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Hardoi Election Result: आठ की आठ, भाजपा के ठाठ, सपा का पत्ता साफ, भाजपा की रिकॉर्ड जीत पर हरदोई में मना जश्न

Fri, 11 Mar 2022 03:02 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई Published by: शिखा पांडेय Updated Fri, 11 Mar 2022 03:02 PM IST
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Hardoi Election Result 2022: Hardoi District Vidhan Sabha Seats Result News in Hindi
भाजपा की रिकॉर्ड जीत पर हरदोई में मना जश्न - फोटो : अमर उजाला
हरदोई जिले की आठ की आठ विधानसभा सीटें भाजपा की झोली में चली गईं। खामोश सुनामी की रफ्तार कितनी तेज थी इसका खुलासा मतगणना के दौरान हुआ। कमोवेश हर सीट पर भाजपा की जीत मतगणना के दौरान ही अंदाजे में आ गई थी।
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सारे के सारे कयास धरे के धरे रह गए और विपक्ष जिले में एक भी सीट बांट न सका। गत चुनाव में तो सपा को एक सीट नरेश अग्रवाल के कारण मिल गई थी, मगर इस बार तो सपा का जिले से पत्ता ही साफ हो गया।
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बसपा के लगातार दो चुनावों से जिले में खाली हाथ रह गए है, तो कांग्रेस यहां पिछले कई वर्षों से जीत के सपने देख रही है। इस चुनाव परिणाम में खास बात यह है कि पहली बार भाजपा ने यहां सभी सीटों पर जीत का परचम फहराया है।
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Hardoi Election Result 2022: Hardoi District Vidhan Sabha Seats Result News in Hindi
भाजपा की रिकॉर्ड जीत पर हरदोई में मना जश्न - फोटो : अमर उजाला
सदर सीट पर भाजपा ने रचा इतिहास 
हरदोई सदर सीट पर जीत दर्ज करने के साथ ही भाजपा ने इतिहास रच दिया है। यहां के मतदाताओं ने हमेशा नरेश अग्रवाल के परिवार का साथ दिया और जब भी जिस दल से या निर्दल चुनाव लड़े जीत हासिल की। पहली बार भाजपा से चुनाव लड़ने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री नरेश अग्रवाल के पुत्र पूर्व विस उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल ने 40 हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज कर इतिहास लिख दिया। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी सपा के अनिल वर्मा को बड़े अंतर से हराकर चौथी बार जीत हासिल की है। उनसे पहले उनके पिता नरेश अग्रवाल इस सीट से कई बार विधायक रहे और उनके बाबा स्वर्गीय बाबू श्रीश चंद्र अग्रवाल भी सीट से विधायक रह चुके हैं। नितिन अग्रवाल उपचुनाव 2008 से लगातार चुनाव जीत रहे हैं। चुनाव से पहले भाजपा नेता नरेश अग्रवाल ने कहा कि उनके पिता के साथियों से लेकर उन साथियों का जुड़ाव ही मेरी राजनीति की सबसे बड़ी उपलब्धि है। रिश्तों की डोर लंबी होती जा रही है, मगर कमजोर कभी नहीं हुई है।

बगावत बेअसर, रजनी की दूसरी जीत 
शाहाबाद सीट से भाजपा से लगातार दूसरी जीत हासिल करने वाली रजनी तिवारी की राहें आसान नहीं रहीं। चुनाव शुरू होते ही भाजपा से टिकट ने मिलने से नाराज अखिलेश पाठक ने बगावत करते हुए चुनाव मैदान में ताल ठोंक दी। अखिलेश को मनाने की कोशिशें हुईं, वो जब नहीं मानें तो रजनी ने गांव-गांव जाकर वोटों के लिए झोली फैला दी। सीएम योगी आदित्यनाथ की यहां चुनावी रैली हुई। इसके साथ ही रजनी ने खुद मोर्चा संभालते हुए हर बैठक एवं सभा में एक ही बात कहीं कि विपक्ष के लोग आरोप लगाएं तो कोई तकलीफ नहीं, लेकिन जब मेरे अपने घर के लोग आरोप लगाते हैं तो कलेजा फटने लगता है। कई जगह रजनी यह कहते कहते भावुक होती और फूट फूट कर रोने लगतीं। उनके आंसुओं ने बगावत करने वालों एवं भितरघात करने वालों को किनारे लगा दिया। वोटरों ने एक बार फिर भाजपा में विश्वास जताया और जीत दर्ज की। रजनी इससे पहले सवायजपुर एवं बिलग्राम सीटों से लगातार 2007 के उपचुनाव से 2012 तक विधायक रह चुकी हैं।

Hardoi Election Result 2022: Hardoi District Vidhan Sabha Seats Result News in Hindi
भाजपा की रिकॉर्ड जीत पर हरदोई में मना जश्न - फोटो : अमर उजाला
रानू की जीत में विकास ने लिखी पटकथा 
सवायजपुर से लगातार दूसरी जीत हासिल करने वाले माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू की भारी मतों से हुई जीत की पटकथा में क्षेत्र के विकास कार्यों की अहम भूमिका रही। यूं तो भाजपा की खामोश लहर ने भाजपा प्रत्याशियों को सुनामी की तरह सपोर्ट करते हुए चुनावी महासंग्राम में जीत दिला दी है। इसके बाद भी माधवेंद्र प्रताप सिंह के लिए क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर काम करने के नतीजों के रूप में उनकी बड़ी लीड मानी जा रही है। करीब 40 हजार से अधिक की लीड हासिल करने वाले रानू के लिए 40 वर्षों से अधिक पुराने अर्जुनपुर रामगंगा पुल बनवाने का कार्य सबसे बड़े कामों के रूप में देखा गया। इसके अलावा इलाके की तमाम सड़कों का चौड़ीकरण आदि के कार्य मील के पत्थर बने। जातिगत आरोप लगने के बाद भी माधवेंद्र प्रताप सिंह के स्वभाव एवं व्यवहार पर लोगों ने भरोसा जताया और नतीजा सभी के सामने है कि उन्होंने बहुत बड़ी लीड के साथ उन्होंने जीत दर्ज की है। भाजपा विधायक ने कहा कि क्षेत्र का विकास एवं सभी के साथ ही उनका प्रयास रहा है। यह प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।
 
मतदाताओं ने किया बंपर समर्थन 
संडीला विस सीट ही एक मात्र ऐसी सीट जिले की थी, जिस पर भाजपा ने सिटिंग विधायक राजकुमार अग्रवाल राजिया का टिकट काटकर नए चेहरे के रूप में अलका अर्कवंशी को चुनाव मैदान में उतारा था। भाजपा के इस निर्णय को लेकर भीतर ही भीतर नाराजगी भी रही थी और इस सीट पर भाजपा को कमजोर बताया गया था, मगर जिस तरह से यहां वोटरों ने भाजपा के निर्णय को बंपर समर्थन दिया। दरअसल मतदान संपन्न होने के बाद भाजपा प्रत्याशी के करीबी लोग भी जीत-हार का अंतर 10 हजार के आसपास का आकलन कर रहे थे। चुनाव परिणाम आने के बाद जिस तरह से भाजपा प्रत्याशी को बड़ी लीड मिली है, उससे बात साफ हो गई कि यहां के लोगों ने भाजपा के निर्णय पर बंपर समर्थन दिया है।

Hardoi Election Result 2022: Hardoi District Vidhan Sabha Seats Result News in Hindi
भाजपा की रिकॉर्ड जीत पर हरदोई में मना जश्न - फोटो : अमर उजाला
अटकलें दरकिनार, चुनावी नइया पार 
भाजपा के बिलग्राम-मल्लावां सीट से लगातार दूसरी जीत दर्ज करने वाले आशीष सिंह तेज तर्रार नेता माने जाते रहे हैं। छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय आशीष ने पहला विधानसभा चुनाव इसी सीट से 2017 में लड़ा था और जीत हासिल की थी। इस बार के चुनाव में भाजपा के भितरघात को लेकर उनके लिए मुश्किलों का आकलन किया जा रहा था। दरअसल भाजपा की पूर्व सांसद अंजूबाला के पति पूर्व विधायक सतीश वर्मा के अचानक बसपा से चुनाव मैदान में आने से सीट को लेकर तरह-तरह की अटकलों के साथ इस सीट के फंसने की आशंकाएं जताई जा रहीं थी। इन सबसे दूर खामोश मतदाताओं ने एक बार फिर भाजपा में ही विश्वास जताते हुए उनकी जीत की इबारत लिख दी।

श्याम प्रकाश जपते रहेंगे राम-राम 
सपा छोड़कर भाजपा में आकर 2017 का चुनाव भाजपा से जीतने वाले श्याम प्रकाश ने इसी सीट पर लगातार दूसरी जीत हासिल की। इस सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। कुछ राउंड में सपा प्रत्याशी राजेश्वरी कुछ वोटों से उनके आगे पहुुंचीं तो लोगों की धड़कने बढ़ीं, मगर तमाम लोगों ने विश्वास से कहा कि श्याम प्रकाश राम राम जपते रहेंगे। श्याम प्रकाश को बेबाक नेता माना जाता है। वो इससे पहले कई बार अन्य सीटों से सपा एवं बसपा से विधायक रह चुके हैं। चुनाव के शुरुआती दौर में सीट पर दोबारा जीत को लेकर श्याम प्रकाश के लिए मुश्किलें मानी जा रहीं थी, मगर यहां पर सवर्ण मतदाताओं के बीच श्याम प्रकाश की निजी रिश्तों के जुड़ाव के साथ भाजपा की खामोश सुनामी ने उन्हें जीत दिला दी।

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भाजपा की रिकॉर्ड जीत पर हरदोई में मना जश्न - फोटो : अमर उजाला
रामपाल वर्मा का चल गया जादू 
बालामऊ सीट पर शुरू से ही भाजपा प्रत्याशी रामपाल वर्मा की जीत को लेकर ज्यादातर लोग आश्वस्त से दिखते हैं। यहां से लगातार दूसरी जीत दर्ज करने वाले वर्मा जिले के वरिष्ठ नेता है। इससे पहले वह बेनीगंज सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं। प्रदेश सरकार में बसपा सरकार में मंत्री रह चुके रामपाल वर्मा 2017 के चुनावों से पहले भाजपा में आए थे। भाजपा में आने के बाद से भी लगातार दूसरी बार इस सीट से चुनाव जीते हैं। उन्हें सरल एवं सादगी वाला नेता माना जाता है। उनके भतीजे अशोक रावत मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद हैं। बड़े अंतर से जीत दर्ज करने वाले रामपाल वर्मा की जीत को लेकर पहले से ही तमाम संभावनाएं जताई जा रहीं थी।

प्रभाष का फिर से विजय का सुप्रभात 
सांडी सीट से दूसरी जीत दर्ज करने वाले भाजपा प्रत्याशी प्रभाष कुमार की विजय की राहें काफी कठिन मानी जाती रहीं। यहां उनका सामना इस बार कई बार सांसद एवं विधायक रहीं सपा प्रत्याशी ऊषा वर्मा और बसपा के युवा प्रत्याशी कमल वर्मा से था। लोग तरह-तरह के कयास लगाते रहे, मगर इससे बेफिक्र होकर अपने चुनाव प्रचार में जुटे रहे प्रभाष कुमार को विजय का सुप्रभात मिल गया। उनकी लगातार दूसरी जीत पर उनके शुभचिंतकों से लेकर जुड़े लोगों में हर्ष है।
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