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सोशल मीडिया पर प्राइवेसी से हो रहे खिलवाड़ पर रोक लगाना बेहद जरूरी
Sat, 24 Aug 2019 01:10 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 24 Aug 2019 01:10 PM IST
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आईआईटी कानपुर
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आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में सोशल मीडिया के फेक कंटेंट, फर्जी अकाउंट और सोशल मीडिया पर हो रहे फ्रॉड को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता आईआईटी दिल्ली के सीनियर प्रोफेसर डॉ. पोनुरंगम कुमारगुरु रहे।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया समाज के लिए संचार का सशक्त माध्यम है लेकिन इसके माध्यम से हो रहा फ्रॉड चिंताजनक है। इसे रोकने के लिए आईआईटी के छात्रों, विशेषज्ञों को वृहद् स्तर पर रिसर्च करनी चाहिए। वर्चुअल दुनिया पर फर्जी कंटेंट और एकाउंट को तकनीक के जरिये ही रोका जा सकता है।
प्रो. कुमारगुरु ने संस्थान में बनी अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब सी3आई का भी भ्रमण किया। साइबर अटैक को लेकर लैब में चल रहे शोध के बारे में जानकारी लेने के साथ उन्हें सुझाव भी दिया। विभाग के अध्यक्ष प्रो. संदीप कुमार शुक्ला ने भी फेक अकाउंट पर प्रतिबंध को लेकर कई जानकारियां साझा कीं।
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प्राइवेसी से हो रहे खिलवाड़ पर रोक जरूरी
प्रो. कुमारगुरु ने कहा कि वैज्ञानिकों को सोशल साइट्स की प्राइवेसी के साथ हो रहे खिलवाड़ पर रोक लगाने के लिए काम करना चाहिए। आज अगर आप फेसबुक, ट्विटर या अन्य किसी सोशल साइट्स पर अपना अकाउंट बना लेते हैं तो आपकी सारी जानकारियां विभिन्न कंपनियों के पास चली जाती हैं। इस पर रोक लगाने के लिए काम करना चाहिए।
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उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया समाज के लिए संचार का सशक्त माध्यम है लेकिन इसके माध्यम से हो रहा फ्रॉड चिंताजनक है। इसे रोकने के लिए आईआईटी के छात्रों, विशेषज्ञों को वृहद् स्तर पर रिसर्च करनी चाहिए। वर्चुअल दुनिया पर फर्जी कंटेंट और एकाउंट को तकनीक के जरिये ही रोका जा सकता है।
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प्रो. कुमारगुरु ने संस्थान में बनी अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब सी3आई का भी भ्रमण किया। साइबर अटैक को लेकर लैब में चल रहे शोध के बारे में जानकारी लेने के साथ उन्हें सुझाव भी दिया। विभाग के अध्यक्ष प्रो. संदीप कुमार शुक्ला ने भी फेक अकाउंट पर प्रतिबंध को लेकर कई जानकारियां साझा कीं।
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प्राइवेसी से हो रहे खिलवाड़ पर रोक जरूरी
प्रो. कुमारगुरु ने कहा कि वैज्ञानिकों को सोशल साइट्स की प्राइवेसी के साथ हो रहे खिलवाड़ पर रोक लगाने के लिए काम करना चाहिए। आज अगर आप फेसबुक, ट्विटर या अन्य किसी सोशल साइट्स पर अपना अकाउंट बना लेते हैं तो आपकी सारी जानकारियां विभिन्न कंपनियों के पास चली जाती हैं। इस पर रोक लगाने के लिए काम करना चाहिए।