जीएसटी और विकास योजनाओं में देरी से जनता व समर्थकों में दिख रही बेचैनी का असर भाजपा की प्रदेश कार्य समिति में साफ नजर आया। इस बेचैनी को भांपते हुए पार्टी अब डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। नगर निकाय चुनाव में अपने मनमाफिक परिणाम पाने के लिए जनप्रतिनिधियों को लक्ष्य दिया गया है।
प्रभारियों की टीम बनाई गई
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भाजपा प्रदेश कार्य समिति की बैठक में मौजूद सीएम योगी
विधायकों, मंत्रियों और सांसदों को प्रदेश के निकाय क्षेत्रों में प्रभारी और सह प्रभारी बनाकर भेजा जा रहा है। इसके लिए 15 अक्तूबर को सभी जनप्रतिनिधियों को लखनऊ भी बुलाया गया है। इस रणनीति का खुलासा बृहस्पतिवार को यहां कानपुर के प्रणवीर सिंह इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी, भौंती (पीएसआईटी) में आयोजित पार्टी की प्रदेश कार्य समिति में किया गया।
योजना का प्रचार प्रसार करने को कहा गया
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भाजपा प्रदेश कार्यसमिति में मौजूद सीएम योगी और वरिष्ठ भाजपा नेता
निकाय चुनाव को देखते हुए प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं में तीन स्तर के प्रभारियों की टीम बनाई गई हैं। इसके अलावा मंडल और वार्ड स्तर तक पार्टी पदाधिकारियों को वोट बैंक बढ़ाने का लक्ष्य मिला है।
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भाजपा प्रदेश कार्य समिति की बैठक
प्रभारी बनाए गए जनप्रतिनिधियों से कहा गया है कि आज के बाद से वे अपने-अपने निर्धारित निकाय क्षेत्रों में जाकर प्रवास करें। आदेश तो यहां तक दिया गया है कि यह प्रवास लगातार एक महीने तक करना है।
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भाजपा प्रदेश कार्य समिति की बैठक कानपुर में हुई
इस बीच लखनऊ बुलाए गए जनप्रतिनिधियों से सीधे मुख्यमंत्री रूबरू होंगे, जिसमें निकाय क्षेत्रों में क्या काम आगामी दिनों में करना है, इसकी रूपरेखा बनानी है। साथ ही लोगों में यह भरोसा पैदा करना है कि भाजपा की सरकार ही उनका भला कर सकती है।