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दहेज हत्या में पति को दस साल की कैद
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कानपुर देहात। दहेज हत्या के मामले में एडीजे सात की अदालत ने पति को दस साल व सास-ससुर को सात-सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर कुल 58 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता धनंजय पांडेय ने बताया कि राजेश्वर ने भोगनीपुर कोतवाली मेें 14 अगस्त 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसने अपनी पुत्री अनीता की शादी कल्ला गांव निवासी शिवबालक के साथ की थी। शादी के बाद से ससुरालीजन बाइक, चोने की जंजीर व नगदी की मांग कर प्रताड़ित करने लगे।
14 अगस्त को उसे कल्ला गांव के ग्रामीणों से सूचना मिली कि उसकी पुत्री का शव फांसी पर लटका है। इस पर वह गांव पहुंचा। वहां पर बेटी का शव साड़ी के फंदे से लटका मिला वहीं मौके से ससुरालीजन फरार थे। पुलिस ने दहेज हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
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मामले की सुनवाई एडीजे सात कनिष्क कुमार सिंह की अदालत में चल रही थी। एडीजीसी ने बताया कि साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी पति शिवबालक को दस साल, ससुर गोरेलाल व सास सरस्वती को सात-सात सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता धनंजय पांडेय ने बताया कि राजेश्वर ने भोगनीपुर कोतवाली मेें 14 अगस्त 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसने अपनी पुत्री अनीता की शादी कल्ला गांव निवासी शिवबालक के साथ की थी। शादी के बाद से ससुरालीजन बाइक, चोने की जंजीर व नगदी की मांग कर प्रताड़ित करने लगे।
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14 अगस्त को उसे कल्ला गांव के ग्रामीणों से सूचना मिली कि उसकी पुत्री का शव फांसी पर लटका है। इस पर वह गांव पहुंचा। वहां पर बेटी का शव साड़ी के फंदे से लटका मिला वहीं मौके से ससुरालीजन फरार थे। पुलिस ने दहेज हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
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मामले की सुनवाई एडीजे सात कनिष्क कुमार सिंह की अदालत में चल रही थी। एडीजीसी ने बताया कि साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी पति शिवबालक को दस साल, ससुर गोरेलाल व सास सरस्वती को सात-सात सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।