कोलगेट-पामोलिव इंडिया: मनीष आनंदानी नए एमडी और सीईओ, जानें प्रभा नरसिम्हन को मिली क्या जिम्मेदारी
कोलगेट-पामोलिव इंडिया ने नेतृत्व में बड़े बदलाव की घोषणा की है। प्रभा नरसिम्हन को एशिया-प्रशांत प्रभाग में पदोन्नत किया गया है जबकि मनीष आनंदानी भारत के नए प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे। यह बदलाव 28 सितंबर 2026 से प्रभावी होगा।
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कोलगेट-पामोलिव ने नेतृत्व में बड़े बदलाव की घोषणा की है। कंपनी ने प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रभा नरसिम्हन को वैश्विक भूमिका में पदोन्नत किया है। उनकी जगह मनीष आनंदानी को भारत के लिए नया प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह बदलाव 28 सितंबर 2026 से प्रभावी होगा।
प्रभा नरसिम्हन पिछले चार वर्षों से भारत के कारोबार का नेतृत्व कर रही थीं। अब वह कोलगेट-पामोलिव के एशिया-प्रशांत प्रभाग में कार्यकारी उपाध्यक्ष- मार्केटिंग का पद संभालेंगी। कंपनी के निदेशक मंडल ने शुक्रवार को मनीष आनंदानी की नियुक्ति को मंजूरी दी। उन्हें पांच साल की अवधि के लिए प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया है। आनंदानी की नियुक्ति शेयरधारकों और अन्य वैधानिक मंजूरियों पर निर्भर करेगी। वह केनव्यू (पूर्व जॉनसन एंड जॉनसन कंज्यूमर हेल्थ) से कोलगेट-पामोलिव इंडिया में शामिल हुए हैं। वहां वह भारत और दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक थे। आनंदानी के पास बिक्री, मार्केटिंग, सामान्य प्रबंधन और वरिष्ठ नेतृत्व भूमिकाओं में 30 वर्षों का अनुभव है।
प्रभा नरसिम्हन का कार्यकाल कैसा रहा?
प्रभा नरसिम्हन के चार साल के कार्यकाल में कंपनी ने मौखिक देखभाल बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति मजबूत की। प्रीमियम पोर्टफोलियो की वृद्धि व्यापक बाजार की तुलना में पांच गुना तेज रही। इस दौरान मात्रा-आधारित वृद्धि और उद्योग-अग्रणी लाभ भी दर्ज किया गया। उनके कार्यकाल में डिजिटल बदलाव और त्वरित-कॉमर्स विस्तार पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कोलगेट ब्राइट स्माइल्स, ब्राइट फ्यूचर्स और ओरल हेल्थ मूवमेंट जैसी पहलों के माध्यम से शहरी और ग्रामीण भारत में मौखिक स्वच्छता की आदतों को बढ़ावा दिया। कोलगेट-पामोलिव इंडिया में शामिल होने से पहले, नरसिम्हन ने हिंदुस्तान यूनिलीवर में वरिष्ठ नेतृत्व भूमिकाएं निभाई थीं।
मनीष आनंदानी का अनुभव क्या है?
मनीष आनंदानी के पास 30 वर्षों का व्यापक अनुभव है। उन्होंने बिक्री, मार्केटिंग, सामान्य प्रबंधन और वरिष्ठ नेतृत्व भूमिकाओं में काम किया है। वह पहले 2005 से 2018 के बीच 13 साल तक कोलगेट-पामोलिव के साथ जुड़े रहे थे। इस दौरान वह ग्लोबल कस्टमर डेवलपमेंट में विश्वव्यापी निदेशक के पद तक पहुंचे थे। कोलगेट-पामोलिव इंडिया में शामिल होने से पहले, वह केनव्यू में भारत और दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक थे। उनका अनुभव कंपनी को भारत में अपनी बाजार स्थिति बनाए रखने में मदद करेगा।
यह बदलाव कब से प्रभावी होगा?
कोलगेट-पामोलिव इंडिया में यह महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन 28 सितंबर 2026 से प्रभावी होगा। प्रभा नरसिम्हन अपनी नई वैश्विक भूमिका में उसी दिन से कार्यभार संभालेंगी। मनीष आनंदानी भी इसी तारीख से भारत के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद ग्रहण करेंगे। उनकी नियुक्ति को कंपनी के निदेशक मंडल ने मंजूरी दे दी है। हालांकि, इसे अभी शेयरधारकों और अन्य वैधानिक मंजूरियों से गुजरना होगा। यह बदलाव कंपनी की भविष्य की रणनीतियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।