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Kanpur in Red Zone: धुंध और प्रदूषण की स्थिति खतरे से पार, एक्यूआई पहुंचा 304, विभागों को जारी हुआ ये अलर्ट

Sun, 06 Nov 2022 10:35 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 06 Nov 2022 10:35 AM IST
सार

प्रदूषण के रेड जोन में आने के साथ ही कानपुर का एक्यूआई 304 पहुंच गया है। शहर में नेहरू नगर की हवा पिछले तीन दिनों से सबसे ज्यादा खराब दर्ज की गई है। इसके मद्देनजर डीएम ने विभागों को अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, धुआं फेंकने वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
 

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Haze and pollution in Kanpur out of danger, AQI reached 304
कानपुर में बढ़ा प्रदूषण का स्तर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर महानगर में धुंध और प्रदूषण की स्थिति खतरे से पार चली गई है। महानगर में प्रदूषण पिछले तीन दिनों से सबसे ज्यादा (वेरी पुअर) श्रेणी में दर्ज किया गया है। शनिवार को भी महानगर के बीचोंबीच स्थित मोहल्ले नेहरूनगर में प्रदूषण की मात्रा 304 एक्यूआई दर्ज की गई।

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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार इस स्थिति को रेड जोन एरिया कहा जाता है। प्रदूषण की इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सभी विभागों को अलर्ट जारी किया गया है। इसमें निर्माण सामग्रियों को ढककर रखने और हर दो घंटे में उस पर पानी का छिड़काव करने का निर्देश दिया गया है।
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इसी तरह धुआं फेंकने वाले वाहनों का तत्काल चालान करने, उसे सड़क पर चलने से रोकने का निर्देश ट्रैफिक विभाग और आरटीओ को दिया गया है।  नेहरूनगर की तरह शहर के दो अन्य स्थानों पर जहां केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने प्रदूषण मापक मीटर लगा रखे हैं।

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वहां भी प्रदूषण की स्थिति खराब मिली है, जिसमें कल्याणपुर क्षेत्र में 240 एक्यूआई और किदवई नगर क्षेत्र में प्रदूषण की मात्रा 239 एक्यूआई दर्ज की गई है। इन दोनों स्थानों की स्थिति सीपीसीबी के अनुसार  खराब (पुअर) बताई गई है। इसे डार्क एलो जोन में रखा गया है।

यह होता है नुकसान
रेड जोन के प्रदूषित क्षेत्र में यदि कोई व्यक्ति ज्यादा देर तक रहता है तो सांस लेने की दिक्कत बढ़ जाती है। श्वांस नली में प्रदूषित कणों के जमा हो जाने से बोलने और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। वहीं, डार्क एलो जोन के प्रदूषित क्षेत्र में एक घंटे से अधिक समय तक रहने पर गले में खराश की दिक्कत बढ़ जाती है।

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