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कानपुुर में हॉर्स राइडिंग क्लब का आगाज: टक, टक, टक...घुड़सवारी सीख सकेंगे अब सब

Fri, 03 Dec 2021 03:21 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 03 Dec 2021 03:21 PM IST
सार

कानपुर में हॉर्स राइडिंग क्लब का आगाज हो चुका है। क्लब में प्रशिक्षित पुलिसकर्मी हर दिन शाम तीन से पांच बजे तक घुड़सवारी सिखाएंगे। पांच फेज में घुड़सवारी सिखाई जाएगी। जिसको भी इस संबंध में जानकारी चाहिए वह रेल बाजार स्थित यातायात पुलिस लाइन में जाकर पुलिस अफसरों से ले सकते हैं। 

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Horse Riding Club started in Kanpur: Now everyone will be able to learn horse riding
हॉर्स राइडिंग क्लब का आगाज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आम शहरियों के लिए यातायात पुलिस लाइन में गुरुवार को हॉर्स राइडिंग क्लब का आगाज किया गया। मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर ने क्लब का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद पहले घोड़ों ने करतब दिखाए। उसके बाद पुलिस, प्रशासन के अफसर और छोटे-छोटे बच्चों ने घुड़सवारी का लुत्फ उठाया। दर्शक तालियां बजाकर सभी का उत्साह बढ़ाने में जुटे रहे। इस दौरान पुलिस कमिश्नर असीम अरुण, आईजी रेंज प्रशांत कुमार, एडिशनल सीपी आनंद प्रकाश तिवारी समेत अन्य पुलिस अफसर व उनके परिवार वाले मौजूद रहे। 
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ये होंगी सुविधाएं, घुड़सवारी सीखने का है मौका
क्लब में बच्चों से लेकर बड़ों को घुड़सवारी सीखने का मौका मिलेगा। प्रशिक्षित पुलिसकर्मी हर दिन शाम तीन से पांच बजे तक घुड़सवारी सिखाएंगे। पांच फेज में घुड़सवारी सिखाई जाएगी। जिसको भी इस संबंध में जानकारी चाहिए वह रेल बाजार स्थित यातायात पुलिस लाइन में जाकर पुलिस अफसरों से ले सकते हैं। 
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यह होगी फीस, इस तरह दिया जाएगा प्रशिक्षण
पुलिस अफसरों ने बताया कि प्रशिक्षण की अवधि दो महीने की होगी। हर दिन एक घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसकी फीस 200 रुपये प्रति घंटा होगी। बेसिक कोर्स में घोड़े से दोस्ती कराई जाएगी। किस तरह से घोड़े के पास जाना है। माउंट और डिसमाउंट होने का तरीका (घोड़े पर चढ़ने और उतरने का तरीका), घोड़े की हरकतों की पहचान करना सिखाया जाएगा। पहले फेज में कदमताल, दूसरे फेज में दुलकी के बारे में बताया जाएगा। तीसरे फेज में वॉक टू टॉट, चौथे में फ्री राइडर व आखिरी यानी पांचवें फेज में घुड़सवारी सीखने वाले का टेस्ट लिया जाएगा। टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा। 
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एक नजर में जानें
- क्लब का मकसद है लोगों को घुड़सवारी सिखाना व राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घुड़सवार तैयार करना
- पूरा क्लब सीसीटीवी कैमरों से लैस होगा। 
- साल में एक दिन राइडिंग दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान घुड़सवार पुलिस अपने कौशल व करतब दिखाएगी।
- यह क्लब शहर का पहला हॉर्स राइडिंग क्लब है। 

इन लोगों ने घुड़सवारी का लिया मजा 
मंडलायुक्त राजशेखर, उनकी पत्नी प्रीति, बेटी के अलावा पुलिस कमिश्नर व उनकी पत्नी ने घुड़सवारी की। वहीं सीडीओ की पत्नी सुरभि, आईजी रेंज प्रशांत कुमार समेत अन्य पुलिस अधिकारियों व लोगों ने घुड़सवारी का मजा लिया। 
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