रैगिंग मामले में IIT के 22 छात्रों को किया सस्पेंड
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एंटी रैगिंग कमेटी और स्टूडेंट्स अफेयर्स कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आरोपित सभी 22 छात्र 21 सितंबर से सस्पेंड चल रहे थे। सीनेट में फैसला होने से पहले सभी का बयान लिया गया। उनके पक्ष और रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया गया। स्टूडेंट्स अफेयर्स कमेटी (एस-सैक) ने रैगिंग के मुख्य आरोपी 16 छात्रों को बर्खास्त करने की संस्तुति की थी। लेकिन छात्रों के भविष्य को देखते हुए सीनेट के सदस्यों ने इन्हें बर्खास्त नहीं किया, बल्कि निलंबित किया है। अब इस कार्रवाई की जानकारी रैगिंग का शिकार हुए छात्रों के अभिभावकों को दी जाएगी। अगर उन्हें इस कार्रवाई से संतुष्टि नहीं हुई तो छात्रों को बर्खास्त करने के साथ ही एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
यह है मामला
सभी के लिए थे बयान
ये हैं छात्र
बयान..
रैगिंग मामले में आरोप साबित होने के बाद छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 16 छात्रों को तीन साल के लिए निलंबित किया गया है वहीं छह छात्र जो पूरी तरह रैगिंग में शामिल नहीं थे लेकिन उन्हें इसकी जानकारी थी, उन्हें एक साल के लिए निलंबित किया गया है।
प्रो. मणींद्र अग्रवाल, डिप्टी डायरेक्टर, आईआईटी