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Kanpur News: प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को रोकेगा आईआईटी कानपुर का अद्वय
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आईआईटी में हुए कार्यक्रम में शामिल संस्थान और पर्नो रिकार्ड इंडिया फाउंडेशन के अधिकारी।
- फोटो : आईआईटी
कानपुर। प्लास्टिक से होने वाले नुकसान को रोकने और इसे उपयोगी बनाने की दिशा में अब आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक काम करेंगे। संस्थान ने पर्नो रिकार्ड इंडिया फाउंडेशन के साथ मिलकर अद्वय : द प्लास्टिक सर्कुलैरिटी इनोवेशन लॉन्चपैड की शुरुआत की है।
इस तकनीक से न केवल प्लास्टिक के दुष्प्रभावों रुकेंगे बल्कि इसका व्यवसायिक उपयोगी भी किया जा सकेगा। बुधवार को संस्थान में इसके लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्लास्टिक का समाधान खोजने के लिए आईआईटी कानपुर ने देशभर से 10 स्टार्टअप को आमंत्रित किया गया है। संस्थान इन स्टार्टअप को न केवल मेंटरशिप बल्कि 20 लाख रुपये तक का फंड भी देगा।
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संस्थान के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि इससे सस्टेनेबिलिटी तथा नवाचार आधारित समाधान मिलेगा। पर्यावरण से जुड़ी गंभीर चुनौतियों का भी समाधान होगा। इसका उद्देश्य प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, रीसाइक्लिंग और मूल्य पुनर्प्राप्ति के लिए स्केलेबल और व्यावसायिक रूप से उपयोगी तकनीक विकसित करना है।
मुख्य अतिथि नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने कहा कि भविष्य में प्रभावी अपशिष्ट को अलग करने और उसको संसाधनों में बदलने जैसी उन्नत तकनीकी भारत में विकसित हों इसके लिए अभी से प्रयास जरूरी हैं। अद्वय के तहत अभी तक पांच स्टार्टअप जुड़े हैं जिसमें इवोक्सिया लैब्स, जुविरन इनोवेशंस, मुशलूप, पविंग प्लस और स्वच्छ एआई टेक्नोलॉजिस आदि हैं।
पर्नो रिकार्ड इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट गगनदीप सिंह सेठी ने कहा कि अद्वय प्लेटफॉर्म उद्योग और अकादमिक जगत को एक साथ लाकर प्लास्टिक के जीवनचक्र को पुनर्परिभाषित करने का प्रयास है।
स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के प्रभारी प्रो. दीपू फिलिप ने कहा कि यह पहल प्लास्टिक अपशिष्ट की चुनौती को सतत औद्योगिक विकास के अवसर में बदलने का प्रयास है।
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इस तकनीक से न केवल प्लास्टिक के दुष्प्रभावों रुकेंगे बल्कि इसका व्यवसायिक उपयोगी भी किया जा सकेगा। बुधवार को संस्थान में इसके लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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प्लास्टिक का समाधान खोजने के लिए आईआईटी कानपुर ने देशभर से 10 स्टार्टअप को आमंत्रित किया गया है। संस्थान इन स्टार्टअप को न केवल मेंटरशिप बल्कि 20 लाख रुपये तक का फंड भी देगा।
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संस्थान के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि इससे सस्टेनेबिलिटी तथा नवाचार आधारित समाधान मिलेगा। पर्यावरण से जुड़ी गंभीर चुनौतियों का भी समाधान होगा। इसका उद्देश्य प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, रीसाइक्लिंग और मूल्य पुनर्प्राप्ति के लिए स्केलेबल और व्यावसायिक रूप से उपयोगी तकनीक विकसित करना है।
मुख्य अतिथि नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने कहा कि भविष्य में प्रभावी अपशिष्ट को अलग करने और उसको संसाधनों में बदलने जैसी उन्नत तकनीकी भारत में विकसित हों इसके लिए अभी से प्रयास जरूरी हैं। अद्वय के तहत अभी तक पांच स्टार्टअप जुड़े हैं जिसमें इवोक्सिया लैब्स, जुविरन इनोवेशंस, मुशलूप, पविंग प्लस और स्वच्छ एआई टेक्नोलॉजिस आदि हैं।
पर्नो रिकार्ड इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट गगनदीप सिंह सेठी ने कहा कि अद्वय प्लेटफॉर्म उद्योग और अकादमिक जगत को एक साथ लाकर प्लास्टिक के जीवनचक्र को पुनर्परिभाषित करने का प्रयास है।
स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के प्रभारी प्रो. दीपू फिलिप ने कहा कि यह पहल प्लास्टिक अपशिष्ट की चुनौती को सतत औद्योगिक विकास के अवसर में बदलने का प्रयास है।