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Kanpur News: अब एचबीटीयू से मिलेगी मेजर और माइनर विषयों की डिग्री
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कानपुर। हरकोर्ट बटलर तकनीकी विश्वविद्यालय (एचबीटीयू) ने छात्र-छात्राओं को वैश्विक शिक्षा के अनुरूप तैयार करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने एकेडमिक काउंसिल की बैठक में प्रस्ताव पास करते हुए नए सत्र से मेजर के साथ माइनर विषयों में भी डिग्री व्यवस्था लागू की है। छात्रों को रुचि के अनुसार विषय चुनने, कौशल विकसित करने और बहु-विषयक ज्ञान प्राप्त करने का अवसर देने के उद्देश्य से विवि इस व्यवस्था को लागू करेगा।
विवि ने नई व्यवस्था के तहत दो प्रमुख विकल्प मेजर-माइनर कोर्स और ऑनर्स कोर्स तैयार किए हैं। माइनर कोर्स 20 क्रेडिट का होगा जिसे छात्र दूसरे वर्ष के बाद तीसरे और चौथे सेमेस्टर में पूरा करेंगे। इसके लिए विवि ने मेजर विषयों के साथ उपयुक्त माइनर विषयों के संयोजन तैयार किए हैं जिससे तकनीकी शिक्षा के साथ प्रबंधन, डेटा साइंस, एआई, पर्यावरण अध्ययन, डिजाइन या अन्य उभरते क्षेत्रों का ज्ञान भी प्राप्त किया जा सके। इस कोर्स के पूरा होने पर छात्रों को मेजर और माइनर दोनों की डिग्री दी जाएगी।
दूसरी ओर ऑनर्स कोर्स उन छात्रों के लिए है जो शैक्षणिक उत्कृष्टता की ओर बढ़ना चाहते हैं। इस डिग्री के लिए न्यूनतम 7.5 सीजीपीए और 180 क्रेडिट पूरे करना अनिवार्य होगा। ऑनर्स डिग्री छात्र की विषय में विशेषज्ञता और उच्च शैक्षणिक क्षमता के लिए है। यह प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और शोध कार्यों में अतिरिक्त लाभ प्रदान करती है।
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एचबीटीयू की डीन एकेडमिक्स प्रो. वंदना कौशिक ने कहा कि यह बदलाव नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की भावना के अनुरूप है। इसे नए सत्र से लागू किया जाएगा। माइनर विषय लेने वाले छात्रों को किसी एक क्षेत्र तक सीमित न रहकर विविध विषयों की समझ मिलेगी, जिससे वे उद्योगों की बदलती जरूरतों के हिसाब से खुद को ढाल पाएंगे। उदाहरण के तौर पर यदि कोई छात्र इंजीनियरिंग के साथ डेटा साइंस या मैनेजमेंट में माइनर करता है तो उसके लिए कोर इंजीनियरिंग के साथ शोध, स्टार्टअप और कॉरपोरेट सेक्टर में अतिरिक्त अवसर खुल जाते हैं।
वहीं ऑनर्स डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र भविष्य में उच्च शिक्षा के लिए विदेशी विश्वविद्यालयों में आवेदन करते समय मजबूत प्रोफाइल के साथ आगे बढ़ेंगे। शोध एवं नवाचार से जुड़े कॅरिअर, पीएचडी के अवसर और प्रतिष्ठित संस्थानों में इंटर्नशिप प्राप्त करने की संभावना भी बढ़ जाती है।
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विवि ने नई व्यवस्था के तहत दो प्रमुख विकल्प मेजर-माइनर कोर्स और ऑनर्स कोर्स तैयार किए हैं। माइनर कोर्स 20 क्रेडिट का होगा जिसे छात्र दूसरे वर्ष के बाद तीसरे और चौथे सेमेस्टर में पूरा करेंगे। इसके लिए विवि ने मेजर विषयों के साथ उपयुक्त माइनर विषयों के संयोजन तैयार किए हैं जिससे तकनीकी शिक्षा के साथ प्रबंधन, डेटा साइंस, एआई, पर्यावरण अध्ययन, डिजाइन या अन्य उभरते क्षेत्रों का ज्ञान भी प्राप्त किया जा सके। इस कोर्स के पूरा होने पर छात्रों को मेजर और माइनर दोनों की डिग्री दी जाएगी।
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दूसरी ओर ऑनर्स कोर्स उन छात्रों के लिए है जो शैक्षणिक उत्कृष्टता की ओर बढ़ना चाहते हैं। इस डिग्री के लिए न्यूनतम 7.5 सीजीपीए और 180 क्रेडिट पूरे करना अनिवार्य होगा। ऑनर्स डिग्री छात्र की विषय में विशेषज्ञता और उच्च शैक्षणिक क्षमता के लिए है। यह प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और शोध कार्यों में अतिरिक्त लाभ प्रदान करती है।
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एचबीटीयू की डीन एकेडमिक्स प्रो. वंदना कौशिक ने कहा कि यह बदलाव नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की भावना के अनुरूप है। इसे नए सत्र से लागू किया जाएगा। माइनर विषय लेने वाले छात्रों को किसी एक क्षेत्र तक सीमित न रहकर विविध विषयों की समझ मिलेगी, जिससे वे उद्योगों की बदलती जरूरतों के हिसाब से खुद को ढाल पाएंगे। उदाहरण के तौर पर यदि कोई छात्र इंजीनियरिंग के साथ डेटा साइंस या मैनेजमेंट में माइनर करता है तो उसके लिए कोर इंजीनियरिंग के साथ शोध, स्टार्टअप और कॉरपोरेट सेक्टर में अतिरिक्त अवसर खुल जाते हैं।
वहीं ऑनर्स डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र भविष्य में उच्च शिक्षा के लिए विदेशी विश्वविद्यालयों में आवेदन करते समय मजबूत प्रोफाइल के साथ आगे बढ़ेंगे। शोध एवं नवाचार से जुड़े कॅरिअर, पीएचडी के अवसर और प्रतिष्ठित संस्थानों में इंटर्नशिप प्राप्त करने की संभावना भी बढ़ जाती है।