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आईआईटी कानपुर में फ्रांसीसी छात्रा के उत्पीड़न का आरोपी प्रोफेसर बर्खास्त

Sun, 29 Dec 2019 11:26 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, कानपुर
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 29 Dec 2019 11:26 PM IST
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IIT Kanpur Professor dismissed for harassment of French student
आईआईटी कानपुर
आईआईटी कानपुर में फ्रांसीसी छात्रा के उत्पीड़न के आरोपी प्रोफेसर को बर्खास्त कर दिया गया है। बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है। आरोपी प्रोफेसर की सेवाएं समाप्त हो गईं हैं। उनको रिटायरमेंट लेना होगा। अभी आरोपी प्रोफेसर की नौकरी के 10 साल शेष हैं।
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सूत्रों के अनुसार प्रोफेसर 15 दिन पहले ही अपना सामान लेकर जा चुके हैं। आईआईटी कानपुर के अभी तक के इतिहास में ऐसी यह पहली घटना है। फैसला आने के बाद से संस्थान में हड़कंप है। आईआईटी कानपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग में स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत बीटेक करने आई फ्रांस की छात्रा ने अपने विभाग के एक वरिष्ठ प्रोफेसर पर शारीरिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था।
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छात्रा ने संस्थान के निदेशक व दूतावास में शिकायत की थी। मामले में विदेश मंत्रालय ने भी संस्थान से रिपोर्ट तलब की थी। मामला पीएमओ तक भी पहुंचा था। इसके बाद निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने आईसीसी (इंटर्नल कंप्लेंट कमेटी) को जांच का आदेश दिया।  टीम ने जांच कर अपनी रिपोर्ट में प्रोफेसर को दोषी माना और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति दी थी।

संस्थान में शनिवार को बीओजी हुई जिसमें मामले की गंभीरता से लिया गया। प्रोफेसर के पुराने मामलों पर भी विचार किया गया। लंबी बहस के बाद बीओजी ने आरोपी प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से उनके पद से बर्खास्त करने का निर्णय लिया। हालांकि कोई भी अधिकारी इस पर अधिकारिक बयान देने से बच रहा है। वहीं, बीओजी में डिप्टी डायरेक्टर का कार्यकाल बढ़ा दिया गया। जिन फैकल्टी की नियुक्ति हुई थी उसे अप्रूव कर दिया गया है। सीनेट में एक जनवरी से प्रो. शलभ व प्रो. गौतम देव नए मेंबर होंगे।

10 साल बचा है कार्यकाल
सिविल इंजीनियरिंग विभाग के आरोपी प्रोफेसर का कार्यकाल अभी तक 10 साल का बचा है। प्रोफेसर की उम्र 55 साल है और रिटायरमेंट की उम्र 65 साल है। अब उनके पास कोर्ट का विकल्प बचा है। सूत्रों की माने तो सभी सबूत उनके खिलाफ थे, फ्रांसीसी छात्रा के अलावा भी कई अन्य छात्र-छात्राओं ने भी उनके ऊपर आरोप लगाए थे। 
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