फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Help of Mukhtar and Abbas continues, henchmen are spending crores, transactions are being done with shell comp

Abbas-Nikhat Case: मुख्तार-अब्बास की मदद जारी, गुर्गे कर रहे करोड़ों खर्च, शेल कंपनियों से हो रहा ट्रांजेक्शन

Tue, 28 Mar 2023 09:06 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 28 Mar 2023 09:06 PM IST
सार

Mukhtar and Abbas Ansari: मुख्तार अंसारी और अब्बास अंसारी की मदद के लिए गुर्गे करोड़ों खर्च कर रहे हैं। इसके लिए बेनामी के साथ शेल कंपनियों से ट्रांजेक्शन किया जा रहा है। मामले में अब एसआईटी, ईडी व इनकम टैक्स के अधिकारियों से मदद ली जा रही है।

विज्ञापन
Help of Mukhtar and Abbas continues, henchmen are spending crores, transactions are being done with shell comp
MLA Abbas Ansari Case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चित्रकूट जिले में माफिया मुख्तार अंसारी, बहू निखत बानो व पुत्र अब्बास की मदद के लिए इनके गुर्गे करोड़ों रुपये प्रदेश के कई जिलों में खर्च कर रहे हैं। यह रुपया हवाला अथवा मनी लॉड्रिंग के जरिए आने की संभावना है। इसके लिए जांच एजेंसियों ने ईडी व इनकम टैक्स के अधिकारियों से मदद ली है।

विज्ञापन

पूर्व में निखत के बैग से सउदी अरब की करेंसी रियाल भी बरामद हो चुकी है। जेल प्रकरण में विधायक अब्बास व उसकी पत्नी निखत के मद्दगारों को नकदी से लेकर महंगे गिफ्ट दिलाने के लिए ऑनलाइन रुपये उपलब्ध कराने वाले वाराणसी के शाहबाज आलम से कुछ और राज सामने आए हैं।
विज्ञापन

इसके लिए छह माह में पौने दो करोड़ रुपये का ट्रांजक्शन हुआ। यह रुपया किस मद से आया इसका हिसाब नहीं। मुख्तार व अब्बास के बही खाते का हिसाब रखने वाले शहबाज आलम ने दो बेनामी खातों से छह माह में 92 लाख व 87 लाख रुपये ट्रांसफर किए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

बेनामी और शेल कंपनियों से हो रहा ट्रांजेक्शन
इन बेनामी कंपनियों के अलावा कुछ शेल कंपनी भी मिली है, जिसमें कैश जमा कर उसको आपराधिक गतिविधियों के लिए इधर-उधर ट्रांसफर किया गया है। यह रुपये मुकदमों व अन्य सुविधाओं को पहुंचाने वालों को दिए जाते थे। मामले में अब एसआईटी, ईडी व इनकम टैक्स के अधिकारियों से मदद ली जा रही है।

जेल प्रकरण में हो सकता है रैकेट
डीआईजी विपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि जेल प्रकरण में अबतक पकड़े गए मददगारों के अलावा नगदी व अन्य महंगे गिफ्ट का प्रलोभन देने वाला रैकेट हो सकता है। वाराणसी से एक एकाउंटेंट के पकड़े जाने के बाद इस बात को बल मिला है कि यह रैकेट दिल्ली तक है। अभी और नाम सामने आ सकते हैं।

क्या हैं शेल कंपनियां व हवाला
शेल कंपनियां कागजों पर बनी ऐसी कंपनियां होती हैं, जो किसी तरह का आधिकारिक कारोबार नहीं करती हैं। इन कंपनियों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जाता है। इनमें केवल कागजों पर एंट्री दर्ज की जाती हैं। इसी प्रकार हवाला का मतलब नकद लेनदेन से होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed