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ऑनर किलिंग: प्रेम विवाह करने पर युवती को पिता-चाचा और भाइयों ने मिलकर मार डाला, ऐसे खुला मामला
Sun, 22 Mar 2020 03:23 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 22 Mar 2020 03:23 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
कानपुर में महाराजपुर के टिकरिया गांव में दूसरी जाति के लड़के से शादी करने पर पिता और भाइयों ने चाचा के साथ मिलकर युवती की हत्या कर दी थी। पुलिस ने शनिवार को भाई और पिता को गिरफ्तार किया तो ऑनर किलिंग का खुलासा हुआ।
टिकरिया गांव में रहने वाले धर्मपाल ने गांव की रीमा पाल से उसके परिवार वालों के खिलाफ जाकर 27 नवंबर 2019 को शादी की थी। शादी के कुछ समय बाद मायके वालों ने बेटी रीमा को झांसे में लेकर समझौता किया और फिर मायके बुलाया था।
इसके कुछ दिन बाद वह संदिग्ध हालात में 25 दिसंबर से लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद भी रीमा का कुछ पता नहीं चला तो पति धर्मपाल ने रीमा के मायके वालों पर संदेह जताते हुए महाराजपुर थाने में अपहरण और जान से मारने की धमकी देने की एफआईआर दर्ज कराई थी।
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मामले की जांच कर रही पुलिस ने शनिवार को पिता चमनलाल और भाई लवलेश को छतमरा से दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि युवती के पिता चमनलाल, चाचा चंदेलाल और भाई लवलेश व दिवेश ने मिलकर हत्या कर दी थी।
इसके बाद शव को यूपीएसआईडीसी के एक प्लाट के सीवर टैंक में बोरी में डालकर फेंक दिया था। थाना प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि अपहरण के मामले को हत्या की धाराओं में तरमीम कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपित लवलेश और चमनलाल को रविवार को जेल भेजने की कार्रवाई होगी। जबकि मामले में पूर्व थानेदार ने भाई दिवेश और चाचा चंदेलाल को अपहरण की धारा में जेल भेजकर मामले को दबा दिया था
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टिकरिया गांव में रहने वाले धर्मपाल ने गांव की रीमा पाल से उसके परिवार वालों के खिलाफ जाकर 27 नवंबर 2019 को शादी की थी। शादी के कुछ समय बाद मायके वालों ने बेटी रीमा को झांसे में लेकर समझौता किया और फिर मायके बुलाया था।
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इसके कुछ दिन बाद वह संदिग्ध हालात में 25 दिसंबर से लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद भी रीमा का कुछ पता नहीं चला तो पति धर्मपाल ने रीमा के मायके वालों पर संदेह जताते हुए महाराजपुर थाने में अपहरण और जान से मारने की धमकी देने की एफआईआर दर्ज कराई थी।
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मामले की जांच कर रही पुलिस ने शनिवार को पिता चमनलाल और भाई लवलेश को छतमरा से दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि युवती के पिता चमनलाल, चाचा चंदेलाल और भाई लवलेश व दिवेश ने मिलकर हत्या कर दी थी।
इसके बाद शव को यूपीएसआईडीसी के एक प्लाट के सीवर टैंक में बोरी में डालकर फेंक दिया था। थाना प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि अपहरण के मामले को हत्या की धाराओं में तरमीम कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपित लवलेश और चमनलाल को रविवार को जेल भेजने की कार्रवाई होगी। जबकि मामले में पूर्व थानेदार ने भाई दिवेश और चाचा चंदेलाल को अपहरण की धारा में जेल भेजकर मामले को दबा दिया था