीन और लखनऊ के गोमती नगर स्थित दो शोरूम शामिल थे।
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कानपुर। मार्बल कारोबारी अमित जैन और अजय जैन ने गुरुवार को आयकर विभाग के समक्ष नौ करोड़ रुपये सरेंडर कर दिए। इसके साथ ही इनकी तीन फर्मों न्यू जैन मार्बल, एएस मार्बल और अमित टाइल्स के पांच प्रतिष्ठानों पर सर्वे का काम देर शाम खत्म हो गया। हालांकि आयकर अधिकारियों ने जैन बंधुओं के प्रतिष्ठानों से मिले कंप्यूटर की हार्ड डिस्क और दस्तावेजों को आगे की जांच के लिए जब्त कर लिया है। 
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प्रधान आयकर आयुक्त दुर्गाचरण दास और संयुक्त आयकर आयुक्त सीता श्रीवास्तव के निर्देश पर गुुरुवार को तीन दर्जन से अधिक अधिकारियों ने भारी पुलिस बल के साथ किदवई नगर मार्बल मार्केट की नौ फर्मों पर एक साथ धावा बोला था। इनमें अमित जैन और अजय जैन की तीन फर्मों के किदवई नगर स्थित तीन और लखनऊ के गोमती नगर स्थित दो शोरूम शामिल थे।
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विभाग केे सूत्र बताते हैं कि मार्बल कारोबारियों के यहां हुए सर्वे में सबसे ज्यादा टैक्स चोरी इन्हीं के यहां पकड़ी गई है। इनके यहां 40 फीसदी कारोबार नंबर दो में हो रहा था। यानी खरीद और बिक्री के न तो दस्तावेज थे और न ही बिल। फर्जी बहती के जरिए अन्य राज्यों से माल आता था और कच्चे पर्चे पर फुटकर माल बेचा जा रहा था।

 

गोदाम और शोरूम में रखा स्टॉक दस्तावेजों में दर्शाए गए आंकड़ों से ज्यादा पाया गया है। अधिकारियों को बिना जीएसटीएन नंबर वाले कच्चे बिल भी हाथ लगे हैं। बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी के सबूत हाथ लगने के बाद कारोबारी बंधुओं ने फिलहाल नौ करोड़ रुपये सरेंडर कर दिए हैं। इसके बाद अधिकारियों ने जरूरी दस्तावेजों को कब्जे में लेकर प्रतिष्ठानों पर सर्वे कार्य पूरा किया, लेकिन दस्तावेजों की जांच अभी भी जारी है। 

 

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