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Kanpur News: हाई रिस्क गर्भवतियों को अब तत्काल निगरानी और उपचार
Sat, 03 Oct 2026 12:47 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 03 Oct 2026 12:47 AM IST
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कानपुर देहात। प्रसव के दौरान गंभीर स्थिति में पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं को अब मेडिकल कॉलेज में तत्काल निगरानी और उपचार मिल सकेगा। मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को मैटरनल हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) और ओबीजी ट्राइएज की शुरुआत की गई। नई व्यवस्था में हाई रिस्क गर्भवतियों की प्राथमिकता के आधार पर जांच कर गंभीरता के अनुसार तत्काल उपचार दिया जाएगा।
एमसीएच विंग में शुरू हुई सुविधा का शुभारंभ जिलाधिकारी कपिल सिंह ने किया। प्राचार्य डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रसव के दौरान जटिलताओं की समय से पहचान और त्वरित उपचार बेहद जरूरी है। मैटरनल एचडीयू में गंभीर गर्भवतियों की लगातार निगरानी की जा सकेगी, जबकि ओबीजी ट्राइएज के माध्यम से मरीजों की स्थिति का तत्काल आकलन कर उपचार की प्राथमिकता तय होगी।
उन्होंने बताया कि 24 घंटे प्रसूति सेवाओं के साथ एसएनसीयू और कंगारू मदर केयर की सुविधा पहले से संचालित है। एचडीयू और ट्राइएज शुरू होने से मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलेगी। इसका लाभ जिले के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली गर्भवती महिलाओं को भी मिलेगा। सीडीओ विधान जायसवाल और एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने पहल की सराहना की। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. श्रुति गुप्ता, एमसीएच विंग की सीएमएस डॉ. आकांक्षा, बाल विकास विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. अमर चंद्र समेत चिकित्सक मौजूद रहे।
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बच्चे की बेहतर देखभाल करने पर मां सम्मानित
कार्यक्रम में बाल रोग विशेषज्ञों ने अभिभावकों को छह माह तक केवल स्तनपान, इसके बाद पूरक आहार, पूर्ण टीकाकरण, स्वच्छता और बच्चों के स्क्रीन टाइम को सीमित करने की जानकारी दी। स्वस्थ शिशु शो एवं श्रेष्ठ माता प्रतियोगिता में बच्चों के शारीरिक विकास, पोषण, टीकाकरण और स्वच्छता का मूल्यांकन किया गया। इस दौरान निर्णायक मंडल ने बेस्ट इन्फेंट वर्ग में नीरज, दीक्षा और बेस्ट चाइल्ड वर्ग में त्रिशंस, पूर्वी को उत्कृष्ट स्वास्थ्य व सक्रियता के लिए चुना। इसके साथ ही अपने शिशु के उत्तम लालन-पालन, समयबद्ध टीकाकरण और संपूर्ण स्वच्छता का अनुकरणीय उदाहरण पेश करने पर महनाज को बेस्ट मदर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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एमसीएच विंग में शुरू हुई सुविधा का शुभारंभ जिलाधिकारी कपिल सिंह ने किया। प्राचार्य डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रसव के दौरान जटिलताओं की समय से पहचान और त्वरित उपचार बेहद जरूरी है। मैटरनल एचडीयू में गंभीर गर्भवतियों की लगातार निगरानी की जा सकेगी, जबकि ओबीजी ट्राइएज के माध्यम से मरीजों की स्थिति का तत्काल आकलन कर उपचार की प्राथमिकता तय होगी।
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उन्होंने बताया कि 24 घंटे प्रसूति सेवाओं के साथ एसएनसीयू और कंगारू मदर केयर की सुविधा पहले से संचालित है। एचडीयू और ट्राइएज शुरू होने से मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलेगी। इसका लाभ जिले के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली गर्भवती महिलाओं को भी मिलेगा। सीडीओ विधान जायसवाल और एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने पहल की सराहना की। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. श्रुति गुप्ता, एमसीएच विंग की सीएमएस डॉ. आकांक्षा, बाल विकास विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. अमर चंद्र समेत चिकित्सक मौजूद रहे।
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बच्चे की बेहतर देखभाल करने पर मां सम्मानित
कार्यक्रम में बाल रोग विशेषज्ञों ने अभिभावकों को छह माह तक केवल स्तनपान, इसके बाद पूरक आहार, पूर्ण टीकाकरण, स्वच्छता और बच्चों के स्क्रीन टाइम को सीमित करने की जानकारी दी। स्वस्थ शिशु शो एवं श्रेष्ठ माता प्रतियोगिता में बच्चों के शारीरिक विकास, पोषण, टीकाकरण और स्वच्छता का मूल्यांकन किया गया। इस दौरान निर्णायक मंडल ने बेस्ट इन्फेंट वर्ग में नीरज, दीक्षा और बेस्ट चाइल्ड वर्ग में त्रिशंस, पूर्वी को उत्कृष्ट स्वास्थ्य व सक्रियता के लिए चुना। इसके साथ ही अपने शिशु के उत्तम लालन-पालन, समयबद्ध टीकाकरण और संपूर्ण स्वच्छता का अनुकरणीय उदाहरण पेश करने पर महनाज को बेस्ट मदर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।