Farrukhabad: डिप्टी सीएम के जाते ही हेल्थ एटीएम पर लगा ताला, ब्लड बैंक में लगने के बाद मरीजों को नहीं मिला लाभ
शनिवार को उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक को डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल के निरीक्षण में तमाम खामियां मिलीं। वहीं, उनके जाते ही अस्पताल में लगे हेल्थ एटीएम पर भी ताला लग गया है। इससे मरीजों को सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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फर्रुखाबाद जिले में डॉ. राम मनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के निरीक्षण के समय चालू की गई हेल्थ एटीएम में दोबारा ताला लगा दिया हैं। इससे लोगों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोहिया अस्पताल की ब्लड बैंक में 29 सितंबर को हेल्थ एटीएम लगाई गई थी।
इससे चंद मिनट में ही शरीर के कई रोगों की जांच रिपोर्ट की स्लिप निकलने के साथ मोबाइल व मेल आईडी पर मैसेज पहुंच जाता है। मशीन से उसी दिन कुछ स्वास्थ्य कर्मियों की जांचें हुईं और इसके बाद बंद कर दी गई। हेल्थ एटीएम को चलाने के लिए ब्लड बैंक के लैब टेक्नीशियन को ट्रेनिंग भी दी गई, मगर मशीन को मरीजों के लिए चालू नहीं किया गया।
शनिवार को डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के आगमन पर मशीन को चालू किया गया। इसके बाद फिर बंद करके केबिन में ताले डाल दिए गए। स्वास्थ्य महकमा अभी तक संचालन की तैयारी नहीं कर सका। सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि शीघ्र ही नियमित संचालन शुरू कराया जाएगा।
लोहिया अस्पताल में मिली अनियमितताओं की भरमार
बता दें कि शनिवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक को डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल के निरीक्षण में तमाम खामियां मिलीं। एक तीमारदार ने बाजार से दवाई लिखे जाने की बात कही। उन्हें घायल सिपाही की चादर खून से सनी मिली। फर्श व सीढ़ियों पर गंदगी बिखरी थी। इन कमियों पर डिप्टी सीएम ने सीएमएस को फटकार लगाई।
बोले डिप्टी सीएम- जल्द पूरा होगा बेहतर इलाज का वादा
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि जिला वीआईपी श्रेणी में है। अस्पतालों में अच्छे इलाज का वादा शीघ्र पूरा होगा। डॉक्टरों और अन्य स्टॉफ की कमी पूरी होगी। डीएम को स्थानीय स्तर पर भर्ती करने की अनुमति दिलवा दी है। तैनात सात एसीएमओ रोजाना तीन घंटे ओपीडी में मरीजों का इलाज करेंगे।
लोहिया अस्पताल में पत्रकार वार्ता में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ अस्पतालों में डॉक्टरों और स्टॉफ की कमी है। इसके लिए शीघ्र ही स्थानीय स्तर पर संविदा पर भर्ती की जाएगी। जिले में सात एसीएमओ तैनात हैं। यह सभी अलग-अलग रोगों के विशेषज्ञ हैं। सभी एसीएमओ सुबह आठ से 11 बजे तक ओपीडी में मरीजों का इलाज करेंगे।