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Kanpur News: तिमाही रिटर्न की सुविधा चाहिए तो 30 तक करें आवेदन
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कानपुर। तिमाही रिटर्न मासिक भुगतान योजना का लाभ लेने के लिए कारोबारियों को 30 अप्रैल तक आवेदन करने होंगे। वे कारोबारी जिनका वर्ष 2024-25 के दौरान वार्षिक टर्नओवर पांच करोड़ तक है, उन्हें इस सुविधा का लाभ होगा। पहली बार उन्हें जीएसटी पोर्टल पर आवेदन अपलोड करना होगा। यदि इस 30 तक वे विकल्प नहीं चुनते हैं तो पोर्टल मासिक रिटर्न ही दाखिल करने की सुविधा उपलब्ध कराएगा।
जीएसटी में रिटर्न दाखिल की सामान्य प्रक्रिया मासिक टैक्स अवधि की है। जीएसटीआर 01 अगले महीने की 11 तारीख और जीएसटीआर 3बी अगले महीने की 20 तारीख तक पोर्टल पर अपलोड किए जाने की व्यवस्था लागू है। पात्र पंजीकृत कारोबारी किसी भी तिमाही के लिए इस योजना का विकल्प पिछले तिमाही के महीने के पहले दिन से दूसरी तिमाही के अंतिम दिन तक चुन सकते हैं। कारोबारी को हर माह मासिक भुगतान चालान के माध्यम से टैक्स जमा करना होगा। तीसरे महीने के जीएसटी रिटर्न फार्म-3बी में जो टैक्स पूर्व तिमाही के दौरान जमा किया जा चुका है, उसे घटाने के बाद शेष धनराशि जीएसटीआर 3बी के साथ जमा की जाएगी। वरिष्ठ कर अधिवक्ता संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि जो कारोबारी त्रैमासिक रिटर्न और मासिक टैक्स भुगतान योजना (क्यूआरएमपी) का लाभ ले रहे हैं। उन्हें अब अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 के आवेदन नहीं करना है।
लैंड डेवलेपमेंट राइट एवं फ्लोर स्पेस इंडेक्स में जीएसटी की कर देनदारी मामले में मुंबई उच्च न्यायालय ने आठ अप्रैल महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। इसमें न्यायालय ने जीएसटी विभाग की ओर से जारी नोटिसों को अवैध करार दिया गया है। यह याचिका सर्वश्री श्रीनिवासा रियलकॉन प्राइवेट लिमिटेड के मामले में प्रस्तुत की गई थी।
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भू मालिक ने 8000 वर्गगज की भूमि को डेवलप कर उस पर बहुखंडीय निवास अपार्टमेंट बनाने का अनुबंध किया था। रियल इस्टेट बिल्डर डेवलपर ने भूमि मालिक को सात करोड़ और दो अपार्टमेंट देने का अनुबंध किया गया था। न्यायालय ने स्पष्ट रूप से यह निर्णय दिया कि लैंड डेवलेपमेंट अनुबंध जीएसटी नियमों के तहत करयोग्य नहीं है। इसी प्रकार फ्लोर स्पेस इंडेक्स भी जीएसटी में करयोग्य नही है। संतोष गुप्ता ने बताया कि जीएसटी अधिनियम के तहत लैंड डेवलेपमेंट अनुबंध और फ्लोर स्पेस इंडेक्स की सेवा प्रदान करने में जीएसटी की करदेयता 18 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
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जीएसटी में रिटर्न दाखिल की सामान्य प्रक्रिया मासिक टैक्स अवधि की है। जीएसटीआर 01 अगले महीने की 11 तारीख और जीएसटीआर 3बी अगले महीने की 20 तारीख तक पोर्टल पर अपलोड किए जाने की व्यवस्था लागू है। पात्र पंजीकृत कारोबारी किसी भी तिमाही के लिए इस योजना का विकल्प पिछले तिमाही के महीने के पहले दिन से दूसरी तिमाही के अंतिम दिन तक चुन सकते हैं। कारोबारी को हर माह मासिक भुगतान चालान के माध्यम से टैक्स जमा करना होगा। तीसरे महीने के जीएसटी रिटर्न फार्म-3बी में जो टैक्स पूर्व तिमाही के दौरान जमा किया जा चुका है, उसे घटाने के बाद शेष धनराशि जीएसटीआर 3बी के साथ जमा की जाएगी। वरिष्ठ कर अधिवक्ता संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि जो कारोबारी त्रैमासिक रिटर्न और मासिक टैक्स भुगतान योजना (क्यूआरएमपी) का लाभ ले रहे हैं। उन्हें अब अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 के आवेदन नहीं करना है।
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लैंड डेवलेपमेंट राइट एवं फ्लोर स्पेस इंडेक्स में जीएसटी की कर देनदारी मामले में मुंबई उच्च न्यायालय ने आठ अप्रैल महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। इसमें न्यायालय ने जीएसटी विभाग की ओर से जारी नोटिसों को अवैध करार दिया गया है। यह याचिका सर्वश्री श्रीनिवासा रियलकॉन प्राइवेट लिमिटेड के मामले में प्रस्तुत की गई थी।
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भू मालिक ने 8000 वर्गगज की भूमि को डेवलप कर उस पर बहुखंडीय निवास अपार्टमेंट बनाने का अनुबंध किया था। रियल इस्टेट बिल्डर डेवलपर ने भूमि मालिक को सात करोड़ और दो अपार्टमेंट देने का अनुबंध किया गया था। न्यायालय ने स्पष्ट रूप से यह निर्णय दिया कि लैंड डेवलेपमेंट अनुबंध जीएसटी नियमों के तहत करयोग्य नहीं है। इसी प्रकार फ्लोर स्पेस इंडेक्स भी जीएसटी में करयोग्य नही है। संतोष गुप्ता ने बताया कि जीएसटी अधिनियम के तहत लैंड डेवलेपमेंट अनुबंध और फ्लोर स्पेस इंडेक्स की सेवा प्रदान करने में जीएसटी की करदेयता 18 प्रतिशत निर्धारित की गई है।