फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Harsh is the king of language and coding

14 तरह की लैंग्वेज और कोडिंग का बादशाह है हर्ष, पहले लोग पागल बुलाते थे

Sat, 28 Jul 2018 04:57 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 28 Jul 2018 04:57 PM IST
सार

- 16 साल की उम्र में बना दिया था ‘माई चाइल्ड एप’, फोर्ब्स इंडिया 30 की सूची में है शामिल
- टाईयूपी के वार्षिक आमसभा में डिस्प्रेक्सिया से पीड़ित हर्ष ने बताई सफलता की कहानी
 

विज्ञापन
Harsh is the king of language and coding
हर्ष सोनगरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मैं सीधे खड़ा नहीं हो पाता था। बोलने और समझने में भी दिक्कत होती थी। आम बच्चों की तरह मैं कभी खेल नहीं सकता था क्योंकि मुझे डिस्प्रेक्सिया की बीमारी थी। यह ऐसी बीमारी थी जिसने मुझे लोगों के बीच पागल साबित कर दिया था। बच्चे मेरा मजाक उड़ाते थे। कोई मेरे साथ नहीं खेलता था। शुक्रवार को एंटरप्रिन्योर हर्ष सोनगरा ने कुछ इसी अंदाज में अपनी कहानी बताई।
विज्ञापन


हर्ष विकट परिस्थितियों के बावजूद आज दुनिया में सबसे तेजी से उभरते हुए एंटरप्रिन्योर की सूची में शामिल हैं। वह कानपुर के होटल लिटिल शेफ में आयोजित टाई यूपी की आमसभा के फेस टू फेस कार्यक्रम को संबोधित करने आए थे। हर्ष ने बताया कि जब उन्हें और उनके परिजनों को मालूम चल गया कि दुनिया उन्हें स्वीकार नहीं करेगी तब उन्होंने यूट्यूब और इंटरनेट को अपना साथी बना लिया। यूट्यूब पर गेम बनाना और ऐप बनाना सीखा। 16 साल की उम्र थी जब पहला ऐप तैयार किया जिसे ‘माई चाइल्ड ऐप’ नाम दिया।
विज्ञापन


हर्ष ने बताया कि यह ऐप उन बच्चों के परिजनों के लिए था जो दूसरों से अलग थे। पैदा होते ही जिनके लक्षण असामान्य दिखते थे। इस ऐप में कई प्रश्न दिए गए हैं जिसका उत्तर देकर हर पैरेंट्स समझ सकता है कि उसके बच्चे को क्या बीमारी है। यही नहीं उस बीमारी के लिए ऐप में विशेषज्ञ डॉक्टरों के नाम और फिर उनसे अप्वाइनमेंट लेने का तरीका भी बताया गया है। अभी तक इस ऐप को देश के 10 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड कर लिया है। टाई यूपी की आमसभा में प्रेसिडेंट अमित तिवारी, उद्यमी गोपाल सूतवाला, राकेश सूरी, आरके अग्रवाल, टाई की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अंकिता द्विवेदी आदि मौजूद रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 

Harsh is the king of language and coding
टाई यूपी की आमसभा - फोटो : अमर उजाला
बीसीए की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी
भोपाल के रहने वाले हर्ष ने बताया कि 12वीं कॉमर्स से करने के बाद उन्होंने बीसीए में एडमिशन ले लिया। लेकिन दो साल में ही उन्होंने इसे छोड़ दिया और खुद के स्टार्टअप को ही आगे बढ़ाने की कोशिश शुरू कर दी। 19 साल की उम्र में फोर्ब्स 30 इंडिया 30 की सूची में उनका स्टार्टअप शामिल हो गया। उनके इस कारनामे की जानकारी फेसबुक को हुई तो कंपनी की सीओओ शेरलीन सैंडबर्ग ने अपने वॉल पर हर्ष की कहानी पोस्ट की और उसकी तारीफ की।

14 तरह की लैंग्वेज मालूम, कोडिंग का बादशाह
हर्ष ने यूट्यूब के जरिए ही वर्चुअल और कंप्यूटर लैंग्वेज की पढ़ाई की। बताते हैं कि अब उन्हें 14 तरह की कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज मालूम है। वह कोडिंग बेहद आसानी से कर लेते हैं।

स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए बनी नीति
टाई यूपी के वार्षिक आमसभा में प्रदेश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए नीति भी तैयार की गई। तय हुआ कि युवाओं को ज्यादा से ज्यादा स्टार्टअप की तरफ बढ़ाने के लिए उन्हें मेंटरिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed