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Ram Nath Kovind in Kanpur: राष्ट्रपति ने कानपुर की स्वच्छता रैंकिंग पर उठाए सवाल, कही ये बात

Thu, 25 Nov 2021 11:35 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 25 Nov 2021 11:35 AM IST
सार

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गुरुवार को हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय (एचबीटीयू) के शताब्दी वर्ष समारोह में शामिल हुए। पढ़ें दिनभर के अपडेट्स...

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HBTU 100 years unmatched: President inaugurated the program
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रपति ने स्वच्छता रैंकिंग पर उठाए सवाल
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कानपुर की स्वच्छता रैंकिंग को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि पिछली रैंकिंग से स्वच्छता गुणवत्ता में सुधार जरूर हुआ है लेकिन यह संतोषजनक स्थिति नहीं है। उन्होंने यहां के लोगों, अधिकारियों, नगर निगम, जनप्रतिनिधियों सभी को स्वच्छता की रैंकिंग में सुधार करने की दिशा में प्रयास करने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर जाकर वहां को समझें। राष्ट्रपति ने कहा कि कानपुर को टॉप फाइव स्वच्छता शहरों की श्रेणी में लाना जरूरी है।

हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी में 100 सालों के उत्सव का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संस्थान पहुंचे। संस्थान पहुंचते ही पूर्व छात्रों, शिक्षको और अधिकारियों के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाई। एचबीटीयू के 100 वर्ष पूरे होने पर राष्ट्रपति ने 100 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया। साथ ही विश्वविद्यालय के नाम पर एक डाक टिकट जारी किया।
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मंच पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, कुलपति प्रोफेसर शमशेर, प्राविधिक शिक्षा मंत्री जितिन  प्रसाद और कैबिनेट मंत्री सतीश महाना मौजूद हैं।  राष्ट्रपति के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी बड़ी स्क्रीन पर हो रहा है। हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के 100 साल के सुनहरे इतिहास को संजोने के लिए संस्थान ने अनूठी व्यवस्था की है। संस्थान की उपलब्धियों को 400 किलो के एक कैप्सूल में रखा जाएगा। संस्थान में बने 60 फीट ऊंचे शताब्दी स्तंभ में इसे सुरक्षित किया जाएगा।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रिमोट दबाकर इतिहास को सुरक्षित करेंगे। शताब्दी स्तंभ के केंद्र से जमीन के भीतर 10 मीटर गहराई तक पाइप डाला गया है। इस पाइप के भीतर ही गनमेटल से बना कैप्सूल डाला जाएगा। ईस्ट कैंपस में स्तंभ बनाया गया है।

स्तंभ साढ़े तीन मीटर चौड़ा है और इसकी परिधि करीब 12 मीटर है। इसमें जाने के लिए सीढ़ियां लगी हैं।कुलसचिव नीरज सिंह ने बताया कि कैप्सूल की बाहरी सेल का वजन 300 किलो व इनर सेल का वजन 100 किलो है। इनर सेल में संस्थान की उपलब्धियों का ब्योरा रखा जाएगा।

कैप्सूल पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में तैयार किया गया है। इनर सेल में संस्थान की उपलब्धियों का ब्योरा रखने के बाद उसमें नाइट्रोजन गैस भरी जाएगी।। नाइट्रोजन गैस भरी होने से जमीन के अंदर दस्तावेजों की सॉफ्ट और हॉर्ड कॉपी लंबे समय तक सुरक्षित रहेगी।


उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे जमीन में नमी बढ़ेगी, वैसे-वैसे कैप्सूल और नीचे होता जाएगा। कार्यक्रम में सौ के सिक्के, वेस्ट कैंपस और संस्थान के 100 साल इतिहास को दर्शाती पुस्तक का विमोचन भी किया जाएगा। वेस्ट कैंपस में चार करोड़ 97 लाख की कीमत से बने मल्टीपरपज हॉल का भी शुभारंभ होगा।
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