{"_id":"68b4b3b63f2bfea58901eeed","slug":"house-worth-crores-sold-by-posing-as-fake-person-with-forged-documents-kanpur-news-c-362-1-ka11011-130281-2025-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: कूटरचित दस्तावेजों से फर्जी व्यक्ति खड़ा कर बेचा करोड़ों का मकान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: कूटरचित दस्तावेजों से फर्जी व्यक्ति खड़ा कर बेचा करोड़ों का मकान
विज्ञापन
कानपुर। कूटरचित दस्तावेजों से फर्जी व्यक्ति खड़ा कर दो लोगों पर करोड़ों रुपये का मकान अपने नाम करवाने का आरोप लगा है। विरोध करने पर पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर जांच कर रही है।
स्वरूपनगर निवासी शरद अग्रवाल ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि पड़ोस में रहने वाली आशालता कटियार एएनडी कॉलेज में प्रोफेसर थीं। उनकी शादी 1976 में पंजाब निवासी श्रीकांत शर्मा से हुई थी। ससुरालीजनों की प्रताड़ना से परेशान होकर आशालता स्वरूपनगर स्थित मां के पास रहने लगीं। मां की मौत के बाद आशालता ही मकान मालिक थीं। वृद्धावस्था के समय आशालता की वह सेवा करते थे। इस पर उन्होंने मकान उनके नाम कर दिया।
आरोप है कि 25 मई 2013 में आशालता का निधन हो गया। इसके 11 दिन बाद जमीन की खरीद-फरोख्त करने वाले हरीशंकर गुप्ता ने अपने भाई हरिमोहन गुप्ता व अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी व्यक्ति को आशालता का पति श्रीकांत शर्मा दर्शाकर अपने पक्ष में विक्रय अनुबंध करवा लिया। साथ ही 31 जुलाई 2013 को मकान का 1001 वर्ग मीटर जमीन का बैनामा सरदार तरसेम सिंह निवासी पंजाब के नाम कर दिया। जब उन्होंने न्यायालय में केस दाखिल किया तो आरोपियों ने श्रीकांत शर्मा की ओर से कई शपथ पत्र दाखिल किए। इसकी जांच में सामने आया कि शपथ पत्रों में लगी फोटो व हस्ताक्षर भिन्न हैं। इसका विरोध करने पर आरोपियों ने फर्जी व्यक्ति को गायब कर दिया जिसकी हत्या किए जाने की आशंका है। साथ ही उनसे गालीगलौज कर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश नारायण पांडेय ने बताया कि रिपोर्ट दर्जकर मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्वरूपनगर निवासी शरद अग्रवाल ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि पड़ोस में रहने वाली आशालता कटियार एएनडी कॉलेज में प्रोफेसर थीं। उनकी शादी 1976 में पंजाब निवासी श्रीकांत शर्मा से हुई थी। ससुरालीजनों की प्रताड़ना से परेशान होकर आशालता स्वरूपनगर स्थित मां के पास रहने लगीं। मां की मौत के बाद आशालता ही मकान मालिक थीं। वृद्धावस्था के समय आशालता की वह सेवा करते थे। इस पर उन्होंने मकान उनके नाम कर दिया।
विज्ञापन
आरोप है कि 25 मई 2013 में आशालता का निधन हो गया। इसके 11 दिन बाद जमीन की खरीद-फरोख्त करने वाले हरीशंकर गुप्ता ने अपने भाई हरिमोहन गुप्ता व अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी व्यक्ति को आशालता का पति श्रीकांत शर्मा दर्शाकर अपने पक्ष में विक्रय अनुबंध करवा लिया। साथ ही 31 जुलाई 2013 को मकान का 1001 वर्ग मीटर जमीन का बैनामा सरदार तरसेम सिंह निवासी पंजाब के नाम कर दिया। जब उन्होंने न्यायालय में केस दाखिल किया तो आरोपियों ने श्रीकांत शर्मा की ओर से कई शपथ पत्र दाखिल किए। इसकी जांच में सामने आया कि शपथ पत्रों में लगी फोटो व हस्ताक्षर भिन्न हैं। इसका विरोध करने पर आरोपियों ने फर्जी व्यक्ति को गायब कर दिया जिसकी हत्या किए जाने की आशंका है। साथ ही उनसे गालीगलौज कर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश नारायण पांडेय ने बताया कि रिपोर्ट दर्जकर मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन