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Hardoi: मामा भांजे का अंतिम संस्कार करने से परिजनों का इनकार, मुआवजे में 50 लाख रुपये और नौकरी की मांग
Sun, 24 May 2026 08:47 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: Shikha Pandey
Updated Sun, 24 May 2026 08:47 PM IST
सार
Hardoi News: शनिवार को लखीमपुर में सीओ मोहम्मदी की गाड़ी की टक्कर से बाइक सवार मामा भांजे की जान गई थी। परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।
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रैंगाई में मौके पर लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लखीमपुर खीरी के पसिगवां कोतवाली क्षेत्र में सीओ मोहम्मदी की गाड़ी की टक्कर से बाइक सवार मामा भांजे की मौत होने का मामला रविवार शाम तूल पकड़ गया। पिहानी कोतवाली क्षेत्र के रैंगाई में शव पहुंचने पर परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। कार चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराए जाने, 50 लाख रुपये मुआवजा दिलाए जाने और परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दिलाए जाने की मांग परिजन कर रहे हैं।
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मूलरूप से शाहजहांपुर जनपद के पवायां थाना क्षेत्र के अनावा निवासी रामऔतार कुशवाहा (45) की शादी पिहानी कोतवाली क्षेत्र के रैंगाई निवासी रेशमा के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही रामऔतार परिवार समेत ससुराल में ही रहने लगे थे। उनके मामा जयजयराम (60) भी उनके साथ रैंगाई में रहते थे। रामऔतार के पुत्र अनुज ने बताया कि शनिवार को बाइक से खाद लेने मोहम्मदी जा रहे थे। सीओ मोहम्मदी की गाड़ी ने बाइक में टक्कर मार दी थी।
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घटना में दोनों की मौत होने पर पुलिस ने लखीमपुर में ही शवों का पोस्टमार्टम कराया। रविवार को शव गांव पहुंचने पर परिजन आक्रोशित हो गए। 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, सीओ के चालक के खिलाफ कार्रवाई और सरकारी नौकरी की मांग मृतक के बेटे अनुज कुशवाहा के नेतृत्व में परिजन कर रहे हैं। जानकारी पर सीओ हरियावां अजीत चौहान मौके पर पहुंच गए। परिजनों को समझाने के साथ ही नियमानुसार मदद दिलाए जाने का आश्वासन भी दिया गया। खबर लिखे जाने तक परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं थे।