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Kanpur News: रनियां के पानी में बढ़ा भारी तत्वों का प्रकोप, आठ लोगों में मिला मानक से अधिक फ्लोराइड
Thu, 12 Feb 2026 01:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 12 Feb 2026 01:41 AM IST
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कानपुर देहात। खानचंद्रपुर में दूषित हुए भूजल का क्षेत्रफल लगातार बढ़ता जा रहा है। खानचंद्रपुर, उमरन के बाद अब रनियां के चार नए वार्डों तक इसका प्रकोप पहुंचने लगा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चार वार्ड के 120 लोगों की जांच कराई गई थी। इनमें आठ लोगों में मानक से अधिक फ्लोराइड मिला है। वहीं, इन लोगों की अभी क्रोमियम, मर्करी आदि की रिपोर्ट डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट लखनऊ से आने का इंतजार है।
खानचंद्रपुर-मटियामऊ मार्ग पर 20 साल तक करीब 95000 मीट्रिक टन क्रोमियम कचरा डंप रहने से भूजल दूषित हो गया है। इसके बावजूद भी जिम्मेदारों की ओर से पानी में मिलने वाले भारी तत्वों के रोकथाम के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाने से इसका प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। एनजीटी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्र में लोगों के रक्त नमूने लेकर क्रोमियम, मर्करी, फ्लोराइड की जांच कराई जा रही है।
पिछले दो माह में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कराई गई जांच में खानचंद्रपुर व उमरन के सभी लोगों में में मानक से अधिक क्रोमियम पाया जा चुका है। रनियां के भारी तत्वों का प्रकोप बढ़ते देख स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपनी जांच का दायरा बढ़ाकर रनियां के श्याम सुंदर नगर, केशव नगर, बजरंग नगर व आंबेडकर नगर से 30-30 लोगों के रक्त व पेशाब के नमूने लिए गए थे।
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क्रोमियम व मर्करी की जांच के लिए नमूने डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट लखनऊ भेजे गए थे। जबकि फ्लोराइड की जांच के लिए नमूने एम्स रायबरेली भेजे गए थे। एम्स रायबरेली से आई रिपोर्ट में रिपोर्ट में आठ लोगों में मानक से अधिक क्रोमियम पाया गया। इसमें से चार लोगों में तय मानक से दोगुना फ्लोराइड भी पाया गया है। वहीं, लखनऊ से क्रोमियम व मर्करी की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। एम्स रायबरेली की रिपोर्ट ने डॉक्टरों व स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
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इतना होना चाहिए स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में फ्लोराइड
सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में 0.1 से लेकर 1 माइक्रोग्राम तक फ्लोराइड होना चाहिए। इससे अधिक फ्लोराइड शरीर में पहुंच जाने से लोगों के दांतों पर दाग, हड्डियां घनी और कमजोर होना, जोड़ों में दर्द, और गंभीर मामलों में रीढ़ की हड्डी में असामान्यताएं हो सकती हैं। साथ ही पाचन, तंत्रिका तंत्र और अन्य अंगों पर भी बुरा असर पड़ सकता है। जिससे थकान, सिरदर्द, और प्रतिरक्षा में कमी आती है। लोगों के शरीर में मानक से अधिक फ्लोराइड पहुंचने से होने वाले लक्षण की जांच के लिए डेंटल हाईजीनिस्ट को लगवाकर जांच करवाई जाएगी। यदि लोगों में फ्लोराइड से संबंधित कोई समस्या आती है तो उसका विधिवत उपचार किया जाएगा।
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पाल पुरवा में भी 29 लोगों में मिल चुका है मानक से अधिक फ्लोराइड
स्वास्थ्य विभाग की ओर से छह जनवरी से नौ जनवरी तक अभियान चलाकर पालन पुरवा से 104 लोगों के रैंडम तरीके से रक्त व पेशाब के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। इनकी रिपोर्ट में सभी में मानक से अधिक क्रोमियम पाया गया था। जबकि 29 लोगों के खून में मानक से अधिक फ्लोराइड व चार लोगों में मर्करी मिला था। रनियां क्षेत्र में बढ़ रहे भारी तत्वों के खतरों के नाम पर सिर्फ जांच व शिविर में उपचार दिया जा रहा है। जबकि जमीनी स्तर पर भारी तत्वों के खतरे के रोकथाम के लिए कार्य देखने को नहीं मिल रहा है।
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वर्जन..............
एम्स रायबरेली से आई रिपोर्ट में 120 लोगों में से आठ लोगों में मानक से अधिक फ्लोराइड मिला है। इसमें आंबेडकर नगर में एक व श्याम सुंदर नगर के चार लोगों में मानक से दोगुने से अधिक फ्लोराइड मिला है। शेष तीन लाेगों में फ्लोराइड मानक से आंशिक रूप से अधिक है। इन लोगों की क्रोमियम व मर्करी की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी व उपचार के लिए विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्र में शिविर लगाए जा रहे हैं। आगे जो भी एनजीटी की ओर से निर्देश मिलेंगे, उसके हिसाब से कार्य किया जाएगा। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ
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खानचंद्रपुर-मटियामऊ मार्ग पर 20 साल तक करीब 95000 मीट्रिक टन क्रोमियम कचरा डंप रहने से भूजल दूषित हो गया है। इसके बावजूद भी जिम्मेदारों की ओर से पानी में मिलने वाले भारी तत्वों के रोकथाम के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाने से इसका प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। एनजीटी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्र में लोगों के रक्त नमूने लेकर क्रोमियम, मर्करी, फ्लोराइड की जांच कराई जा रही है।
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पिछले दो माह में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कराई गई जांच में खानचंद्रपुर व उमरन के सभी लोगों में में मानक से अधिक क्रोमियम पाया जा चुका है। रनियां के भारी तत्वों का प्रकोप बढ़ते देख स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपनी जांच का दायरा बढ़ाकर रनियां के श्याम सुंदर नगर, केशव नगर, बजरंग नगर व आंबेडकर नगर से 30-30 लोगों के रक्त व पेशाब के नमूने लिए गए थे।
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क्रोमियम व मर्करी की जांच के लिए नमूने डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट लखनऊ भेजे गए थे। जबकि फ्लोराइड की जांच के लिए नमूने एम्स रायबरेली भेजे गए थे। एम्स रायबरेली से आई रिपोर्ट में रिपोर्ट में आठ लोगों में मानक से अधिक क्रोमियम पाया गया। इसमें से चार लोगों में तय मानक से दोगुना फ्लोराइड भी पाया गया है। वहीं, लखनऊ से क्रोमियम व मर्करी की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। एम्स रायबरेली की रिपोर्ट ने डॉक्टरों व स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
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इतना होना चाहिए स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में फ्लोराइड
सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में 0.1 से लेकर 1 माइक्रोग्राम तक फ्लोराइड होना चाहिए। इससे अधिक फ्लोराइड शरीर में पहुंच जाने से लोगों के दांतों पर दाग, हड्डियां घनी और कमजोर होना, जोड़ों में दर्द, और गंभीर मामलों में रीढ़ की हड्डी में असामान्यताएं हो सकती हैं। साथ ही पाचन, तंत्रिका तंत्र और अन्य अंगों पर भी बुरा असर पड़ सकता है। जिससे थकान, सिरदर्द, और प्रतिरक्षा में कमी आती है। लोगों के शरीर में मानक से अधिक फ्लोराइड पहुंचने से होने वाले लक्षण की जांच के लिए डेंटल हाईजीनिस्ट को लगवाकर जांच करवाई जाएगी। यदि लोगों में फ्लोराइड से संबंधित कोई समस्या आती है तो उसका विधिवत उपचार किया जाएगा।
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पाल पुरवा में भी 29 लोगों में मिल चुका है मानक से अधिक फ्लोराइड
स्वास्थ्य विभाग की ओर से छह जनवरी से नौ जनवरी तक अभियान चलाकर पालन पुरवा से 104 लोगों के रैंडम तरीके से रक्त व पेशाब के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। इनकी रिपोर्ट में सभी में मानक से अधिक क्रोमियम पाया गया था। जबकि 29 लोगों के खून में मानक से अधिक फ्लोराइड व चार लोगों में मर्करी मिला था। रनियां क्षेत्र में बढ़ रहे भारी तत्वों के खतरों के नाम पर सिर्फ जांच व शिविर में उपचार दिया जा रहा है। जबकि जमीनी स्तर पर भारी तत्वों के खतरे के रोकथाम के लिए कार्य देखने को नहीं मिल रहा है।
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एम्स रायबरेली से आई रिपोर्ट में 120 लोगों में से आठ लोगों में मानक से अधिक फ्लोराइड मिला है। इसमें आंबेडकर नगर में एक व श्याम सुंदर नगर के चार लोगों में मानक से दोगुने से अधिक फ्लोराइड मिला है। शेष तीन लाेगों में फ्लोराइड मानक से आंशिक रूप से अधिक है। इन लोगों की क्रोमियम व मर्करी की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी व उपचार के लिए विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्र में शिविर लगाए जा रहे हैं। आगे जो भी एनजीटी की ओर से निर्देश मिलेंगे, उसके हिसाब से कार्य किया जाएगा। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ