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आईआईटी कानपुर की स्टार्टअप कंपनी का आइडिया देशभर में लागू होगा
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 18 Nov 2018 03:37 PM IST
सार
- मंदिर के फूलों से अगरबत्ती, धूपबत्ती बनाने के लिए नीति आयोग भेजेगा सभी प्रदेशों को सुझाव
- स्कूल-कॉलेज स्तर पर स्टार्टअप को लेकर छात्रों को किया जाएगा प्रेरित
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आईआईटी कानपुर की स्टार्टअप कंपनी का आइडिया पूरे देश में लागू होगा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मंदिरों से एकत्र किए गए फूलों से इको फ्रेंडली अगरबत्ती, धूपबत्ती और थर्माकोल बनाने का आइडिया अब पूरे देश में लागू होगा। इसे आईआईटी कानपुर की स्टार्टअप कंपनी हेल्पअस ग्रीन ने शुरू किया था। शनिवार को आईआईटी के सिडबी इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर पहुंचे नीति आयोग के सलाहकार और डीजी डीएमईओ अनिल श्रीवास्तव ने इसकी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि मंदिरों में चढ़ने वाले फूल-माला का यह सकारात्मक प्रयोग है। इससे प्रदूषण और गंदगी पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। इसलिए जल्द ही वह आयोग की तरफ से इसका प्रस्ताव बनवाकर सभी राज्य सरकारों को भेजेंगे। राज्य सरकारों से कहा जाएगा कि मंदिर, मस्जिद से निकलने वाले फूल का प्रयोग इको फ्रेंडली उत्पाद बनाने में करें।
श्रीवास्तव ने कहा कि स्टार्टअप के लिए स्कूल-कॉलेज में प्रारंभिक स्तर पर ही छात्रों को प्रेरित किया जाना चाहिए। इस दौरान सिडबी इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर के प्रभारी प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय, डीन रिसर्च एंड एल्युमनाई प्रो. बीवी फणी, सैप के फॉर्मर मैनेजिंग पार्टनर अमिताभ सत्यम, हेल्अपस ग्रीन कंपनी के को-फाउंडर अंकित अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि मंदिरों में चढ़ने वाले फूल-माला का यह सकारात्मक प्रयोग है। इससे प्रदूषण और गंदगी पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। इसलिए जल्द ही वह आयोग की तरफ से इसका प्रस्ताव बनवाकर सभी राज्य सरकारों को भेजेंगे। राज्य सरकारों से कहा जाएगा कि मंदिर, मस्जिद से निकलने वाले फूल का प्रयोग इको फ्रेंडली उत्पाद बनाने में करें।
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श्रीवास्तव ने कहा कि स्टार्टअप के लिए स्कूल-कॉलेज में प्रारंभिक स्तर पर ही छात्रों को प्रेरित किया जाना चाहिए। इस दौरान सिडबी इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर के प्रभारी प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय, डीन रिसर्च एंड एल्युमनाई प्रो. बीवी फणी, सैप के फॉर्मर मैनेजिंग पार्टनर अमिताभ सत्यम, हेल्अपस ग्रीन कंपनी के को-फाउंडर अंकित अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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आईआईटी कानपुर
आईआईटी में अंतरराष्ट्रीय स्तर का काम हो रहा
श्रीवास्तव ने कहा कि आईआईटी कानपुर में रिसर्च, इनोवेशन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर का काम हो रहा है। इसे और आगे बढ़ाने की जरूरत है। श्रीवास्तव ने आईआईटी के रिसर्च लैब का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पॉवर एनर्जी सेविंग बैट्री पर चल रहे रिसर्च कार्य की जानकारी हासिल की। बताया कि आने वाले दिनों में सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी एवं रिन्युवल एनर्जी का ही सहारा रहेगा।
ऐसे में उसके स्टोरेज को लेकर यहां अच्छा कार्य किया जा रहा है। श्रीवास्तव ने बताया कि देश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए काम नीति आयोग करेगा। आईआईटी के स्टार्टअप मास्टर क्लास से भी आम लोगों को जोड़ने का कार्य किया जाएगा।
श्रीवास्तव ने कहा कि आईआईटी कानपुर में रिसर्च, इनोवेशन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर का काम हो रहा है। इसे और आगे बढ़ाने की जरूरत है। श्रीवास्तव ने आईआईटी के रिसर्च लैब का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पॉवर एनर्जी सेविंग बैट्री पर चल रहे रिसर्च कार्य की जानकारी हासिल की। बताया कि आने वाले दिनों में सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी एवं रिन्युवल एनर्जी का ही सहारा रहेगा।
ऐसे में उसके स्टोरेज को लेकर यहां अच्छा कार्य किया जा रहा है। श्रीवास्तव ने बताया कि देश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए काम नीति आयोग करेगा। आईआईटी के स्टार्टअप मास्टर क्लास से भी आम लोगों को जोड़ने का कार्य किया जाएगा।