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Kanpur Violence: हयात जफर हाशमी की रिहाई, एक साल बाद जेल से आया बाहर, तीन केसों में पहले ही मिल चुकी थी जमानत

Fri, 28 Jul 2023 10:38 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 28 Jul 2023 10:38 AM IST
सार

Kanpur Crime: अधिवक्ता मो. सलीम ने बताया कि इंस्पेक्टर नवाब अहमद द्वारा मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें हयात को 14 मार्च को और बाकी दोनों मुकदमों में 24 मार्च को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।

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Hayat Zafar Hashmi released, came out of jail after one year, had already got bail in three cases
हयात जफर हाशमी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में नई सड़क हिंसा के मुख्य आरोपी मौलाना मोहम्मद अली (एमएमए) जौहर फैंस एसोसिएशन के अध्यक्ष हयात जफर हाशमी की एक साल बाद जेल से रिहाई हो गई है। हयात को नई सड़क हिंसा से संबंधित तीनों मुकदमों में पहले ही हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी।

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अन्य मुकदमों में भी जमानत मिल गई थी, लेकिन रासुका की कार्रवाई होने के कारण रिहाई अटकी थी। बुधवार को रासुका की सर्वाधिक एक साल की अवधि पूरी होने के बाद चित्रकूट जेल में बंद हयात को रिहा कर दिया गया और गुरुवार को वह कानपुर अपने घर पहुंच गया।
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भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के विवादित बयान के विरोध में हयात ने तीन जून 2022 को बाजार बंदी का आह्वान किया था। बंदी की आड़ में नई सड़क पर हिंसा हो गई थी। हिंसा की आड़ में परेड स्थित चंद्रेश्वर हाता खाली कराने की साजिश भी बनाई गई थी।

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अलग-अलग थानों में दर्ज किए गए थे मुकदमे
इसके बाद बेकनगंज थाने में अलग-अलग तीन मुकदमे दर्ज किए गए थे। एक मुकदमा बेकनगंज इंस्पेक्टर नवाब अहमद, दूसरा मुकदमा बेकनगंज एसएसआई मो. आरिफ और तीसरा मुकदमा चंद्रेश्वर हाते के निवासी मुकेश ने दर्ज कराया था।

सभी आरोपियों को हाईकोर्ट से मिल चुकी है जमानत
जांच में मुख्तार बाबा, हाजी वसी व डी-टू गैंग से जुड़े अपराधियों के नाम भी सामने आए थे। मुकदमे में लगभग सभी आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। अधिवक्ता मो. सलीम ने बताया कि इंस्पेक्टर नवाब अहमद द्वारा मुकदमा दर्ज किया गया था।

जेल से बाहर आने में रासुका बनी थी रोड़ा
इसमें हयात को 14 मार्च को और बाकी दोनों मुकदमों में 24 मार्च को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। इसके अलावा चमनगंज थाने में दर्ज बलवा के एक आठ साल पुराने मुकदमे में भी हयात को पिछले माह अपर जिला जज 16 की अदालत से जमानत मिल गई थी, लेकिन रासुका रोड़ा बनी थी।

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