रितिक अपहरण कांड: पुलिस का लचर रवैया, परिजनों ने खुद जुटाए फुटेज, चश्मदीदों के बयान भी लिए
रितिक सिंह अपहरण कांड में पुलिस का रवैया बेहद लापरवाही भरा रहा है। तहकीकात के नाम पर सिर्फ खानापूरी की। रितिक के परिजन खुद जांच अधिकारी की तरह काम करते हुए एक एक फुटेज जुटाया। चश्मदीदों से संपर्क कर उनके बयान लिए। बयान के बाकायदा वीडियो बनाए।
पुलिस ने उनसे इन सभी साक्ष्यों को लिया है। इससे पुलिस की लापरवाही का अंदाजा लगाया जा सकता है। परिजनों का कहना है कि रितिक के अपहरण की बड़ी साजिश है। करीब एक दर्जन संदिग्ध कैमरे में दिख रहे थे। जिनमें से पुलिस ने सिर्फ चार को जेल भेजा। पूछताछ भी सही से नहीं की।
कई ऐसे संदिग्ध हैं, जिनसे पुलिस ने संपर्क तक नहीं किया। जिसके बाद वह खुद ही तहकीकात करने में जुट गए। उन्होंने अटल घाट पर लगे कैमरों के अलावा बैराज वाले कैमरे के फुटेज जुटाए। फुटेज करीब 45 मिनट के हैं। जिनमें वह कई फुटेज को संदिग्धता के आधार पर जांच की मांग कर रहे हैं।
पुजारी व गार्ड से ली जानकारी
घाट पर उस दिन सुबह एक पुजारी मौजूद थे। वह फुटेज में दिखे थे। परिजनों ने उनको खोज निकाला। उनसे बातचीत की। जिसमें पुजारी ने किसी के भी डूृबने की बात नहीं बताई। परिजनों का कहना है कि जिस वक्त रितिक घाट पर था उस दौरान 34 लोग मौजूद थे। अगर रितिक डूबता तो कोई न कोई उसको जरूर देखता। केवल वही चार लड़के ही डूबने की बात कह रहे हैं, जिन्होंने उसका सामान चुराया।
कुछ अहम सवाल जो परिजन उठा रहे हैं
- घाट पर रितिक के आसपास लगातार 12 लड़के घूम रहे थे, उनसे पूछताछ क्यों नहीं की गई?
- फुटेज में दिखाई दे रहा है कि रितिक का लोअर व जूता कोई और शख्स सीढ़ियों पर रख रहा है। वह कौन है?
- एक फुटेज में पुलिस ने युवक को पकड़े हुए है, जिसने पूरा सामान बरामद किया, वह कौन है, उस पर कार्रवाई नहीं की गई?
- घाट से निकलने के बाद युवकों ने रितिक का मोबाइल एक गार्ड को दिया था, वापस आकर मोबाइल ले लिया था। इस गार्ड से पूछताछ क्यों नहीं की गई?
- गंगा में कई जगह पर बड़े-बड़े जाल तुरंत लगवाए गए थे, अगर रितिक डूबा है तो फिर शव क्यों नहीं मिला?
- रितिक ने 112 नंबर डायल किया था। इसका मतलब कोई न कोई वजह होगी, पुलिस क्यों नहीं पता कर पा रही?
- घाट से करीब दो सौ मीटर आगे गंगा किनारे की आखिरी सेल्फी रितिक ने ली थी। जिसमें संदिग्ध कैद हुए, वहां से इतनी जल्दी वापस घाट पर आना संभव नहीं है।
- पुलिस की तहकीकात रही सुस्त, एक एक तथ्य परिजनों ने जुटाकर क्राइम ब्रांच को दिए।