फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Illegal recovery is being done at the crematorium in Kanpur

मुर्दों को भी नहीं छोड़ रहे सरकारी बाबू: श्मशान घाट पर की जा रही अवैध वसूली, शिकायत के बाद भी प्रशासन अनजान

Fri, 19 Jan 2024 08:59 PM IST
श्याम जी. संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Published by: श्याम जी. Updated Fri, 19 Jan 2024 08:59 PM IST
सार

कानपुर की मिश्रा कॉलोनी में बने विद्युत शवदाह केंद्र पर बैठे बाबू पर रसीद काटने के नाम पर अवैध वसूली करने का आरोप है। आरोप है कि ये लोग रसीद काटने के नाम 100 से 200 रुपये तक वसूलते हैं। इसके बाद रोज समय को रुपयों का बंदरबांट कर लेते हैं। कई बार शिकायत के बाद भी अभी तक इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। 

विज्ञापन
Illegal recovery is being done at the crematorium in Kanpur
रसीद के नाम पर धन उगाही - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शुक्लागंज नगर अंतर्गत मिश्रा कॉलोनी पक्के घाट के विद्युत शवदाह केंद्र में बने नगर पालिका गंगाघाट के मृतक पंजीयन कार्यालय में बैठे बाबू घाट के मुर्दों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। मृतक रसीद काटने के नाम पर सौ से दो सौ रुपये तक की उगाही मृतक के तीमारदारों से कर रहे हैं। यही नहीं नगर के अन्य दो घाटों की वसूली का भी हिस्सा यहीं आता है, जिसका बंदरबाट शाम को होता है। इसकी शिकायत कई बार हो चुकी है, लेकिन समस्या जस की तस है।

विज्ञापन


बता दें कि मिश्रा कॉलोनी के पक्के घाट पर स्थित विदुयत शवदाह केंद्र में नगर पालिका गंगाघाट का मृतक पंजीयन कार्यालय खुला है। यहां आने वाले शवों का अंतिम संस्कार कराने से पहले उनका पंजीयन मैन्यूल तरीके से होता है और रजिस्टरों पर चढ़ाया जाता है। वैसे तो पंजीयन निशुल्क है, लेकिन यहां बैठने वाले पंजीयन बाबू और उनके गुर्गो द्वारा पंजीयन शुल्क के रूप में सौ से दो सौ रुपये लिए जाते हैं। रुपये न देने पर पंजीयन में कई प्रकार की कमियां बताई जाती हैं, जिसमें क्षेत्रीय पंडों का भी हिस्सा रहता है। यही नहीं अंतिम संस्कार कराने आने वालों से अंतिम संस्कार के नाम पर लूट-घसोट की जाती है और मनमानी रकम न मिलने पर अंतिम संस्कार कराने में लापरवाही बरती जाती है।
विज्ञापन


घाट पर रोजाना दस शवों का आना होता है। वहीं, नगर के बालू घाट और रविदास नगर श्मशान घाट पर कराए जाने वाले अंतिम संस्कार की उगाही का धन भी यहीं जुटता है, जिसका बंदरबाट रोज शाम को होता है। अंतिम संस्कार, पंजीयन से हुई उगाही और अन्य घाटों को मिलाकर रोजाना हजारों के वारे-न्यारे यहां होते है। यह सब पालिका के बाबू की शह पर होता है। घाट पर अंतिम संस्कार कराने आए चंदन, सुशील, मोनू, ऋषभ, महेश ने बताया कि अवैध उगाही की जानकारी कई बार पालिका में की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। डीएम अर्पूवा दुबे ने बताया कि मामले जांच कराने के लिए ईओ गंगाघाट को बोला गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पक्के घाट पर शासन की मंशा पर विद्युत शवदाह केंद्र यह सोचकर चालू कराया गया था कि लोगों को अंतिम संस्कार कराने में आसानी हो और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे, लेकिन जितनी बार भी मरम्मत कराने के बाद उसे चालू कराया गया, उसे कुछ खुरापाती लोगों के कारण चलने नहीं दिया गया और अब बंद है। जबकि सीताराम कॉलोनी स्थित नमामि गंगे श्मशान घाट पर सन्नाटा रहता है। यहां अंतिम संस्कार कराने जाने वालों को रोक दिया जाता है, जिन्हें बालू या मिश्रा कॉलोनी घाट जाने को बोला जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed