{"_id":"604f36bda7ba7d09ff129338","slug":"home-kitchen-food-being-available-from-campus-haat-app","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैंपस हाट एप से मिल रहा घर की रसोई वाला खाना, घरेलू महिलाओं को भी हो रही आमदनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैंपस हाट एप से मिल रहा घर की रसोई वाला खाना, घरेलू महिलाओं को भी हो रही आमदनी
Mon, 15 Mar 2021 04:01 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 15 Mar 2021 04:01 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गैर जिलों के छात्रों और कानपुर में नौकरी करने आए लोगों को घर की रसोई का खाना उपलब्ध कराने के लिए आईआईटी के पूर्व छात्रों ने कैंपस हाट फूड एप बनाया है। इससे घरेलू महिलाओं को भी आमदनी हो रही है। लॉकडाउन में शुरू हुए इस एप से इस समय 50 से ज्यादा महिलाएं जुड़ चुकी हैं जो ऑर्डर मिलने पर अपने घरों से खाना बनाकर दे रही हैं।
आईआईटी के पूर्व छात्र गुड्डू कुमार, सागर यादव ने सीएसए के शिक्षक अंशु सिंह सेंगर और अक्षत श्रीवास्तव के साथ मिलकर यह एप बनाया है। उनकी कंपनी आईआईटी के स्टार्टअप इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेल (एसआईआईसी) से इंक्यूबेटेड है।
महीने में पांच हजार रुपये की बिक्री तक घरेलू महिलाओं से भोजन के एवज में कोई कमीशन नहीं लिया जाता है। इससे ऊपर की बिक्री पर कुछ प्रतिशत कमीशन लिया जाता है। खाना आर्डर करने पर बाकायदा डिलीवरी ब्वॉय आपके घर खाना पहुंचाने आता है। एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
विज्ञापन
इन इलाकों में हो रही सप्लाई
इस एप से आईआईटी, नानकारी, गूबा गार्डेन और काकादेव में ब्रेकफास्ट लंच और डिनर की सप्लाई की जा रही है। एप में मार्केटिंग का काम देख रहे प्रखर श्रीवास्तव ने बताया कि सीएसए कैंपस में छात्रों के लिए ब्रेकफास्ट की सुविधा नहीं थी। इसको ध्यान में रखते हुए एक महिला से बात करके किचन को जोड़ा गया है। आने वाले दिनों में सीएसए कैंपस और एचबीटीयू वेस्ट कैंपस में सप्लाई शुरू की जाएगी। इस एप से आप ताजी सब्जियां भी ले सकते हैं। इसके लिए टीम किसानों से ताजी सब्जियां खरीदकर सप्लाई करती है।
विज्ञापन
आईआईटी के पूर्व छात्र गुड्डू कुमार, सागर यादव ने सीएसए के शिक्षक अंशु सिंह सेंगर और अक्षत श्रीवास्तव के साथ मिलकर यह एप बनाया है। उनकी कंपनी आईआईटी के स्टार्टअप इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेल (एसआईआईसी) से इंक्यूबेटेड है।
विज्ञापन
महीने में पांच हजार रुपये की बिक्री तक घरेलू महिलाओं से भोजन के एवज में कोई कमीशन नहीं लिया जाता है। इससे ऊपर की बिक्री पर कुछ प्रतिशत कमीशन लिया जाता है। खाना आर्डर करने पर बाकायदा डिलीवरी ब्वॉय आपके घर खाना पहुंचाने आता है। एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
विज्ञापन
इन इलाकों में हो रही सप्लाई
इस एप से आईआईटी, नानकारी, गूबा गार्डेन और काकादेव में ब्रेकफास्ट लंच और डिनर की सप्लाई की जा रही है। एप में मार्केटिंग का काम देख रहे प्रखर श्रीवास्तव ने बताया कि सीएसए कैंपस में छात्रों के लिए ब्रेकफास्ट की सुविधा नहीं थी। इसको ध्यान में रखते हुए एक महिला से बात करके किचन को जोड़ा गया है। आने वाले दिनों में सीएसए कैंपस और एचबीटीयू वेस्ट कैंपस में सप्लाई शुरू की जाएगी। इस एप से आप ताजी सब्जियां भी ले सकते हैं। इसके लिए टीम किसानों से ताजी सब्जियां खरीदकर सप्लाई करती है।