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कानपुर: तलाक महल के पास बना ऐतिहासिक राधा-कृष्ण मंदिर ढहा, जनहानि नहीं हुई
Sun, 23 May 2021 04:23 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 23 May 2021 04:23 PM IST
सार
तलाक महल के पास बना कई दशक पुराना राधा-कृष्ण का मंदिर ढह गया। मंदिर कैसे और क्यों गिरा जांच में यह बात साफ नहीं हो पाई है।
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राधा-कृष्ण मंदिर ढहा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर में तलाक महल के पास कई दशक पुराना राधा कृष्ण का मंदिर शनिवार सुबह धमाके के साथ भरभराकर ढह गया। मंदिर गिरने से आसपास के लोग दहशत में आ गए। गनीमत रही कि कोई हादसे में हताहत नहीं हुआ। जानकारी होने पर पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची।
नगर निगम की टीम ने मलबा हटाने का काम शुरू किया है। मंदिर कैसे और क्यों गिरा ये साफ नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलेगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। तलाक महल के पास प्राचीन मंदिर है। हालांकि मंदिर में पूजा पाठ कई दशकों से बंद थी।
उसके आसपास पूरा बाजार बना हुआ और दुकानें हैं। इंस्पेक्टर बजरिया राम मूर्ति यादव ने बताया कि शनिवार सुबह करीब छह बजे मंदिर ढहा। सुबह का समय होने की वजह से वहां पर कोई मौजूद नहीं था। जिससे जनहानि नहीं हुई।
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मंदिर के मालिक आजाद नगर निवासी बुजुर्ग अनिल कुमार गुप्ता हैं। उनको इसकी जानकारी दे दी गई है। अगर उनकी तरफ से तहरीर मिलेगी तो जांच की जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर कार्रवाई होगी। फिलहाल नगर निगम मलबा हटाने का काम कर रहा है।
एक बिरयानी वाले से कब्जे का चल रहा है विवाद
मंदिर तेज धमाके के साथ ढहा है। इससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मंदिर का ढहना हादसा या साजिश ये अहम सवाल है। दरअसल मंदिर की जमीन पर कब्जे को लेकर एक बिरयानी वाले से विवाद चल रहा है। ये विवाद काफी पुराना है। यही वजह है कि मंदिर बंद चल रहा था। न पूजा होती थी न उसके कपाट खुलते थे। इस विवाद की वजह से इसमें साजिश की आशंका जताई जा रही है। इंस्पेक्टर ने बताया कि जो भी पुराने मामले इससे जुड़े होंगे उन सभी को खंगाला जाएगा।
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नगर निगम की टीम ने मलबा हटाने का काम शुरू किया है। मंदिर कैसे और क्यों गिरा ये साफ नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलेगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। तलाक महल के पास प्राचीन मंदिर है। हालांकि मंदिर में पूजा पाठ कई दशकों से बंद थी।
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उसके आसपास पूरा बाजार बना हुआ और दुकानें हैं। इंस्पेक्टर बजरिया राम मूर्ति यादव ने बताया कि शनिवार सुबह करीब छह बजे मंदिर ढहा। सुबह का समय होने की वजह से वहां पर कोई मौजूद नहीं था। जिससे जनहानि नहीं हुई।
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मंदिर के मालिक आजाद नगर निवासी बुजुर्ग अनिल कुमार गुप्ता हैं। उनको इसकी जानकारी दे दी गई है। अगर उनकी तरफ से तहरीर मिलेगी तो जांच की जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर कार्रवाई होगी। फिलहाल नगर निगम मलबा हटाने का काम कर रहा है।
एक बिरयानी वाले से कब्जे का चल रहा है विवाद
मंदिर तेज धमाके के साथ ढहा है। इससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मंदिर का ढहना हादसा या साजिश ये अहम सवाल है। दरअसल मंदिर की जमीन पर कब्जे को लेकर एक बिरयानी वाले से विवाद चल रहा है। ये विवाद काफी पुराना है। यही वजह है कि मंदिर बंद चल रहा था। न पूजा होती थी न उसके कपाट खुलते थे। इस विवाद की वजह से इसमें साजिश की आशंका जताई जा रही है। इंस्पेक्टर ने बताया कि जो भी पुराने मामले इससे जुड़े होंगे उन सभी को खंगाला जाएगा।