छह दिन से लापता एसडीएम का स्टेनो घर लौटा, काम के बोझ से परेशान होने की बात कही
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संडीला तहसील में बतौर एसडीएम स्टेनो कार्यरत ग्राम मल्हेरा निवासी आयुष पांडे सोमवार सुबह 9.30 घर से ऑफिस जाने के लिए निकला था। इसके बाद से वह लापता हो गया था। मंगलवार को परिजनों को आयुष के दोनों फोन घर में मिले थे। यही नहीं बुधवार को डाक से 45 दिन की छुट्टी की एप्लीकेशन भी तहसील पहुंची थी।
दो दिन तक पता न चलने के बाद भाई दीप कुमार ने मंगलवार शाम कोतवाली में आयुष की गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस जांच में जुट गई थी। सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान कॉल रिकार्ड खंगालने पर पुलिस को आयुष व यहां पूर्व में तैनात रही महिला अधिकारी के बीच लंबी बातचीत होने के सुबूत मिले थे। इसके बाद से पुलिस ने आयुष की तलाश तेज कर दी थी।
जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी- कोतवाल
शनिवार शाम लखनऊ के एक वकील के साथ आयुष घर लौट आया। आयुष के लौटने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। रविवार को भाई दीप कुमार के साथ आयुष कोतवाली पहुंचा, जहां कोतवाल जगदीश यादव व विवेचक राम केवल ने आयुष से पूछताछ की। आयुष ने बताया कि वह काम के बोझ से परेशान होकर किसी को बिना कुछ बताए घर से निकल गया था। उसका फोन हैंग कर रहा था, इस लिए उसे फॉरमेट कर घर पर ही छोड़ दिया था।
आयुष ने महिला अधिकारी से काम के सिलसिले में बात होने की बात कही है। बताया कि वह सोमवार को सबसे पहले लखनऊ गया, वहां से हरदोई आया और हरदोई से ट्रेन से दिल्ली पहुंचा। बताया कि दिल्ली से वह आगरा, फिर हरियाणा के रोहतक व वहां से जींद गया। घर व परिजनों की चिंता होने पर शनिवार को वह लखनऊ वापस आया और वहां से घर आ गया। कोतवाल जगदीश यादव ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।