फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Halt: the patient's body was found in bushes

हैलट: झाड़ियों में मिला मरीज का शव

Sun, 10 Jan 2016 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Sun, 10 Jan 2016 01:17 AM IST
विज्ञापन
Halt: the patient's body was found in bushes

जूनियर डाक्टरों की अराजकता के कारण बदनाम

विज्ञापन
हैलट अस्पताल फिर सवालों के घेरे में है। मेडिसिन विभाग के वार्ड नंबर 12 में भर्ती रामदुलारे (65) उर्फ बाबा जी का शव शुक्रवार देर रात झाड़ियों में पाया गया।

फालिस का मरीज वार्ड के पीछे झाड़ियों तक कैसे पहुंच गया, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। झाड़ियों में शव मिलने के बाद रामदुलारे की देखरेख के लिए नियुक्त वार्ड ब्वाय, ड्यूटी डॉक्टर और नर्स की भूमिका संदेह के दायरे में आ गई है।

पांच अक्तूबर को हैलट मेडिसिन विभाग के डॉ. बीपी प्रियदर्शी की यूनिट में रामदुलारे को भर्ती कराया गया था। शरीर के दाहिने हिस्से में फालिस मारने की वजह से उनकी देखरेख के लिए वार्ड ब्वाय को लगाया गया था। शुक्रवार देर रात किसी तीमारदार ने वार्ड में सूचना दी कि रामदुलारे झाड़ियों में पड़े हैं।

इसके बाद कर्मचारी उन्हें झाड़ियों से निकालकर वार्ड  पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सवाल यह उठता है वह कैसी वार्ड के पीछे काफी दूरी पर स्थित झाड़ियों तक कैसे पहुंचे।


इस घटना के बाद वार्ड ब्वाय, ड्यूटी डॉक्टर और नर्स की भूमिका पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। बहरहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रामदुलारे की मौत का कारण सडेन कॉर्डियक अरेस्ट बताया गया है।

कोई मिलने नहीं आया
रामदुलारे ने डॉक्टर को अपने घर का पता फतेहपुर का वरदानपुर बताया था। वह चौबेपुर के एक बड़े स्कूल में नौकरी करते थे। इलाज के कुछ दिन के बाद घर वालों की तलाश शुरू हुई।

इसमें सफलता नहीं मिलने पर चौबेपुर स्थित स्कूल के संचालक को सूचना भी दी गई लेकिन वहां से भी कोई नहीं आया। फिलहाल रामदुलारे के परिवार का पता अब तक नहीं लग सका है।
विज्ञापन


दो महिलाओं में स्वाइन फ्लू के लक्षण
कानपुर। आनंदपुरी की आशा अग्रवाल (52) और एलनगंज की आशा देवी (50) में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखने के बाद जांच के लिए सैंपल भेजा गया है। ये रीजेंसी और चांदनी नर्सिंग होम में भर्ती हैं। सीएमओ डॉ. रामायण प्रसाद यादव ने बताया कि रविवार शाम तक सैंपल की रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लक्षणों के आधार पर दोनों महिलाओं का स्वाइन फ्लू की दवाएं दी जा रही हैं। दूसरी ओर एसजीपीजीआई लखनऊ में भर्ती साकेत नगर की पूजा दीक्षित की हालत शनिवार दोपहर बाद बिगड़ गई। लाल पैथोलॉजी में स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद परिजन पूजा को लेकर लखनऊ चले गए थे। वहां डॉक्टरों ने उन्हें एआरडीएस से पीड़ित बताया है।

नामी डॉक्टर करेंगे हार्निया का फ्री ऑपरेशन
सर गंगाराम अस्पताल, फोर्टिस, मैक्स समेत अन्य प्रमुख अस्पतालों के नामी डॉक्टर सात फरवरी को हैलट में दूरबीन विधि (लैप्रोस्कोपी मेथड) से हार्निया का फ्री ऑपरेशन करेंगे। 

शनिवार को हैलट के लेक्चर थियेटर में हुई प्रेस वार्ता में सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. जीडी यादव ने बताया कि  तेज खांसी, ज्यादा वजन उठाने और कुछ अन्य कारणों से पेट में दबाव पड़ने से आंत उतरने लगती है। इसे हार्निया कहते हैं। बच्चों में जन्मजात हार्निया हो सकती है। इससे पेट में सूजन, दर्द व अन्य समस्या आती है।

इसका दूरबीन विधि से ऑपरेशन आसान हो गया है।16 जनवरी को सर्जरी विभाग में लगने वाले फ्री हार्निया सर्जरी कैंप में ऑपरेशन के लिए रजिस्ट्रेशन होंगे। इस दौरान डॉ. संजय काला, डॉ. आरके मौर्या, डॉ. केबी मिश्रा, डॉ. मनीष वर्मा, डॉ. एमपी सिंह, डॉ. प्रेमशंकर, डॉ. आरके सिंह आदि मौजूद रहे

 ‘फालिस के बाद मरीज के लिए साढ़े चार घंटे अहम’
ब्रेन स्ट्रोक के कारण फालिस (पैरालिसिस) के बाद मरीज के लिए शुरुआती चार घंटे बेहद अहम होते हैं। इस बीच मरीज अस्पताल पहुंच जाए और तत्काल सीटी स्कैन के बाद उसका इलाज शुरू हो जाना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर मरीज के शरीर के अंगों की कार्यक्षमता, आंखों की रोशनी के साथ ही आवाज पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

यह जानकारी शनिवार को काकादेव के नीर क्षीर चौराहे स्थित द पनेशिया हॉस्पिटल में न्यूरो सर्जन डॉ. विकास शुक्ला और न्यूरो फिजीशियन डॉ. पुनीत दीक्षित ने दी। इन्होंने बताया कि अचानक एक तरफ के हाथ या पैर का काम न करना, चलने में परेशानी होना, चेहरे में टेढ़ापन आना, बोलने में परेशानी, एक व्यक्ति दो दिखने, चक्कर आना, अचानक सिरदर्द और बेहोशी आना ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण हैं।


इन लक्षणों के बाद मरीज समय से सुविधाओं से युक्त अस्पताल में पहुंच जाए तो उसे ठीक किया जा सकता है। इस दौरान डॉ. प्रीती शुक्ला, डॉ. अनिल दीक्षित आदि मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed