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Kanpur News: होजरी उद्योग पर दोहरी मार, लागत बढ़ी-बिक्री घटी
Fri, 20 Mar 2026 02:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 20 Mar 2026 02:05 AM IST
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रनियां। युद्ध की वजह से होजरी उद्योग पर गहरे संकट में पड़ गया है। केमिकल और रंगों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण उत्पादन लागत तेजी से बढ़ी है। वहीं, बाजार में तैयार उत्पादों के दाम नहीं बढ़ पा रहे हैं। ऐसे में उद्योग संचालकों को सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
जिले के औद्योगिक क्षेत्र रनियां और जैनपुर में टेक्सटाइल और होजरी के 35 से 40 उद्योग संचालित हैं। इनमें एक हजार से अधिक मजदूर कार्यरत हैं। फैक्टरियों से तैयार माल अन्य देशों में पानी के जहाज या किसी बड़े वाहनों के द्वारा भेजा जाता है। उद्यमियों के अनुसार युद्ध से पहले ऑर्डर पर भेजा हुआ माल रास्ते में फंसा है। अब नए ऑर्डर भी नहीं मिल रहे हैं। उद्यमियों के अनुसार अब होजरी उत्पादन लगभग आधा रह गया है। धागे की कीमतों में 12 से 15 फीसदी तक उछाल आया है।
वहीं, डाई केमिकल 30 से 35 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं। इसके चलते तैयार माल की लागत पहले के मुकाबले करीब डेढ़ गुना तक बढ़ गई है। हालांकि, बाजार में बिक्री दरों में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। इससे कारोबारियों की स्थिति और खराब हो गई है। बढ़ी हुई लागत के कारण ग्राहकों की खरीद क्षमता भी प्रभावित हुई है और बिक्री करीब आधी रह गई है। उद्यमियों का अनुमान है कि पिछले 20 से 22 दिनों में केवल होजरी सेक्टर में ही 100 से 150 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है।
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कपड़ा उद्योग भी इससे अछूता नहीं है। कपड़ा उत्पादन में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उद्यमियों ने सरकार से मांग की है कि कच्चे माल की कीमतों को नियंत्रित करने और उद्योग को राहत देने के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएं ताकि इस संकट से उबरा जा सके। उद्योग संचालकों का कहना है कि फिलहाल किसी भी मजदूर को नहीं हटाना है। दरअसल उत्पादन सामान्य होने पर फिर से श्रमिकों की जरूरत पड़ेगी। मौजूदा हालात में मजदूरों को काम देना भी चुनौती बन गया है।
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केमिकल और कलर महंगे होने से होजरी के सामग्री की कीमतें बढ़ीं
केमिकल और कलर की दरों में बढ़ोतरी होने के कारण होजरी सामग्री की कीमतें भी बढ़ गई है। बाजारों में जो बिक्री की जाती है। उनकी दरें नहीं बढ़ती हैं। इसलिए उद्योगों को स्वयं क्षति उठानी पड़ रही है। कपड़ा उद्योग इससे प्रभावित हो रहा है। उद्योगों का उत्पादन घटेगा और लागत बढ़ेगी। बिक्री दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं है। - राजीव शर्मा, होजरी कारोबारी
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डाई केमिकल में 30 से 35 प्रतिशत में तेजी आ गई है। वहीं, धागे में 12 से 15 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। होजरी में करीब पिछले दरों के मुकाबले डेढ़ गुना बढ़ोतरी हुई है। ऐसी स्थिति में लोगों की बिक्री आधी रह गई है। वहीं, लोगों की क्षमता कम हो गई है। 20 से 22 दिनों में होजरी उद्योग को करीब 150 करोड़ से अधिक नुकसान का अनुमान है। उद्यमी समस्याओं को झेल रहा है। किसी भी मजदूर को हटाना मुमकिन नहीं है। - मनोज बंका, होजरी कारोबारी
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जिले के औद्योगिक क्षेत्र रनियां और जैनपुर में टेक्सटाइल और होजरी के 35 से 40 उद्योग संचालित हैं। इनमें एक हजार से अधिक मजदूर कार्यरत हैं। फैक्टरियों से तैयार माल अन्य देशों में पानी के जहाज या किसी बड़े वाहनों के द्वारा भेजा जाता है। उद्यमियों के अनुसार युद्ध से पहले ऑर्डर पर भेजा हुआ माल रास्ते में फंसा है। अब नए ऑर्डर भी नहीं मिल रहे हैं। उद्यमियों के अनुसार अब होजरी उत्पादन लगभग आधा रह गया है। धागे की कीमतों में 12 से 15 फीसदी तक उछाल आया है।
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वहीं, डाई केमिकल 30 से 35 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं। इसके चलते तैयार माल की लागत पहले के मुकाबले करीब डेढ़ गुना तक बढ़ गई है। हालांकि, बाजार में बिक्री दरों में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। इससे कारोबारियों की स्थिति और खराब हो गई है। बढ़ी हुई लागत के कारण ग्राहकों की खरीद क्षमता भी प्रभावित हुई है और बिक्री करीब आधी रह गई है। उद्यमियों का अनुमान है कि पिछले 20 से 22 दिनों में केवल होजरी सेक्टर में ही 100 से 150 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है।
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कपड़ा उद्योग भी इससे अछूता नहीं है। कपड़ा उत्पादन में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उद्यमियों ने सरकार से मांग की है कि कच्चे माल की कीमतों को नियंत्रित करने और उद्योग को राहत देने के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएं ताकि इस संकट से उबरा जा सके। उद्योग संचालकों का कहना है कि फिलहाल किसी भी मजदूर को नहीं हटाना है। दरअसल उत्पादन सामान्य होने पर फिर से श्रमिकों की जरूरत पड़ेगी। मौजूदा हालात में मजदूरों को काम देना भी चुनौती बन गया है।
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केमिकल और कलर महंगे होने से होजरी के सामग्री की कीमतें बढ़ीं
केमिकल और कलर की दरों में बढ़ोतरी होने के कारण होजरी सामग्री की कीमतें भी बढ़ गई है। बाजारों में जो बिक्री की जाती है। उनकी दरें नहीं बढ़ती हैं। इसलिए उद्योगों को स्वयं क्षति उठानी पड़ रही है। कपड़ा उद्योग इससे प्रभावित हो रहा है। उद्योगों का उत्पादन घटेगा और लागत बढ़ेगी। बिक्री दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं है। - राजीव शर्मा, होजरी कारोबारी
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डाई केमिकल में 30 से 35 प्रतिशत में तेजी आ गई है। वहीं, धागे में 12 से 15 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। होजरी में करीब पिछले दरों के मुकाबले डेढ़ गुना बढ़ोतरी हुई है। ऐसी स्थिति में लोगों की बिक्री आधी रह गई है। वहीं, लोगों की क्षमता कम हो गई है। 20 से 22 दिनों में होजरी उद्योग को करीब 150 करोड़ से अधिक नुकसान का अनुमान है। उद्यमी समस्याओं को झेल रहा है। किसी भी मजदूर को हटाना मुमकिन नहीं है। - मनोज बंका, होजरी कारोबारी