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Corona Third Wave: फरवरी में रोज आठ लाख लोग हो सकते हैं संक्रमित, आईआईटी के प्रोफेसर मणींद्र का दावा
Sat, 08 Jan 2022 07:16 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 08 Jan 2022 07:16 PM IST
सार
प्रो. अग्रवाल के मुताबिक दिल्ली और मुंबई में पीक जनवरी के तीसरे सप्ताह में आ सकता है। इस दौरान मुंबई से अधिक केस दिल्ली में मिलेंगे।
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प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
देश में फरवरी में आने वाली कोरोना की तीसरी लहर में लोग तेजी से संक्रमित होंगे। इस दौरान रोजाना देश में चार से आठ लाख तक केस आ सकते हैं। मुंबई में रोज 30 से 60 हजार और दिल्ली में पीक के दौरान 35 से 70 हजार तक केस आएंगे।
आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने यह दावा किया है। अपने गणितीय मॉडल सूत्र के आधार पर तीसरी लहर पर स्टडी कर रहे डॉ. अग्रवाल ने कहा कि केस बढ़ने पर स्थानीय स्तर पर अस्पतालों में बेड की कमी भी हो सकती है।
पीक के समय देश में संक्रमित होने वालों की तुलना में डेढ़ लाख बेड की जरूरत पड़ सकती है। बता दें कि पहले प्रो. अग्रवाल ने ट्वीट करके कहा था कि पीक के दौरान रोज देश में दो लाख तक केस आएंगे। इस पर उन्होंने कहा कि पहले दक्षिण अफ्रीका में आ रहे केस के आधार पर भारत में संक्रमण फैलने की रफ्तार का आकलन किया, पर अब जब देश में संक्रमण फैलने की शुरुआत हुई तो मॉडल में आंकड़े बदल गए हैं।
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उन्होंने बताया कि कुछ अनुमान गलत भी हुए हैं। अब सामने यह आया है कि देश में संक्रमण फैलने की रफ्तार दक्षिण अफ्रीका के मुकाबले कई गुना अधिक होगी। प्रो. अग्रवाल ने कहा कि अब सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।
दिल्ली-मुंबई में इसी माह आ सकता पीक
प्रो. अग्रवाल के मुताबिक दिल्ली और मुंबई में पीक जनवरी के तीसरे सप्ताह में आ सकता है। इस दौरान मुंबई से अधिक केस दिल्ली में मिलेंगे। मुंबई में केसों की तुलना में 10 हजार बेड, दिल्ली में केसों की तुलना में 12 हजार बेड की जरूरत पड़ सकती है।
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आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने यह दावा किया है। अपने गणितीय मॉडल सूत्र के आधार पर तीसरी लहर पर स्टडी कर रहे डॉ. अग्रवाल ने कहा कि केस बढ़ने पर स्थानीय स्तर पर अस्पतालों में बेड की कमी भी हो सकती है।
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पीक के समय देश में संक्रमित होने वालों की तुलना में डेढ़ लाख बेड की जरूरत पड़ सकती है। बता दें कि पहले प्रो. अग्रवाल ने ट्वीट करके कहा था कि पीक के दौरान रोज देश में दो लाख तक केस आएंगे। इस पर उन्होंने कहा कि पहले दक्षिण अफ्रीका में आ रहे केस के आधार पर भारत में संक्रमण फैलने की रफ्तार का आकलन किया, पर अब जब देश में संक्रमण फैलने की शुरुआत हुई तो मॉडल में आंकड़े बदल गए हैं।
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उन्होंने बताया कि कुछ अनुमान गलत भी हुए हैं। अब सामने यह आया है कि देश में संक्रमण फैलने की रफ्तार दक्षिण अफ्रीका के मुकाबले कई गुना अधिक होगी। प्रो. अग्रवाल ने कहा कि अब सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।
दिल्ली-मुंबई में इसी माह आ सकता पीक
प्रो. अग्रवाल के मुताबिक दिल्ली और मुंबई में पीक जनवरी के तीसरे सप्ताह में आ सकता है। इस दौरान मुंबई से अधिक केस दिल्ली में मिलेंगे। मुंबई में केसों की तुलना में 10 हजार बेड, दिल्ली में केसों की तुलना में 12 हजार बेड की जरूरत पड़ सकती है।