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यूपी: सौतेली बेटी से संबंध के शक में बेटे के साथ मिलकर की थी पति की हत्या, जांच में खुला मां-बेटे का कारनामा
Wed, 30 Sep 2020 11:40 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 30 Sep 2020 11:40 PM IST
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फतेहपुर जिले में पांच मार्च 2020 को गाजीपुर थानाक्षेत्र के बहुआ रोड पर मिले युवक के शव के मामले में सामने आई हकीकत ने सभी को चौंका दिया। जांच में सामने आया है कि युवक की पत्नी और बेटे ने मिलकर गला दबाकर हत्या की थी और फिर शव को फेंक दिया था।
घटना का खुलासा होने के बाद मृतक की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उसे शक था कि उसका पति अपनी सौतेली बेटी से संबंध रखता था, इसे लेकर घटना की रात यानि चार मार्च को दोनों के बीच विवाद हुआ और फिर उसने बेटे के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी।
लगभग सात माह बाद घटना का खुलासा होने के बाद पुलिस ने दोनों को जेल भेजा है। पांच मार्च 2020 को गाजीपुर थानाक्षेत्र में बहुआ रोड के किनारे एक तीस वर्षीय युवक का शव मिला था। गाजीपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अज्ञात में मर्च्युरी भेज दिया था।
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जहां तलाशी में उसके कपड़े से पुलिस को आधार कार्ड मिला। आधार कार्ड में दर्ज पते के आधार पर पुलिस बिंदकी के खिदिरपुर गांव पहुंची, जहां रहने वाले राजू ने मृतक की शिनाख्त भाई श्यामबाबू (30) के रूप में की और बताया कि श्यामबाबू करीब नौ साल से गाजीपुर के सुकेती गांव में पत्नी सुरेरकली के साथ रह रहा है।
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घटना का खुलासा होने के बाद मृतक की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उसे शक था कि उसका पति अपनी सौतेली बेटी से संबंध रखता था, इसे लेकर घटना की रात यानि चार मार्च को दोनों के बीच विवाद हुआ और फिर उसने बेटे के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी।
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लगभग सात माह बाद घटना का खुलासा होने के बाद पुलिस ने दोनों को जेल भेजा है। पांच मार्च 2020 को गाजीपुर थानाक्षेत्र में बहुआ रोड के किनारे एक तीस वर्षीय युवक का शव मिला था। गाजीपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अज्ञात में मर्च्युरी भेज दिया था।
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जहां तलाशी में उसके कपड़े से पुलिस को आधार कार्ड मिला। आधार कार्ड में दर्ज पते के आधार पर पुलिस बिंदकी के खिदिरपुर गांव पहुंची, जहां रहने वाले राजू ने मृतक की शिनाख्त भाई श्यामबाबू (30) के रूप में की और बताया कि श्यामबाबू करीब नौ साल से गाजीपुर के सुकेती गांव में पत्नी सुरेरकली के साथ रह रहा है।
पुलिस ने फिर सुमेरकली से संपर्क किया, जिसके बाद सुमेरकली की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात वाहन के चालक के खिलाफ हादसे और गैरइरादतन हत्या का मुकदमा पंजीकृत किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि श्यामबाबू की मौत हादसे में नहीं बल्कि गला दबाकर की गई थी।
इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले में गंभीरता दिखाई और जांच को आगे बढ़ाया। भाई और अन्य लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस को श्यामबाबू की पत्नी सुमेरकली के इतिहास के बारे में पता चला। बताया गया कि सुमेरकली के दो पतियों की पहले भी मौत हो चुकी है और यह दोनों मौतें भी अप्राकृतिक थीं।
सुकेती गांव के ग्रामीणों ने बताया कि चार मार्च को सुमेरकली और श्यामबाबू के बीच विवाद हुआ था। इसके अगले दिन उसका शव मिलने की जानकारी मिली। पुलिस का शक गहराय और उसने सुमेरकली से पूछताछ शुरू की।
सख्ती से पूछताछ में सुमेरकली ने सब कुछ उगल दिया। विवेचक और गाजीपुर थानाध्यक्ष कमलेश कुमार पाल ने बताया कि सुमेरकली को शक था कि श्यामबाबू के संबंध उसकी सौतेली बेटी से हैं जो उसकी के साथ घर पर रह रही थी।
इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले में गंभीरता दिखाई और जांच को आगे बढ़ाया। भाई और अन्य लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस को श्यामबाबू की पत्नी सुमेरकली के इतिहास के बारे में पता चला। बताया गया कि सुमेरकली के दो पतियों की पहले भी मौत हो चुकी है और यह दोनों मौतें भी अप्राकृतिक थीं।
सुकेती गांव के ग्रामीणों ने बताया कि चार मार्च को सुमेरकली और श्यामबाबू के बीच विवाद हुआ था। इसके अगले दिन उसका शव मिलने की जानकारी मिली। पुलिस का शक गहराय और उसने सुमेरकली से पूछताछ शुरू की।
सख्ती से पूछताछ में सुमेरकली ने सब कुछ उगल दिया। विवेचक और गाजीपुर थानाध्यक्ष कमलेश कुमार पाल ने बताया कि सुमेरकली को शक था कि श्यामबाबू के संबंध उसकी सौतेली बेटी से हैं जो उसकी के साथ घर पर रह रही थी।
इसी बात को लेकर चार मार्च को दोनों के बीच विवाद हुआ और फिर सुमेरकली ने अपने बेटे दयाराम पासवान के साथ मिलकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। घटना को छिपाने के लिए शव को बहुआ रोड पर फेंक दिया।
जब शव की शिनाख्त हुई तो हादसे में मौत की तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करा दिया। घटना का खुलासा होने के बाद धाराओं को हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में तरमीम किया गया है। आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। महिला के आरोपी बेटे की तलाश में दबिश दी जा रही है।
20 साल छोटे श्यामबाबू के साथ रह रही थी सुमेरकली
पुलिस की जांच में सामने आया कि 50 वर्षीय सुमेरकली की पहली शादी आयाह निवासी पूती के साथ हुई थी, जिसकी 20 साल पहले मौत हो गई। इसके बाद सुमेरकली शहवाजपुर गांव निवासी सूरज पाल के साथ रहने लगी। सूरज से उसे पांच बच्चे हुए।
10 साल पहले सूरज की भी मौत हो गई। इधर करीब नौ साल से सुमेरकली खिदिरपुर गांव निवासी श्यामबाबू के साथ सुकेती गांव में रहने लगी। श्यामबाबू से उसे दो बच्चे हुए, जिनकी उम्र छह और आठ साल है। सुमेरकली सभी सात बच्चों और पति के साथ रह रही थी। एक बेटी की शादी हो चुकी थी, दूसरे नंबर की बेटी को लेकर श्यामबाबू से झगड़ा हुआ था।
जब शव की शिनाख्त हुई तो हादसे में मौत की तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करा दिया। घटना का खुलासा होने के बाद धाराओं को हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में तरमीम किया गया है। आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। महिला के आरोपी बेटे की तलाश में दबिश दी जा रही है।
20 साल छोटे श्यामबाबू के साथ रह रही थी सुमेरकली
पुलिस की जांच में सामने आया कि 50 वर्षीय सुमेरकली की पहली शादी आयाह निवासी पूती के साथ हुई थी, जिसकी 20 साल पहले मौत हो गई। इसके बाद सुमेरकली शहवाजपुर गांव निवासी सूरज पाल के साथ रहने लगी। सूरज से उसे पांच बच्चे हुए।
10 साल पहले सूरज की भी मौत हो गई। इधर करीब नौ साल से सुमेरकली खिदिरपुर गांव निवासी श्यामबाबू के साथ सुकेती गांव में रहने लगी। श्यामबाबू से उसे दो बच्चे हुए, जिनकी उम्र छह और आठ साल है। सुमेरकली सभी सात बच्चों और पति के साथ रह रही थी। एक बेटी की शादी हो चुकी थी, दूसरे नंबर की बेटी को लेकर श्यामबाबू से झगड़ा हुआ था।
भाई राजू ने की पैरवी और खुल गया मामला
पांच मार्च 2020 को श्यामबाबू का शव मिलने के बाद जब सुमेरकली ने हादसे में उसकी मौत की रिपोर्ट दर्ज कराई तभी से श्यामबाबू का भाई राजू इसका विरोध करने लगा था। उसने पुलिस को सुमेरकली के इतिहास की जानकारी देते हुए इसके पीछे गहरी साजिश की आशंका जताई थी। राजू के लगातार पैरवी के कारण ही पुलिस ने भी जांच में तेजी दिखाई और आखिरकार घटना का खुलासा हो गया।
श्यामबाबू के मोबाइल लोकेशन से पकड़ा गया सुमेरकली का झूठ
ग्रामीणों ने पुलिस को जब बताय कि चार मार्च को सुमेरकली और श्यामबाबू के बीच विवाद हुआ था जो पुलिस ने सुमेरकली से इसकी जानकारी की। लेकिन सुमेरकली पुलिस को भटकाने लगी।
उसने यह तो स्वीकार कर लिया कि श्यामबाबू के साथ उसका विवाद हुआ था लेकिन साथ में यह भी जोड़ दिया कि विवाद के बाद श्यामबाबू अपनी बाइक से कहीं चला गया था, बाद में हादसे में मौत की जानकारी हुई।
लेकिन जब पुलिस ने श्यामबाबू और सुमेरकली के मोबाइल की सीडीआर निकलवाई और गहराई से जांचा तो सुमेरकली का झूठ सामने आ गया। दोनों के मोबाइल की लोकेशन पहले सुकेती गांव में और फिर बहुआ रोड पर थी।
पांच मार्च 2020 को श्यामबाबू का शव मिलने के बाद जब सुमेरकली ने हादसे में उसकी मौत की रिपोर्ट दर्ज कराई तभी से श्यामबाबू का भाई राजू इसका विरोध करने लगा था। उसने पुलिस को सुमेरकली के इतिहास की जानकारी देते हुए इसके पीछे गहरी साजिश की आशंका जताई थी। राजू के लगातार पैरवी के कारण ही पुलिस ने भी जांच में तेजी दिखाई और आखिरकार घटना का खुलासा हो गया।
श्यामबाबू के मोबाइल लोकेशन से पकड़ा गया सुमेरकली का झूठ
ग्रामीणों ने पुलिस को जब बताय कि चार मार्च को सुमेरकली और श्यामबाबू के बीच विवाद हुआ था जो पुलिस ने सुमेरकली से इसकी जानकारी की। लेकिन सुमेरकली पुलिस को भटकाने लगी।
उसने यह तो स्वीकार कर लिया कि श्यामबाबू के साथ उसका विवाद हुआ था लेकिन साथ में यह भी जोड़ दिया कि विवाद के बाद श्यामबाबू अपनी बाइक से कहीं चला गया था, बाद में हादसे में मौत की जानकारी हुई।
लेकिन जब पुलिस ने श्यामबाबू और सुमेरकली के मोबाइल की सीडीआर निकलवाई और गहराई से जांचा तो सुमेरकली का झूठ सामने आ गया। दोनों के मोबाइल की लोकेशन पहले सुकेती गांव में और फिर बहुआ रोड पर थी।
यानि हत्या के बाद पूरी योजना के साथ शव को ठिकाने लगाया गया था। इसके अलावा पुलिस को इस बात पर भी शक हुआ कि श्यामबाबू के रात भर और फिर अगले दिन दोपहर तक न आने के बाद भी सुमेरकली ने उसकी तलाश नहीं की। पुलिस से भी संपर्क नहीं किया। इन्हीं बिंदुओं पर हुई तफ्तीश ने पुलिस को सही मुल्जिम तक पहुंचा दिया।
खुद को फंसते देखा तो दरोगा पर छेड़खानी का आरोप लगा वायरल कर दिया था वीडियो
सुमेरकली कितनी शातिर थी इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने जब खुद को फंसता देखा तो गाजीपुर थाने के एक दरोगा पर छेड़खानी का आरोप लगाकर उसका वीडियो वायरल कर दिया। मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना तो पुलिस भी बैकफुट पर आ गई। जांच कुछ दिनों के लिए ठंडे बस्ते में भी डाल दी गई। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस के हाथ ठोस परिणाम आते गए पुलिस ने फिर से शिकंजा कसना शुरू कर दिया।
खुद को फंसते देखा तो दरोगा पर छेड़खानी का आरोप लगा वायरल कर दिया था वीडियो
सुमेरकली कितनी शातिर थी इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने जब खुद को फंसता देखा तो गाजीपुर थाने के एक दरोगा पर छेड़खानी का आरोप लगाकर उसका वीडियो वायरल कर दिया। मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना तो पुलिस भी बैकफुट पर आ गई। जांच कुछ दिनों के लिए ठंडे बस्ते में भी डाल दी गई। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस के हाथ ठोस परिणाम आते गए पुलिस ने फिर से शिकंजा कसना शुरू कर दिया।