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धर्मांतरण मामला: बयान दर्ज कराने के लिए वरिष्ठ आईएएस इफ्तिखारुद्दीन को एसआईटी का नोटिस
Mon, 04 Oct 2021 11:56 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 04 Oct 2021 11:56 PM IST
सार
एसआईटी ने जब यूपीएसआरटीसी के दफ्तर में संपर्क कर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन के बारे में जानकारी की तो पता चला कि पिछले सप्ताह वह दो दिन की छुट्टी पर गए थे। इस बीच, यह प्रकरण उछल गया और जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई।
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मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन,आईएएस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उन्मादी तकरीरों से जुड़े वीडियो वायरल होने के बाद विवादों से घिरे वरिष्ठ आईएएस मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन को एसआईटी ने नोटिस भेजकर बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है। नोटिस उनके दफ्तर और आवास दोनों जगह भेजा गया है।
उन्हें मंगलवार शाम पांच बजे तक लखनऊ स्थित सीबीसीआईडी दफ्तर पहुंचकर बयान दर्ज कराना होगा। बयान दर्ज न कराने की स्थिति में भी एसआईटी जांच पूरी कर एक-दो दिन में रिपोर्ट शासन को सौंप देगी। आईएएस इफ्तिखारुद्दीन कानपुर में मंडलायुक्त के पद पर रहते हुए सरकारी आवास पर तकरीरें और धर्मांतरण संबंधी किस्सों के वीडियो वायरल के मामले में फंसे हैं।
शासन के निर्देश पर डीजी सीबीसीआईडी जीएल मीणा की अगुवाई में गठित एसआईटी मामले की जांच कर रही है। टीम के सदस्यों में एडीजी कानपुर जोन भानु भास्कर समेत सीबीसीआईडी के एक एएसपी, इंस्पेक्टर और दरोगा भी शामिल हैं।
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जांच में मंडलायुक्त आवास के 65 वीडियो एसआईटी के हाथ लगे, जिनकी जांच पूरी कर ली गई है। अब तक मिले साक्ष्यों में इफ्तिखारुद्दीन दोषी माने गए हैं। जांच अब अंतिम चरण में है। मामले में इफ्तिखारुद्दीन का पक्ष जानने के लिए एसआईटी ने उन्हें नोटिस जारी किया है।
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उन्हें मंगलवार शाम पांच बजे तक लखनऊ स्थित सीबीसीआईडी दफ्तर पहुंचकर बयान दर्ज कराना होगा। बयान दर्ज न कराने की स्थिति में भी एसआईटी जांच पूरी कर एक-दो दिन में रिपोर्ट शासन को सौंप देगी। आईएएस इफ्तिखारुद्दीन कानपुर में मंडलायुक्त के पद पर रहते हुए सरकारी आवास पर तकरीरें और धर्मांतरण संबंधी किस्सों के वीडियो वायरल के मामले में फंसे हैं।
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शासन के निर्देश पर डीजी सीबीसीआईडी जीएल मीणा की अगुवाई में गठित एसआईटी मामले की जांच कर रही है। टीम के सदस्यों में एडीजी कानपुर जोन भानु भास्कर समेत सीबीसीआईडी के एक एएसपी, इंस्पेक्टर और दरोगा भी शामिल हैं।
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जांच में मंडलायुक्त आवास के 65 वीडियो एसआईटी के हाथ लगे, जिनकी जांच पूरी कर ली गई है। अब तक मिले साक्ष्यों में इफ्तिखारुद्दीन दोषी माने गए हैं। जांच अब अंतिम चरण में है। मामले में इफ्तिखारुद्दीन का पक्ष जानने के लिए एसआईटी ने उन्हें नोटिस जारी किया है।
मेडिकल पर हैं आईएएस
एसआईटी ने जब यूपीएसआरटीसी के दफ्तर में संपर्क कर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन के बारे में जानकारी की तो पता चला कि पिछले सप्ताह वह दो दिन की छुट्टी पर गए थे। इस बीच, यह प्रकरण उछल गया और जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई। इसके बाद से मेडिकल लीव पर चल रहे हैं।
एटीएस भी कर सकती है जांच
धर्मांतरण के मामले में यूपी एटीएस लगातार कार्रवाई कर रही है। उत्तर प्रदेश समेत दिल्ली, महाराष्ट्र आदि प्रदेशों से गिरफ्तारियां की हैं। एसआईटी की जांच में धर्मांतरण संबंधी किसी तरह के साक्ष्य सामने आए तो आगे की जांच एटीएस को सौंपी जा सकती है। यह जानकारी पुलिस के एक बड़े अफसर ने दी है।
एसआईटी ने जब यूपीएसआरटीसी के दफ्तर में संपर्क कर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन के बारे में जानकारी की तो पता चला कि पिछले सप्ताह वह दो दिन की छुट्टी पर गए थे। इस बीच, यह प्रकरण उछल गया और जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई। इसके बाद से मेडिकल लीव पर चल रहे हैं।
एटीएस भी कर सकती है जांच
धर्मांतरण के मामले में यूपी एटीएस लगातार कार्रवाई कर रही है। उत्तर प्रदेश समेत दिल्ली, महाराष्ट्र आदि प्रदेशों से गिरफ्तारियां की हैं। एसआईटी की जांच में धर्मांतरण संबंधी किसी तरह के साक्ष्य सामने आए तो आगे की जांच एटीएस को सौंपी जा सकती है। यह जानकारी पुलिस के एक बड़े अफसर ने दी है।