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Hardoi: अंतिम सांस तक जेल में रहेगा नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या का दोषी, नौ साल पुराने मामले में आया फैसला
Sat, 06 Jul 2024 08:20 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 06 Jul 2024 08:20 PM IST
सार
Hardoi News: अपर जिला जज मोहम्मद नसीम ने नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी को अंतिम सांस तक जेल में रहने का फैसला सुनाया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरदोई जिले में नाबालिग से अपने साथी के साथ मिलकर दुष्कर्म और हत्या करने के आरोपी को अपर जिला जज मोहम्मद नसीम (कोर्ट संख्या 14 पॉक्सो एक्ट) ने दोषी करार दिया है। उसे अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की आधी रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता के संरक्षक को देने का आदेश दिया है।
सुरसा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 19 अगस्त 2015 को सुरसा थाने में तहरीर दी थी। बताया था कि उसकी पुत्री (14) दोपहर करीब एक बजे अपने पिता की दवा लेने घर से सेमरा चौराहे गई थी। वापस न आने पर परिजनों ने तलाश की थी। इसी दौरान पड़ोस के खेत में मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि करीब दो बजे उसने किशोरी को घर जाते देखा था। किशोरी के पीछे गांव का मुकेश एक किशोर के साथ जा रहा था। परिजनों ने जब गहनता से तलाश की तो किशोरी का शव ज्वार के खेत में मिला था। पिता ने दुष्कर्म कर हत्या किए जाने की आशंका जताई थी।
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सुरसा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 19 अगस्त 2015 को सुरसा थाने में तहरीर दी थी। बताया था कि उसकी पुत्री (14) दोपहर करीब एक बजे अपने पिता की दवा लेने घर से सेमरा चौराहे गई थी। वापस न आने पर परिजनों ने तलाश की थी। इसी दौरान पड़ोस के खेत में मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि करीब दो बजे उसने किशोरी को घर जाते देखा था। किशोरी के पीछे गांव का मुकेश एक किशोर के साथ जा रहा था। परिजनों ने जब गहनता से तलाश की तो किशोरी का शव ज्वार के खेत में मिला था। पिता ने दुष्कर्म कर हत्या किए जाने की आशंका जताई थी।
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पुलिस ने हत्या व साक्ष्य छिपाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढ़ाई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने मुकेश व एक बाल अपचारी के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, हत्या, पॉक्सो व (एससी/एसटी) की धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। बाल अपचारी की फाइल अलग कर दी गई थी।
अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक मनीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि दोषी ने नाबालिग के साथ पहले सामूहिक दुष्कर्म किया साक्ष्य छिपाने के लिए हत्या कर दी थी। अधिक से अधिक सजा दिए जाने का तर्क दिया। अपर जिला जज मोहम्मद नसीम ने मुकेश को अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई है।